BMC Election Results 2026: 3 Historic Wins in Mumbai Civic Polls

BMC Election Results 2026 में मुंबई महानगरपालिका के 227 सिटों के लिए हुए चुनाव के बाद महायुति गठबंधन ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया

BMC Election Results 2026: 3 Historic Wins in Mumbai Civic Polls

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BMC Election Results 2026 में मुंबई महानगरपालिका के 227 सिटों के लिए हुए चुनाव के बाद महायुति गठबंधन ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, जिसमें भाजपा प्रमुख भूमिका में है और वह सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है। मतगणना के अंतिम चरण तक भाजपा-सहयोगी शिवसेना (एकनाथ शिंदे) और कांग्रेस ने भी कई वार्डों में जीत दर्ज की है जबकि उद्धव ठाकरे गुट को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इस चुनाव में AIMIM, MNS और अन्य छोटे दलों ने भी महत्वपूर्ण सीटें जीतीं, वहीं voter turnout लगभग 52.94% रहा। पोलिंग और मतगणना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और गठबंधनों के भविष्य पर भी चर्चा तेज हुई, जिससे यह परिणाम महाराष्ट्र के स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक परिस्थिति दोनों के लिए महत्वपूर्ण बन गए हैं।

BMC Election Results 2026: 3 Historic Wins in Mumbai Civic Polls

BMC Election Results 2026: मुंबई में महायुति गठबंधन की शानदार सफलता

BMC Election Results 2026 में मुंबई महानगरपालिका के लिए 15 जनवरी 2026 को हुए मतदान और 16 जनवरी को जारी परिणामों के अनुसार मुंबई के राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव नजर आया है। यह 227 सदस्यीय नगर निकाय देश के सबसे बड़े और सबसे संपन्न नगर निगमों में से एक है और यहां के चुनाव परिणाम महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े हालात का संकेत देते हैं। ऐतिहासिक रूप से शिवसेना ने लगभग तीन दशक तक BMC में सत्ता में रहते हुए यहां का नियंत्रण बनाए रखा, लेकिन इस बार यह परंपरा टूटती नजर आई है।

भाजपा प्रमुख भूमिका में महायुति गठबंधन के तहत स्पष्ट बहुमत पर पहुंची है। गठबंधन ने कुल उपलब्ध 227 सीटों में से लगभग 118 सीटें जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार किया है, जिससे बीएमसी में सीधे सत्ता संभालने का रास्ता साफ हुआ है। भाजपा को अकेले के तौर पर करीब 89 सीटें प्राप्त हुई हैं, जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 29 सीटें जीती हैं। यह परिणाम महायुति के पक्ष में एक निर्णायक समर्थन दर्शाता है।

यह जीत केवल भगवा गठबंधन की बढ़त का ही प्रमाण नहीं है, बल्कि स्थानीय राजनीति में मतदाताओं की प्राथमिकताओं, विकास एजेंडे और प्रशासन की संभावित दिशा को भी दर्शाती है। मुंबई जैसे महानगर में नागरिकों ने विकास, बुनियादी ढांचे, सफाई, जल आपूर्ति, ट्रैफिक व्यवस्थापन, और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं जैसे स्थानीय मुद्दों पर भारी वोटिंग की, जिसने अंतिम परिणामों में बदलाव लाने में भूमिका निभाई।

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BMC Election Results 2026: वार्ड-वार परिणाम और प्रमुख पार्टी प्रदर्शन

BMC Election Results 2026 के अनुसार, 227 वार्डों में से अधिकतर की मतगणना पूर्ण कर ली गई है और कई जगहों पर परिणामों से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि महायुति गठबंधन का प्रभुत्व यहां कायम है। मतगणना के शुरुआती चरण में भाजपा ने कई महत्वपूर्ण वार्डों पर कब्जा किया, जिनमें मुंब्रा, माटुंगा, दादर और अंधेरी जैसे इलाके प्रमुख हैं।

इसके विपरीत, शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) जैसे पार्टियों ने भी कई सीटों पर अच्छा प्रदर्शन किया। खासकर उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना (UBT) ने करीब 65 सीटों पर जीत दर्ज की, जो यह दर्शाता है कि पार्टी के पास अभी भी अपनी आधार मजबूत है। लेकिन केवल अपनी सीटों के आधार पर सत्ता में वापसी करना कठिन दिख रहा है।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने कुछ वार्डों में सफलता पाई, जिनमें धारावी वार्ड से कांग्रेस उम्मीदवार आशा काले ने शानदार जीत हासिल की। इसके अलावा, AIMIM (इंडियन मुस्लिम लीग) ने 8 सीटें जीतकर अपने प्रभाव को दिखाया है। इन परिणामों से यह स्पष्ट होता है कि मुंबई के मतदाता केवल दो प्रमुख दलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अन्य पार्टियों के प्रति भी अपनी वोटिंग जड़ता दिखा रहे हैं।

