Delhi Road Redevelopment परियोजना को ₹802 करोड़ की मंजूरी। 400KM सड़कें होंगी अपग्रेड, प्रदूषण घटेगा और ट्रैफिक होगा बेहतर—जानें पूरी योजना।
Delhi Road Redevelopment के तहत राजधानी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लगभग ₹802.18 करोड़ की व्यापक सड़क सुधार परियोजना को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य दिल्ली की सड़कों को गड्ढामुक्त, समतल और लंबे समय तक टिकाऊ बनाना है। इस योजना के तहत 45 से अधिक विधानसभाओं की करीब 400 किलोमीटर लंबी 241 प्रमुख सड़कों का पुनर्विकास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार, यह परियोजना केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से लागू की जा रही है, जिसमें सेंट्रल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (CRIF) से बड़ा वित्तीय समर्थन मिलेगा। ‘वॉल-टू-वॉल कारपेटिंग’ तकनीक का उपयोग कर पूरी सड़क की चौड़ाई में समान गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का लक्ष्य साल के अंत तक इस परियोजना को पूरा करना है, जिससे यातायात सुगम होगा, प्रदूषण में कमी आएगी और नागरिकों को सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा।
Delhi Road Redevelopment: क्या है ₹802 करोड़ की यह मेगा परियोजना?
Delhi Road Redevelopment केवल सड़क मरम्मत योजना नहीं, बल्कि राजधानी के शहरी ढांचे को आधुनिक बनाने का प्रयास है। इस परियोजना में लगभग ₹802.18 करोड़ खर्च किए जाएंगे, जिसमें से ₹643.36 करोड़ केंद्र सरकार और ₹158.82 करोड़ दिल्ली सरकार द्वारा दिए जाएंगे।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं:
- 241 से अधिक प्रमुख सड़कों का पुनर्विकास
- 400 किमी सड़क नेटवर्क का सुधार
- 45+ विधानसभाओं को कवर
- उन्नत निर्माण तकनीक का उपयोग
सरकार का कहना है कि पारंपरिक पैचवर्क मॉडल की जगह अब स्थायी समाधान अपनाया जाएगा। अक्सर सड़कों पर केवल गड्ढे भर दिए जाते थे, जिससे कुछ समय बाद समस्या फिर लौट आती थी। नई प्रणाली पूरी सड़क को एक समान स्तर पर विकसित करेगी।
यह परियोजना दिल्ली के तेजी से बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए तैयार की गई है।
Delhi Road Redevelopment: ‘वॉल-टू-वॉल’ तकनीक क्यों है खास?
Delhi Road Redevelopment में अपनाई जा रही ‘वॉल-टू-वॉल कारपेटिंग’ तकनीक को गेमचेंजर माना जा रहा है। इस तकनीक के तहत सड़क की पूरी चौड़ाई को एक साथ तैयार किया जाता है।
इसके फायदे:
सड़क की आयु बढ़ती है
बार-बार मरम्मत की जरूरत कम
ड्राइविंग अनुभव बेहतर
दुर्घटनाओं का जोखिम घटता
मुख्यमंत्री के अनुसार, आधे-अधूरे निर्माण से सड़क जल्दी खराब हो जाती है। इसलिए इस बार गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया गया है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि आधुनिक सड़क निर्माण में बेस लेयर मजबूत करना, जल निकासी व्यवस्था बनाना और अंतिम कारपेटिंग को तकनीकी मानकों के अनुसार करना बेहद जरूरी है।
प्रदूषण कम करने में कैसे मदद करेगी यह योजना?
दिल्ली लंबे समय से वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है। टूटी सड़कों से उड़ने वाली धूल पार्टिकुलेट मैटर (PM) बढ़ाती है।
नई सड़कों से संभावित लाभ:
- हवा में धूल के कण कम
- आसपास की स्वच्छता बेहतर
- वाहनों की गति सुचारु
- ट्रैफिक जाम में कमी
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क की सतह जितनी सीलबंद होगी, उतना ही कम धूल उड़ेगी।
यह परियोजना पर्यावरण सुधार की दिशा में भी अहम कदम मानी जा रही है।
Delhi Road Redevelopment:किन प्रमुख सड़कों का होगा कायाकल्प?
योजना में कई महत्वपूर्ण मार्ग शामिल हैं, जो रोजाना हजारों वाहनों का दबाव झेलते हैं।
प्रमुख सड़कें:
- आउटर रिंग रोड
- राव तुला राम मार्ग
- अगस्त क्रांति मार्ग
- लाला लाजपत राय मार्ग
- डीबी गुप्ता रोड
- शामनाथ मार्ग
- प्रीत विहार रोड
- नजफगढ़-झाड़ौदा रोड
- लोनी रोड
इनके अलावा विभिन्न क्षेत्रों की कई फ्लाईओवर और कनेक्टिविटी सड़कें भी सुधारी जाएंगी।
चरणबद्ध तरीके से होगा काम, ट्रैफिक पर कम असर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य चरणों में किया जाएगा ताकि लोगों को न्यूनतम असुविधा हो।
कार्य रणनीति:
- ट्रैफिक डायवर्जन प्लान
- रात के समय निर्माण
- तेज निष्पादन
- नियमित मॉनिटरिंग
लक्ष्य है कि साल के अंत तक दिल्ली को नई, मजबूत सड़कें मिलें।
आर्थिक और शहरी विकास पर प्रभाव
मजबूत सड़कें किसी भी शहर की विकास यात्रा की रीढ़ होती हैं।
संभावित प्रभाव:
- लॉजिस्टिक्स बेहतर
- व्यापार को बढ़ावा
- यात्रा समय कम
- ईंधन की बचत
शहरी योजनाकारों का कहना है कि बेहतर सड़कें निवेश आकर्षित करने में भी मदद करती हैं।






