KERALA HC
नाबालिग बलात्कार पीड़िता का मानसिक आघात अहम
केरल हाईकोर्ट ने 16 वर्षीय नाबालिग बलात्कार पीड़िता को 26 सप्ताह से अधिक की गर्भावस्था समाप्त करने की अनुमति दी
अदालत ने यह फैसला पीड़िता के मानसिक आघात और बार-बार यौन शोषण से उत्पन्न तनाव को ध्यान में रखते हुए दिया
खंडपीठ ने इस मामले में मानसिक स्वास्थ्य की गंभीरता को प्राथमिकता दी
और कहा कि बलात्कार पीड़िताओं के मामलों में मानसिक आघात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
यह निर्णय तब आया जब पीड़िता की मां ने एकल न्यायाधीश के उस आदेश को चुनौती दी
जिसमें गर्भावस्था समाप्त करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था।
एकल न्यायाधीश ने यह फैसला इसलिए दिया था क्योंकि गर्भ 26 सप्ताह से अधिक का था और भ्रूण में कोई चिकित्सीय विकृति नहीं पाई गई थी