“EVM MACHINE 2024 : भारतीय चुनाव तंत्र की कहानी”

EVM MACHINE 2024 : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ईवीएम और वीवीपैट से जुड़ी सभी याचिकाओं को ख़ारिज किया है। यह फैसला बैलेट

EVM MACHINE 2024

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EVM MACHINE 2024
“EVM MACHINE 2024 : भारतीय चुनाव तंत्र की कहानी”

EVM MACHINE 2024 सुप्रीम कोर्ट का चुनावी प्रक्रिया में सकारात्मक भूमिका

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र के संरक्षण के लिए चुनावी प्रक्रिया पर विश्वास रखना महत्वपूर्ण है। उन्होंने उत्तराधिकारियों को चुनाव आयोग के साथ सम्पर्क करके शिकायत करने का मार्ग दिया है, यदि वे ईवीएम में कोई अनियमितता या छेड़छाड़ का पता लगाते हैं।

फैसले के बाद, वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट की यह निर्णय प्रशंसा की और इसे लोकतंत्र के सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना। उन्होंने भी उत्तराधिकारियों को सलाह दी कि चुनावी मानदंडों का निर्धारण करने के लिए ईवीएम और वीवीपैट की जांच की जाए।

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EVM MACHINE 2024 : सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को वीवीपैट के साथ ईवीएम द्वारा डाले गए सभी वोटों का मिलान का आग्रह करने वाली याचिकाओं पर फैसला रोका। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता ने इसे सुरक्षित रखा, लेकिन वे कुछ स्पष्टीकरण की मांग की, क्योंकि आयोग द्वारा दिए गए जवाबों में कुछ अस्पष्टताएं थीं।

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“ईवीएम के खिलाफ सवाल: चुनावी प्रक्रिया में विश्वास की चुनौती”

EVM MACHINE 2024 : भारतीय चुनाव तंत्र की कहानी” भारतीय लोकतंत्र में, ईवीएम चुनाव प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण अंग बन गया है। यह अहमियत इस तथ्य से समझी जा सकती है कि इन्हें अंतिम दो दशकों से हर संसदीय और विधानसभा चुनाव में प्रयोग किया जा रहा है। ईवीएम को शंकाओं, आलोचनाओं, और आरोपों का सामना करना पड़ा है,

EVM MACHINE 2024 : लेकिन चुनाव आयोग का मानना है कि यह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए महत्वपूर्ण है। चुनाव आयोग ने ईवीएम में गड़बड़ी और धांधली से संबंधित चिंताओं को दूर करने के लिए कई कोशिशों की है। इस लेख में हम जानेंगे कि ईवीएम क्या है,

यह कैसे काम करती है, इसका इस्तेमाल कब शुरू हुआ, इसे बनाने में कितना खर्च होता है, और ईवीएम के आने के बाद चुनाव प्रक्रिया में कैसे बदलाव आया है।

भारतीय चुनाव प्रक्रिया में डायरेक्ट रिकॉर्डिंग ईवीएम का प्रयोग

EVM MACHINE 2024 : या इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन, भारतीय चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण अंग है। यह मशीन बैटरी पर चलती है और मतदान के दौरान वोटों को दर्ज करती है और गिनती भी करती है। इसमें तीन हिस्से होते हैं – कंट्रोल यूनिट (सीयू), बैलेटिंग यूनिट (बीयू), और वीवीपैट। पहले मतदान कंपार्टमेंट में वोटिंग किया जाता था,

EVM MACHINE 2024 : लेकिन ईवीएम के आगमन के साथ मतदान की प्रक्रिया में कई बदलाव हुए। आधुनिक मतदान की यह प्रणाली काग़ज़ और मुहर के बजाय ‘बैलट’ बटन का उपयोग करती है। कंट्रोल यूनिट पर ‘बैलट’ बटन दबाने के बाद, मतदाता अपने पसंदीदा उम्मीदवार के आगे लगाए गए बटन को दबाकर अपना वोट दर्ज करता है।

चुनावी प्रक्रिया में ईवीएम का प्रयोग: एक यात्रा का संघर्ष और सफलता

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“EVM MACHINE 2024 : या इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन, मतदान प्रक्रिया का महत्वपूर्ण अंग है जो आधुनिकीकृत और सुरक्षित मतदान सुनिश्चित करता है। इसमें कंट्रोल यूनिट में मतदान किए गए वोट दर्ज होते हैं, जो करीब 2000 वोट को संग्रहित कर सकती है।

बैलेटिंग यूनिट में 16 उम्मीदवारों के नाम दर्ज किए जा सकते हैं, और अतिरिक्त यूनिट्स के साथ जोड़ा जा सकता है ताकि अधिक उम्मीदवारों के लिए मतदान किया जा सके। इससे मतदान की सटीकता बढ़ती है और गलत वोटिंग की संभावना कम होती है। ईवीएम का उपयोग करने के लिए तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता नहीं होती