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सत्ता में बदलाव: बीजेपी ने लगभग तीन दशक पुरानी परंपरा को चुनौती दी

BMC Election Results 2026 का सबसे बड़ा ऐतिहासिक संकेत यह है कि भाजपा और उसके सहयोगियों ने लगभग 25–30 साल से सत्ता में काबिज शिवसेना के लंबे नियंत्रण को चुनौती दी है। पारंपरिक रूप से शिवसेना ने 1990 के दशक के बाद से BMC में लगातार अपने गठबंधन के साथ सत्ता में बनी रही थी, लेकिन इस बार मतदाताओं ने विकास के एजेंडे को प्राथमिकता दी।

राजनीतिक विश्लेषकों और स्थानीय समीक्षकों का मानना है कि यह बदलाव न केवल महायुति गठबंधन की ताकत को दर्शाता है बल्कि यह भी संकेत करता है कि शहरवासियों ने विकास, सुधार और नागरिक सुविधाओं के मुद्दों पर अधिक फोकस किया है। भाजपा नेतृत्व में चल रही यह सफलता उन्हें BMC में सत्ता संभालने के अगले पांच साल के लिए मजबूत दृष्टिकोण प्रदान करती है।

प्रमुख प्रतिक्रियाएं और राजनीतिक प्रतिक्रिया

BMC Election Results 2026 के परिणामों के बाद महाराष्ट्र के राजनैतिक नेताओं ने जोरदार प्रतिक्रियाएं दीं। केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता नितिन गडकरी ने कहा कि जनता ने महायुति गठबंधन और भाजपा जैसी विकास उन्मुख पार्टी को वोट दिया, जो सभी वर्गों के लिए समान अवसर और बेहतर सेवाएं प्रदान करने का प्रयास करेगी।

वहीं एकनाथ शिंदे, शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री, ने विकास-अजेंडा को जनता के समर्थन के रूप में पेश किया और कहा कि परिणाम यह दर्शाते हैं कि विकास कार्यों की सराहना हो रही है, जो महायुति गठबंधन को भविष्य में भी अपने उद्देश्यों के लिए प्रेरित करेगा।

विपक्षी दलों से भी प्रतिक्रियाएं आई, जिनमें कुछ ने चुनाव के निष्पक्षता पर सवाल उठाए। विपक्ष का कहना है कि स्थानीय मुद्दों पर मतदाताओं की प्राथमिकता स्पष्ट नहीं हो पाई और विभिन्न वार्डों में मत विभाजन ने परिणामों को प्रभावित किया।

मतदाता भागीदारी और वोटिंग पैटर्न

BMC Election Results 2026 में लगभग 52.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले चुनावों की तुलना में थोड़ा कम है लेकिन फिर भी नगर निकाय चुनावों में एक महत्वपूर्ण भागीदारी दर्शाता है।

मतदान प्रतिशत शहर के विभिन्न इलाकों में विविध रहा, जिसमें भांडुप, गोराई, मलाड और पश्चिमी उपनगरों में अधिक मतदान देखा गया, जबकि दक्षिण मुंबई और कोलाबा इलाके में अपेक्षाकृत कम मतदान दर्ज हुआ। कुछ वार्डों ने 60 प्रतिशत से अधिक मतदान दिखाया, जबकि कुछ वैकल्पिक क्षेत्रों में यह 20–30 प्रतिशत रहा।

मतदाता व्यवहार विश्लेषण के अनुसार, चुनावी मुद्दों में स्थानीय समस्याएं—पानी, सफाई, ट्रैफिक और बुनियादी सुविधाएं—मतदाताओं के मुख्य निर्णायक कारक रहे।

भविष्य की राजनीति और गठबंधन की दिशा

BMC Election Results 2026 का परिणाम केवल मुंबई तक ही सीमित नहीं है; यह महाराष्ट्र की राजनीति के लिए भी दिशा तय करने वाला है। मुंबई जैसी महत्त्वपूर्ण महानगरपालिका में सत्ता परिवर्तन से राजनीतिक दलों के रणनीतिक समीकरणों में बदलाव हुआ है और आगामी विधानसभा व लोकसभा चुनावों में इसका सीधा प्रभाव देखा जा सकता है।

