दिल्ली में डेंगू: कांग्रेस हमेशा न्याय की पक्षधर है, सरकारों की निष्क्रियता, भ्रष्टाचार और बदहाल इफ्रास्ट्रक्चर से जनता बेहाल है। – देवेन्द्र यादव
नई दिल्ली, 5 अगस्त, 2024 –
दिल्ली में डेंगू संकट: जल भराव और मौतों के लिए दोषियों को सजा की मांग
दिल्ली में डेंगू: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि कांग्रेस हमेशा न्याय की पक्षधर और न्यायालय के निर्णय के साथ रही है। दिल्ली में जल भराव, करंट और नाले में डूबने से हुई मौतों के लिए जिम्मेदार जो दोषी है उनको सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री द्वारा गठित राजेन्द्र नगर कोचिंग मामलें डूबने पर हुई मौतों पर बनी कमेटी पर कांग्रेस मांग की थी कि सीबीआई के द्वारा जांच कराई जाऐ।
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उन्होंने कहा कि दिल्ली में बढ़ती अव्यवस्था और स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पर्यावरण के साथ जल भराव जैसी समस्याओं के बाद हुई घटनाओं की जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद हो रही जांच में दोषी सामने आऐंगे और छात्रों सहित अन्य लोगों को भी न्याय मिलेगा।
दिल्ली में डेंगू के मामले दोगुने: जलभराव और बारिश से बीमारी का बढ़ता खतरा
दिल्ली में डेंगू: देवेन्द्र यादव ने कहा कि कई जगह बारिश का पानी जमा होने के बाद डेंगू जैसी जल जनित बीमारी का खतरा दिल्ली वालों पर मंडरा है। 6 जुलाई तक दिल्ली में डेंगू के 256 से अधिक मामले दर्ज हुए थे, जो पिछले वर्ष 2023 और 2020 में दर्ज किए 136 मामलों के लगभग दुगने है।
उन्होंने कहा कि जब दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम को डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों को बढ़ने से रोकने के लिए समय रहते उपाय करने होंगे, क्योंकि बारिश रुकने के बाद मामले हर वर्ष तेजी से बढ़ते है, जबकि इस वर्ष अधिक बारिश दर्ज हुई है। मामले बढ़ेंगे, जबकि दिल्ली के अस्पतालों में डाक्टरों, नर्सो, पेरामेडिकल स्टॉफ की बहुत अधिक कमी है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि अनुभवहीन मंत्रीमंडल के कारण प्रतिदिन उजागर होती कमियां, भ्रष्टाचार और हो रही घटनाओं से दिल्ली की जनता सफर कर रही है। पिछले 10 वर्षों में आम आदमी पार्टी सरकार की प्रशासनिक विफलताओं और जन विरोधी नीतियों के कारण सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने अनगिनत बार तलब किया है कि वो जनकल्याण और जनता को सुविधाएें देने के लिए निष्पक्षता और कर्तव्यनिष्ठा से काम करें।.
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देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली सरकार, दिल्ली नगर निगम और डीडीए द्वारा नालों से गाद निकालने के दावे की पोल खुल चुकी है। कोर्ट के तलब करने पर अब दिल्ली की मंत्री, मेयर, उपराज्यपाल और डीडीए सभी मान रहे है कि गाद निकालने का काम नही हुआ, मतलब इस वर्ष भी गाद निकालने के नाम पर हजारों करोड़ रुपये भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गए। उन्होंने कहा कि नजफगढ़, बारापुला, यमुनापार बेसिन मुख्य प्राकृतिक नाले है जिनका गंदा पानी यमुना में गिरता है।
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उपराज्यपाल द्वारा 16 किमी बारापुला नाले का निरीक्षण किया, जिसमें पाया कि वर्षों से नालों में सफाई का काम हुआ ही नही। उन्हांने कहा कि बारापुला का आधा हिस्सा ए-1 से ए-7 का हिस्सा बाढ़ सिंचाई विभाग और ए-7 से बी तका हिस्सा डीडीए के अंतर्गत आता है। बारापुला में दक्षिण, मध्य और दक्षिण पूर्वी दिल्ली का 80 प्रतिशत वेस्ट यमुना में गिरता है, जिसके जाम होने के कारण हर बारिश में पूरे क्षेत्र जलभराव से प्रभावित होते है। यही हाल नजफगढ़ और यमुनापार बेसिन है।
दिल्ली की सड़कें असुरक्षित: सुप्रीम कोर्ट की रिपोर्ट में 84% फुटपाथ मानकों के खिलाफ
देवेन्द्र यादव ने दिल्ली की सड़कों की खस्ताहाल पर आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की रोड़ सेफ्टी कमेटी की ऑडिट रिपोर्ट में दिल्ली के सिर्फ 25 प्रतिशत फुटपाथ ही लोगों के लिए उपयुक्त है, 84 प्रतिशत फुटपाथ की चौढ़ाई तय मानकों के मुताबिक नही और 69 फीसदी रोड़ साइनेज मानकों के अनुसार नही है। 46 प्रतिशत जोन ऐसे है जिनमें यातायात सुरक्षित चलाने के लिए कदम नही उठाए गए।
रिपोर्ट में आजाद पुर चौक, भलस्वा चौक, मुकरबा चौक, बुराड़ी चौक, मजनू का टीला, पंजाबी बाग चौक, गाजीपुर फ्लाईओवर मुर्गा मंडी, मुकंदपुर चौक, रजोकरी फ्लाईओवर, मधुबन चौक ऐसे है जो दुर्घटना के लिहाज से खतरनाक जंक्शन और स्पॉट है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ने व्यवस्थित यातायात के लिए कोई सावधानी नही बरती।
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