flYHd7E7b2W2XRtP

kerala high court: देवस्वोम आयुक्त को सबरीमाला और मलिकप्पुरम के मेलसंतियों के चयन के लिए लॉटरी में उम्मीदवारों की सूची प्रकाशित करने की अनुमति दी

Untitled 200 x 50 px
हाई कोर्ट ने सुनाया बड़ा फेसला 2024 10 14T124631.710

Table of Contents

kerala high court: केरल उच्च न्यायालय ने देवस्वोम आयुक्त को सबरीमाला और मलिकप्पुरम देवस्वोम के मेलसंतियों के चयन के लिए लॉटरी के उम्मीदवारों की सूची प्रकाशित करने की अनुमति दी है। यह लॉटरी 17 अक्टूबर 2024 को आयोजित की जानी है, जो कि वर्ष 1200 ME (2024-25) के लिए मेलसंतियों का चयन करने के उद्देश्य से होगी। न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) में की थी, जहां त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड-सबरीमाला के विशेष आयुक्त ने चयन प्रक्रिया पर अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश की थी।

kerala high court

kerala high court: न्यायालय का निर्णय

इस मामले में केरल उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अनिल के. नरेन्द्रन और न्यायमूर्ति पी.जी. अजितकुमार की खंडपीठ ने कहा कि स्थिति को ध्यान में रखते हुए, हम देवस्वोम आयुक्त को 17 अक्टूबर 2024 को आयोजित होने वाली लॉटरी के लिए उम्मीदवारों की चयन सूची प्रकाशित करने की अनुमति देते हैं। यह चयन सबरीमाला और मलिकप्पुरम देवस्वोम के मेलसंतियों के लिए होगा और यह वर्ष 1200 ME (2024-25) के लिए लागू होगा।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस सूची में कुछ अतिरिक्त उम्मीदवारों के नाम शामिल करने का निर्णय आगे के आदेशों पर निर्भर करेगा। विशेष रूप से, अतिरिक्त प्रतिवादी 5 और 6, अर्थात् प्रमोद एम. और योगेश नमपूथिरी टी.के., के नाम केवल तभी लॉटरी में शामिल किए जाएंगे जब न्यायालय से इसके लिए आदेश प्राप्त होंगे।

CWD छात्रों के लिए विशेष शिक्षक: 200 new post पर होगी नियुक्ति !

WhatsApp अपडेट: यूजर्स को मिलेगा थीम पर्सनलाइजेशन का special feature ! 2024

kerala high court: सरकारी अधिवक्ता और अमिक्स क्यूरी की भूमिका

इस मामले में वरिष्ठ सरकारी अधिवक्ता (SGP) एस. राजमोहन ने त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड का प्रतिनिधित्व किया, जबकि अमिक्स क्यूरी सयुज्या राधाकृष्णन ने सबरीमाला के विशेष आयुक्त का प्रतिनिधित्व किया। इन दोनों अधिवक्ताओं ने न्यायालय के समक्ष चयन प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत किया।

इस मामले की गंभीरता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए, केरल उच्च न्यायालय ने पूर्व न्यायाधीश टी.आर. रामचंद्रन नायर को पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया, जिन्हें सबरीमाला और मलिकप्पुरम देवस्वोम में मेलसंतियों के चयन की प्रक्रिया की देखरेख करनी थी। यह नियुक्ति 1 अक्टूबर 2024 को की गई थी और न्यायालय ने उनके द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट को रजिस्ट्री में जमा किया।

kerala high court: चयन प्रक्रिया और शिकायतें

त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के स्टैंडिंग काउंसल ने चयन प्रक्रिया के लिए मार्क लिस्ट, तालिका पत्रक और शॉर्टलिस्ट को सीलबंद कवर में अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया। इसके साथ ही, उन्होंने चयन प्रक्रिया से संबंधित 7 कॉम्पैक्ट डिस्क भी अदालत में जमा की।

30 सितंबर 2024 को रजिस्ट्री को एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि कुछ उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट में शामिल किया गया था, जिनके पास मेलसंतियों के पद के लिए आवश्यक 10 वर्षों का लगातार अनुभव नहीं था। इस शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि कुछ उम्मीदवारों ने पिछले 12 वर्षों में मेलसंतियों के रूप में सेवा नहीं दी थी, फिर भी उन्हें साक्षात्कार के लिए चयनित किया गया था।

इसके अलावा, 3 अक्टूबर 2024 को चयन प्रक्रिया के लिए आवेदन जमा किए गए थे। इसके बाद, अदालत ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह चयन प्रक्रिया से संबंधित अन्य दो शिकायतों को सुरक्षित रखे, जो बाद में प्राप्त हुई थीं।

kerala high court: न्यायालय के निर्देश

उच्च न्यायालय ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह अतिरिक्त प्रतिवादी 5 और 6 को ईमेल के माध्यम से नोटिस जारी करे, जिसका जवाब 14 अक्टूबर 2024 तक वापस किया जाना चाहिए। इस नोटिस के साथ एसएससीआर (SSCR) की पूरी प्रति और अदालत का यह आदेश भी संलग्न किया जाएगा।

इसके साथ ही, अदालत ने त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड को निर्देश दिया कि वह लॉटरी की प्रक्रिया को पूर्व आदेशों के अनुसार संचालित करे। लॉटरी की प्रक्रिया पर्यवेक्षक और सबरीमाला के विशेष आयुक्त की उपस्थिति में पूरी की जाएगी।

Headlines Live News

kerala high court: न्यायालय के आगे के कदम

अदालत ने रजिस्ट्री (न्यायिक) को यह भी निर्देश दिया कि वह चयन प्रक्रिया से संबंधित रिपोर्ट, CDs और चयन सूची को सुरक्षित रूप से रखे। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि रजिस्ट्री (न्यायिक) को सीलबंद कवर में चयन सूची की मूल प्रति त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के स्टैंडिंग काउंसल को सौंपनी होगी, जो इसे देवस्वोम आयुक्त को सौंपेंगे।

न्यायालय ने इस मामले को 14 अक्टूबर 2024 को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है, ताकि चयन प्रक्रिया की प्रगति और शिकायतों पर विचार किया जा सके।

केरल उच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह निर्णय सबरीमाला और मलिकप्पुरम देवस्वोम के मेलसंतियों के चयन की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। न्यायालय ने सुनिश्चित किया है कि चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता और सही उम्मीदवारों का चयन हो। यह निर्णय इस बात की पुष्टि करता है कि धार्मिक स्थलों में मेलसंतियों के चयन के मामले में योग्यता और अनुभव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि धार्मिक प्रक्रियाओं का सही तरीके से संचालन हो सके।

Headlines Live News

इसके साथ ही, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया में अगर कोई गड़बड़ी या शिकायत होती है, तो उसे उचित रूप से निपटाया जाएगा। अदालत का यह निर्णय अन्य धार्मिक संस्थानों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत करता है, जो मेलसंतियों या पुजारियों के चयन की प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करना चाहते हैं।

Facebook
WhatsApp
Twitter
Threads
Telegram

Leave a comment