और यह निरक्षर मतदाताओं के लिए भी सुविधाजनक होती है। इस प्रकार, ईवीएम ने मतदान प्रक्रिया को सुगम और सुरक्षित बनाया है, जिससे लोगों को वोट देने में भी आसानी होती है और चुनाव आयोग को मतगणना में भी सहायता मिलती है।

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चुनावी तकनीक: भारत में स्थानीय डिज़ाइन और निर्माण

EVM MACHINE 2024 : वीवीपीएट, या वोटर वेरिफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल, एक नई व्यवस्था है जो ईवीएम के शंकाओं को दूर करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा लाया गया है। इस सिस्टम में, जिसे आमतौर पर वीवीपैट भी कहा जाता है, वोटर को यह दिखाता है कि उनका वोट सही उम्मीदवार को पहुंचा या नहीं।

जब वोटर नीले बटन पर दबाता है, तो वीवीपैट मशीन से एक पर्ची निकाली जाती है जिसमें उम्मीदवार का नाम, क्रम, और चुनाव चिह्न होते हैं। यह पर्ची फिर सीलबंद बॉक्स में गिर जाती है, जिससे मतदाता अपने वोट की सहीता की पुष्टि कर सकता है।

इलेक्ट्रॉनिक चुनाव: भारतीय मतदान में ईवीएम का प्रयोग

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EVM MACHINE 2024 : वीवीपैट वाली ईवीएम का प्रथम उपयोग 2013 में नगालैंड के नोकसेन विधानसभा क्षेत्र के उपचुनावों में हुआ था। अब, प्रत्येक चुनाव में इसका उपयोग होता है, जिसे ईवीएम का अभिन्न अंग माना जाता है। शंकाओं को दूर करने के लिए, हर चुनाव क्षेत्र में एक मशीन का रैंडम चयन किया जाता है और फिर ईवीएम मशीन के वोटों का मिलान वीवीपैट पर्चियों के वोटों से किया जाता है।

चुनाव आयोग के अनुसार, अगर किसी स्थान पर मशीन में आ रहे वोटों के आंकड़े वीवीपैट की पर्चियों के आंकड़ों से अलग होते हैं, तो वीवीपैट के आंकड़ों को प्राथमिकता दी जाएगी।

ईवीएम: नए युग में मतदान की अभिव्यक्ति

“EVM MACHINE 2024 और वीवीपैट मशीनों का आयात नहीं किया जाता है, बल्कि इन्हें भारत में ही डिज़ाइन और निर्माण किया जाता है। यहीं पर इनका विकास और निर्माण होता है। चुनाव आयोग के अनुसार, इसके लिए दो सरकारी कंपनियां अधिकृत हैं।

एक है भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), जो रक्षा मंत्रालय के तहत आती है, और दूसरी कंपनी है इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल), जो डिपार्टमेंट ऑफ़ एटॉमिक एनर्जी के तहत आती है। ये दोनों कंपनियां चुनाव आयोग की ओर से बनाई टेक्निकल एक्सपर्ट्स कमेटी (टीईसी) के मार्गदर्शन में काम करती हैं।

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ईवीएम: न्यायालयों की मान्यता और विवादों का समाधान

EVM MACHINE 2024 : विश्वभर में वोटिंग के लिए अनेक प्रकार की मशीनें प्रयोग की जा रही हैं, लेकिन भारत में इस्तेमाल होने वाली मशीन का स्वरूप अन्य देशों की मशीनों से भिन्न है। भारत में इस्तेमाल होने वाली मशीन को ‘डायरेक्ट रिकॉर्डिंग ईवीएम’ (डीआरई) कहा जाता है। चुनाव आयोग के अनुसार,

EVM MACHINE 2024 : भारत में वोटिंग के लिए मशीन इस्तेमाल करने का विचार सबसे पहले साल 1977 में उठाया गया था। तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त एस.एल. शकधर ने इन्हें इस्तेमाल करने की बात की थी। उस समय इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड को हैदराबाद में ईवीएम डिज़ाइन और विकसित करने की ज़िम्मेदारी दी गई थी।

1979 में ईवीएम का एक शुरुआती मॉडल विकसित किया गया, जिसे 6 अगस्त 1980 में चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सामने प्रदर्शित किया गया। बाद में बेंगलुरु की भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को भी ईवीएम विकसित करने के लिए चुना गया।

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ईवीएम: चुनावी प्रक्रिया में बदलाव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा

