DELHI HC
अदालती आदेश में अस्पष्टता अवमानना के खिलाफ बचाव
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि अगर किसी अदालत के आदेश या निर्देश में अस्पष्टता मौजूद है
तो यह अवमानना कार्रवाई के खिलाफ एक मजबूत और पूर्ण बचाव हो सकता है।
यह टिप्पणी न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की एकल पीठ ने
Viterra BV
बनाम
शार्प कॉर्प लिमिटेड
के मामले में की।
हालांकि, शार्प कॉर्प ने यह दलील दी कि संपत्ति गिरवी नहीं थी बल्कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के “पूर्व अधिकार” के अधीन थी
SBI ने पुष्टि की कि संपत्ति पर कोई गिरवी नहीं थी, लेकिन शार्प कॉर्प के साथ वित्तीय लेन-देन जुड़े हुए थे।
अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी आदेश के उल्लंघन को तभी अवमानना माना जाएगा जब वह जानबूझकर किया गया हो।