भाजपा और उसके सहयोगी, चाहे वे शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) हों या अन्य सहयोगी, अब पहले से ज्यादा सक्रिय रूप से स्थानीय प्रशासन सुधार, विकास एजेंडा और योजनाओं पर काम करेंगे। वहीं विपक्षी दलों को भी स्थानीय स्तर पर अपनी रणनीति बदलनी पड़ेगी।

स्थानीय मुद्दों पर जनता की अपेक्षाएं

BMC चुनाव के परिणामों ने स्थानीय प्रशासन से जनता की अपेक्षाओं को भी स्पष्ट किया है। मतदाता अब पारंपरिक राजनीतिक वादों से ऊपर उठकर अपने शहर की सफाई, जल प्रबंधन, ट्रैफिक सुधार, स्वास्थ्य सुविधाएं और शिक्षा समर्थन जैसे मुद्दों पर फोकस कर रहे हैं।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव स्थानीय राजनीति को और अधिक परिणाम-आधारित बनाएगा, जहां जनता का फोकस केवल पार्टी पहचान पर नहीं बल्कि स्थानीय सेवाओं और विकास के परिणामों पर होगा।

उत्तेजना और उत्साह: बीएमसी के भविष्य की ओर

अंत में, BMC Election Results 2026 ने मुंबई के राजनीतिक भविष्य को नया रूप दिया है। महायुति गठबंधन की विजय शहर में एक नए विकास और प्रशासनिक सुधार युग का संकेत देती है।

मतगणना, राजनीतिक प्रतिक्रियाएं, गठबंधनों की समीक्षाएं और मतदाता व्यवहार—इन सभी तत्वों ने मिलकर 2026 के BMC चुनाव परिणामों को एक ऐतिहासिक रूप दिया है जो मुंबई के नागरिकों के लिए प्रेरणा और उम्मीद का स्रोत बन चुका है।

बिंदुविवरण
चुनाव का नामबृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026
फोकस कीवर्डBMC Election Results 2026
कुल वार्ड / सीटें227
मतदान की तारीख15 जनवरी 2026
मतगणना की तारीख16 जनवरी 2026
मतदान प्रतिशतलगभग 52–53%
सबसे बड़ी पार्टी / गठबंधनमहायुति (BJP + Shiv Sena Eknath Shinde गुट)
भाजपा की सीटेंलगभग 85–90 (सबसे बड़ी पार्टी)
शिवसेना (शिंदे गुट)लगभग 25–30 सीटें
शिवसेना (UBT गुट)लगभग 60–65 सीटें
कांग्रेस20–25 सीटें
NCP / अन्य दलसीमित सीटें
AIMIM / MNSकुछ शहरी वार्डों में जीत
स्पष्ट बहुमत का आंकड़ा114 सीटें
चुनाव का बड़ा संदेशविकास और प्रशासन पर मतदाताओं का जोर
ऐतिहासिक पहलूBMC में वर्षों बाद सत्ता संतुलन बदला
राजनीतिक असरमहाराष्ट्र की राजनीति पर बड़ा प्रभाव
आगे की प्रक्रियामहापौर चुनाव और स्थायी समिति गठन
'50 सीटों' का फॉर्मूला 1 'NFS कांग्रेस की देन है' धर्मेंद्र प्रधान का पलटवार 1 'अपरिवर्तनीय' शब्द का प्रभाव 1 'अपरिवर्तनीय' शब्द के प्रयोग मात्र से पावर ऑफ अटॉर्नी अपरिवर्तनीय नहीं 1 'अब का सलाद खईब' गाने से मनोज तिवारी ने दिखाया महंगाई का दर्द 1 'आतंकवादी' शब्द ने बिगाड़ा माहौल 1 'आप' और बीजेपी के बीच मुकाबला 1 'कस्टम अधिकारी' 'पुलिस अधिकारी' नहीं 1 'कांग्रेस को पीलिया हो गया है' 1 'केसरी चैप्टर 2' का ट्रेलर दर्शकों के दिलों को कर गया छू 1 'गलती से मिस्टेक' 1 'जलसा' बंगला श्वेता बच्चन को किया गिफ्ट? 1 'जाट' की रिलीज से पहले उठे सवाल क्या कला और आस्था के बीच संभव है संतुलन? 1 'जाट' टाइटल पर रणदीप हुड्डा का तीखा जवाब "पहचान खुद फिल्म में सामने आएगी" 1 'जुमलों पर झाड़ू चलाएंगे फिर केजरीवाल को लाएंगे' 1 'ट्रिपल इंजन' सरकार की दिशा में सुदृढ़ कदम 1 'देवा' फिल्म की स्क्रीनिंग में रुकावट से अली गोनी का गुस्सा INOX को किया निशाना 1 'पराक्रमो विजयते' बोले अखिलेश यादव 1 'पुष्पा' पर बड़े प्रड्यूसर की विवादित टिप्पणी 1 'बड़ा भाई' 1 'बिग बॉस 18' के विनर बने करण 1 'बिग बॉस 18' में भी दिखा था अनोखा रिश्ता 1 'बिग बॉस 18' से बनी दोस्ती 1 'बिस्मिल्लाह' के साथ मां बनने की भावुक घोषणा 1 'बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट' का नारा 0 'भूल भुलैया 2' की सफलता और तैमूर का प्यार 1 'भूल भुलैया 2'और 'भूल भुलैया 3' की सफलता 1 'मर्दानी' फ्रेंचाइजी की वापसी का ऐलान 1 'मुफ्त की रेवड़ी' आरोपों पर भाजपा को जवाब 1 'मैया यशोदा' गाने की शूटिंग के दौरान क्या हुआ था? 1 'मोहल्ला बस' से 'नमो बस सेवा' तक 1 'रावण के वंशज' आरोप 1 'लाफ्टर शेफ्स 2' में बर्थडे सेलिब्रेशन 0

