जयपुर के पचार क्षेत्र में इंडियन बैंक द्वारा आयोजित NPA Account Settlement Camp में एनपीए खातों के समाधान, One Time Settlement (OTS) और ऋण निस्तारण पर विशेष रात्रि चौपाल आयोजित की गई। किसानों और ऋणधारकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
NPA Account Settlement Camp: इंडियन बैंक की रात्रि चौपाल में किसानों और ऋणधारकों को मिली राहत
जयपुर। इंडियन बैंक के अंचल कार्यालय जयपुर के निर्देशन में पचार शाखा द्वारा कृषि ऋण और अन्य एनपीए खातों के समाधान के लिए एक विशेष NPA Account Settlement Camp एवं रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य बैंक के गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) खातों का निस्तारण करना, ऋणधारकों को राहत प्रदान करना और वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना के माध्यम से बकाया ऋणों का समाधान निकालना था।
11 जून 2026 को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बैंक अधिकारियों, शाखा प्रबंधकों और ऋणधारकों ने भाग लिया। शिविर में उपस्थित ग्राहकों को उनके बकाया खातों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई और उन्हें बैंक की विभिन्न राहत योजनाओं से अवगत कराया गया। बैंक अधिकारियों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल वसूली करना नहीं, बल्कि ग्राहकों को आर्थिक रूप से पुनः सशक्त बनाना भी है।
पचार में आयोजित हुआ विशेष NPA Account Settlement Camp
इंडियन बैंक द्वारा पचार क्षेत्र में आयोजित यह NPA Account Settlement Camp स्थानीय किसानों और ऋणधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। बैंक की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, लंबे समय से लंबित कृषि ऋण और अन्य बकाया खातों के समाधान के लिए यह विशेष रात्रि चौपाल आयोजित की गई।
शिविर शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक चला, जिसमें बैंक अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से खाताधारकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। बैंक ने खाताधारकों को समझाया कि यदि वे समय रहते अपने खातों का निस्तारण कर लेते हैं तो उन्हें अतिरिक्त ब्याज और कानूनी जटिलताओं से राहत मिल सकती है।
इस दौरान खाताधारकों ने भी अपनी आर्थिक परिस्थितियों और ऋण भुगतान संबंधी चुनौतियों को अधिकारियों के सामने रखा, जिससे समाधान की दिशा में सकारात्मक संवाद स्थापित हुआ।
One Time Settlement (OTS) योजना पर विशेष जोर
NPA Account Settlement Camp शिविर का मुख्य आकर्षण One Time Settlement (OTS) योजना रही। बैंक अधिकारियों ने बताया कि जिन खातों में लंबे समय से बकाया राशि है, उनके लिए OTS एक प्रभावी विकल्प साबित हो सकता है।
OTS योजना के तहत ऋणधारक निर्धारित शर्तों के अनुसार एकमुश्त भुगतान कर अपने खाते का निस्तारण कर सकते हैं। इससे न केवल खाताधारकों को राहत मिलती है बल्कि बैंक के एनपीए खातों में भी कमी आती है।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने ग्राहकों को OTS के लाभ, प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी। कई खाताधारकों ने इस योजना में रुचि दिखाई और बैंक के प्रस्ताव पर सहमति भी व्यक्त की।
बैंक अधिकारियों का कहना है कि OTS योजना आर्थिक रूप से परेशान ग्राहकों को नई शुरुआत का अवसर प्रदान करती है और उन्हें ऋण के बोझ से बाहर निकलने में मदद करती है।
छह शाखाओं के ऋणधारकों ने लिया हिस्सा
इस NPA Account Settlement Camp में इंडियन बैंक की छह शाखाओं के खाताधारकों ने भाग लिया। इनमें सुभाष नगर जयपुर, अंबाबाड़ी, हाथोज, पचार, मुंडिया रामसर और रोजदा शाखाएं शामिल थीं।
इन शाखाओं से जुड़े एनपीए खाताधारकों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था ताकि वे अपने ऋण खातों के समाधान के लिए बैंक अधिकारियों से सीधे संवाद कर सकें।
कार्यक्रम में मौजूद बैंक कर्मचारियों ने खाताधारकों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन दिया। कई ग्राहकों ने अपने खातों से जुड़ी शंकाओं का समाधान मौके पर ही प्राप्त किया।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के शिविरों का आयोजन बैंक और ग्राहकों के बीच विश्वास बढ़ाने के साथ-साथ वित्तीय जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
वरिष्ठ बैंक अधिकारियों ने की भागीदारी
रात्रि चौपाल में NPA Account Settlement Camp इंडियन बैंक के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वसूली विभाग के मुख्य प्रबंधक अमित पारिक तथा पचार शाखा प्रबंधक केवर सिंह यादव सहित अन्य बैंक कर्मचारियों ने कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई।
अधिकारियों ने खाताधारकों को बताया कि बैंक का उद्देश्य ग्राहकों को कठिनाइयों में डालना नहीं बल्कि उनकी वित्तीय स्थिति को सुधारने में सहयोग करना है। उन्होंने खाताधारकों को नियमित भुगतान और वित्तीय अनुशासन के महत्व के बारे में भी जानकारी दी।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि समय पर समाधान निकालने से खाताधारकों का क्रेडिट रिकॉर्ड बेहतर रहता है और भविष्य में उन्हें बैंकिंग सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी होती है।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कई मामलों में मौके पर ही समाधान की दिशा में पहल की और आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी उपलब्ध कराई।
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किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
कृषि ऋण खातों के समाधान के लिए आयोजित यह NPA Account Settlement Camp किसानों के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है। कई किसान प्राकृतिक आपदाओं, बाजार की अनिश्चितताओं और आर्थिक चुनौतियों के कारण समय पर ऋण चुकाने में असमर्थ रहते हैं।
ऐसे में बैंक द्वारा आयोजित रात्रि चौपाल और OTS जैसी योजनाएं किसानों को राहत प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनती हैं। इससे किसानों को अपने वित्तीय दायित्वों को व्यवस्थित करने का अवसर मिलता है और वे दोबारा बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार के शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएं तो ग्रामीण क्षेत्रों में एनपीए खातों की संख्या कम करने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इंडियन बैंक की यह पहल ग्रामीण बैंकिंग को मजबूत बनाने और ग्राहकों के साथ बेहतर संबंध स्थापित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
जयपुर जिले के पचार क्षेत्र में आयोजित NPA Account Settlement Camp ने बैंक और ऋणधारकों के बीच संवाद का एक प्रभावी मंच प्रदान किया। One Time Settlement (OTS) योजना, ऋण निस्तारण और वित्तीय परामर्श जैसी सुविधाओं के माध्यम से कई खाताधारकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
इंडियन बैंक की NPA Account Settlement Camp यह पहल न केवल एनपीए खातों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है बल्कि किसानों और ग्रामीण ग्राहकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का भी प्रयास है। आने वाले समय में ऐसे शिविर बैंकिंग क्षेत्र में विश्वास और सहयोग की नई मिसाल स्थापित कर सकते हैं।