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5 बड़े कारण: Gold Silver Price Today में तेज उतार-चढ़ाव, जानिए सोना खरीदना फायदेमंद है या नहीं

Gold Silver Price Today India एक बार फिर निवेशकों और आम लोगों के बीच चर्चा का

5 बड़े कारण: Gold Silver Price Today में तेज उतार-चढ़ाव, जानिए सोना खरीदना फायदेमंद है या नहीं

Gold Silver Price Today India एक बार फिर निवेशकों और आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कभी कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचती हैं तो कभी अचानक गिरावट आ जाती है। आखिर Gold Silver Price Today में इतनी अस्थिरता क्यों है? डॉलर इंडेक्स, ब्याज दरें, वैश्विक हालात और निवेशकों की रणनीति इसमें क्या भूमिका निभा रही है? इस रिपोर्ट में जानिए आज के सोने-चांदी के भाव, कीमतों में बदलाव की वजह, आगे का अनुमान और क्या इस समय सोना या चांदी खरीदना सही फैसला होगा।

5 बड़े कारण: Gold Silver Price Today में तेज उतार-चढ़ाव, जानिए सोना खरीदना फायदेमंद है या नहीं

Gold Silver Price Today India: आज के बाजार का हाल क्या है?

Gold Silver Price Today India को लेकर सर्राफा बाजार में सुबह से ही हलचल बनी हुई है। आज देश के प्रमुख शहरों—दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई—में सोने और चांदी की कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। 24 कैरेट सोने के दाम कभी ऊपर जाते दिखे तो कभी मामूली गिरावट के साथ स्थिर हो गए। वहीं चांदी की कीमतों में अपेक्षाकृत ज्यादा अस्थिरता देखने को मिली।

बाजार जानकारों के मुताबिक, मौजूदा हालात में निवेशक बेहद सतर्क हैं। अंतरराष्ट्रीय संकेतों का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ रहा है। अमेरिका और यूरोप से आने वाले आर्थिक आंकड़े, डॉलर की चाल और वैश्विक महंगाई के आंकड़े सोने-चांदी की दिशा तय कर रहे हैं।

सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि शादी-ब्याह के सीजन में भले ही मांग बनी हुई है, लेकिन ऊंची कीमतों की वजह से खरीदार सोच-समझकर खरीदारी कर रहे हैं। यही वजह है कि Gold Silver Price Today India में तेजी और मंदी दोनों का असर एक साथ नजर आ रहा है।

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Gold Silver Price Today India: कीमतों में उतार-चढ़ाव के 5 बड़े कारण

Gold Silver Price Today India में उतार-चढ़ाव के पीछे सिर्फ एक वजह नहीं, बल्कि कई फैक्टर काम कर रहे हैं।

डॉलर इंडेक्स की मजबूती

जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो सोना और चांदी महंगे हो जाते हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग घटती है और कीमतों पर दबाव पड़ता है।

ब्याज दरों की अनिश्चितता

अमेरिकी फेडरल रिजर्व और अन्य केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीति सोने-चांदी की कीमतों को सीधे प्रभावित करती है। ऊंची ब्याज दरें निवेशकों को बॉन्ड और अन्य साधनों की ओर आकर्षित करती हैं।

वैश्विक आर्थिक हालात

युद्ध, भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक मंदी की आशंका के समय सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है, जिससे कीमतें बढ़ती हैं।

औद्योगिक मांग

चांदी एक औद्योगिक धातु भी है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटो सेक्टर में मांग घटने-बढ़ने से Silver Price Today में ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है।

घरेलू मांग और टैक्स

भारत में आयात शुल्क, GST और स्थानीय मांग भी Gold Silver Price Today India को प्रभावित करते हैं।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

मौजूदा हालात में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या अभी सोना या चांदी खरीदना सही रहेगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो सोना अब भी एक सुरक्षित विकल्प है। हालांकि एकमुश्त निवेश की बजाय SIP या चरणबद्ध खरीद बेहतर रणनीति मानी जा रही है।

चांदी में निवेश करने वालों को थोड़ा ज्यादा सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि इसमें उतार-चढ़ाव की संभावना ज्यादा रहती है। छोटे निवेशक Silver ETF या डिजिटल सिल्वर जैसे विकल्पों पर भी विचार कर सकते हैं।

आगे क्या? सोने-चांदी का आउटलुक

आने वाले दिनों में Gold Silver Price Today India की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर निर्भर करेगी। अगर अमेरिका से महंगाई के आंकड़े कमजोर आते हैं या ब्याज दरों में कटौती के संकेत मिलते हैं, तो सोने को सपोर्ट मिल सकता है।

वहीं चांदी की कीमतें औद्योगिक मांग और वैश्विक ग्रोथ आउटलुक से जुड़ी रहेंगी। कुल मिलाकर, बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।

क्या अभी खरीदारी करनी चाहिए?

अगर आप गहनों के लिए सोना खरीद रहे हैं, तो कीमतों में गिरावट के दौरान खरीदारी करना समझदारी हो सकती है। निवेश के लिहाज से, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जल्दबाजी से बचें और बाजार के ट्रेंड को समझकर कदम उठाएं।

City24K Gold (₹)22K Gold (₹)Change
Delhi63,45058,200↕ Volatile
Mumbai63,30058,050↕ Volatile
Chennai63,60058,350↕ Volatile
Kolkata63,40058,150↕ Volatile
Bengaluru63,35058,100↕ Volatile
Hyderabad63,30058,050↕ Volatile

FAQ

1️⃣ Gold & Silver Price Today India क्यों बदलते रहते हैं?

सोने और चांदी की कीमतें डॉलर इंडेक्स, अंतरराष्ट्रीय बाजार, ब्याज दरों, महंगाई के आंकड़ों और घरेलू मांग के कारण रोज़ बदलती रहती हैं।

2️⃣ क्या आज सोना खरीदना सही फैसला है?

विशेषज्ञों के अनुसार, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना अब भी सुरक्षित विकल्प है, लेकिन एकमुश्त निवेश की बजाय चरणबद्ध खरीद (Buy on Dip) बेहतर मानी जाती है।

3️⃣ चांदी की कीमत में उतार-चढ़ाव ज्यादा क्यों होता है?

चांदी एक औद्योगिक धातु भी है। इसकी मांग सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटो सेक्टर से जुड़ी होती है, इसलिए इसकी कीमतें सोने की तुलना में ज्यादा तेजी से बदलती हैं।

4️⃣ अंतरराष्ट्रीय बाजार का भारत में गोल्ड-सिल्वर की कीमतों पर क्या असर पड़ता है?

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने-चांदी के भाव, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतें सीधे तौर पर भारत में गोल्ड-सिल्वर रेट को प्रभावित करती हैं।

5️⃣ निवेश के लिए सोना बेहतर है या चांदी?

जो निवेशक कम जोखिम चाहते हैं उनके लिए सोना बेहतर है, जबकि ज्यादा रिटर्न और जोखिम लेने वालों के लिए चांदी एक विकल्प हो सकती है।