EVM MACHINE 2024 : भारत में चुनावों में पहली बार ईवीएम का इस्तेमाल साल 1982 में हुआ था, जब केरल विधानसभा की पारूर सीट पर हुए उपचुनाव के दौरान बैलटिंग यूनिट और कंट्रोल यूनिट वाली ईवीएम का प्रयोग किया गया। लेकिन इस मशीन के इस्तेमाल को लेकर कोई क़ानून न होने के कारण सुप्रीम कोर्ट ने उस चुनाव को ख़ारिज कर दिया था।

इसके बाद, साल 1989 में संसद ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम , 1951 में संशोधन किया और चुनावों में ईवीएम के इस्तेमाल का प्रावधान किया। उसके बाद, 1998 में मध्य प्रदेश, राजस्थान, और दिल्ली की 25 विधानसभा सीटों में हुए चुनाव में इसका इस्तेमाल हुआ, और 1999 में 45 सीटों पर भी ईवीएम का प्रयोग किया गया।

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EVM MACHINE 2024 : फ़रवरी 2000 में हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान 45 सीटों पर भी ईवीएम का इस्तेमाल किया गया। मई 2001 में तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, और पुद्दुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों में सभी सीटों पर मतदान दर्ज करने के लिए ईवीएम इस्तेमाल हुई। उसके बाद से हर विधानसभा चुनाव में ईवीएम का प्रयोग होता आ रहा है। 2004 के आम चुनावों में सभी 543 संसदीय क्षेत्रों में मतदान के लिए 10 लाख से ज़्यादा ईवीएम इस्तेमाल की गई थीं।

ईवीएम के ज़रिये मतदान में धांधली के आरोप शुरू से ही लगते रहे हैं, और इस तरह के मामले अदातों में भी पहुंचे हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि विभिन्न हाई कोर्ट ने ईवीएम को भरोसेमंद माना है। साथ ही, ईवीएम के पक्ष में हाई कोर्टों द्वारा दिए गए कुछ फ़ैसलों को जब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, तब सुप्रीम कोर्ट ने उन अपीलों को खारिज कर दिया। “EVM MACHINE 2024 : भारतीय चुनाव तंत्र की कहानी”

ईवीएम की लागत और लाभ : चुनावी प्रक्रिया में ईवीएम का महत्व

EVM MACHINE 2024

जैसा कि अब तक हम जान गए हैं, वोटिंग मशीन के तीन मुख्य हिस्से होते हैं – कंट्रोल यूनिट (सीयू), बैलेटिंग यूनिट (बीयू) और वीवीपैट. भारत सरकार की प्राइस नैगोसिएशन कमेटी ने इन हिस्सों के दाम तय करती है। चुनाव आयोग के मुताबिक़, बीयू की कीमत है 7991 रुपये, सीयू की 9812 रुपये और सबसे महंगा हिस्सा है – वीवीपैट, जिसका दाम है 16,132 रुपये।

एक ईवीएम कम से कम 15 साल तक चलती है। इससे चुनाव प्रक्रिया सस्ती होने का भी दावा किया जाता है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि चुनावों के बाद ईवीएम को स्टोर करके इनकी लगातार हाईटेक निगरानी करने में भारी भरकम खर्च आता है। मगर चुनाव आयोग का कहना है कि भले ही शुरुआती निवेश कुछ ज़्यादा लगता है,

EVM MACHINE 2024 : लेकिन हर चुनाव के लिए लाखों की संख्या में मतपत्र छापने, उन्हें ढोने, स्टोर करने में होने वाले खर्च से बचत होती है। इसके अलावा चुनाव आयोग के मुताबिक़, मतगणना के लिए ज़्यादा स्टाफ़ की ज़रूरत नहीं पड़ती और उन्हें दिए जाने वाले पारिश्रमिक में कमी आने से निवेश की तुलना में कहीं ज़्यादा भरपाई हो जाती है।

'50 सीटों' का फॉर्मूला 1 'NFS कांग्रेस की देन है' धर्मेंद्र प्रधान का पलटवार 1 'अपरिवर्तनीय' शब्द का प्रभाव 1 'अपरिवर्तनीय' शब्द के प्रयोग मात्र से पावर ऑफ अटॉर्नी अपरिवर्तनीय नहीं 1 'अब का सलाद खईब' गाने से मनोज तिवारी ने दिखाया महंगाई का दर्द 1 'आतंकवादी' शब्द ने बिगाड़ा माहौल 1 'आप' और बीजेपी के बीच मुकाबला 1 'कस्टम अधिकारी' 'पुलिस अधिकारी' नहीं 1 'कांग्रेस को पीलिया हो गया है' 1 'केसरी चैप्टर 2' का ट्रेलर दर्शकों के दिलों को कर गया छू 1 'गलती से मिस्टेक' 1 'जलसा' बंगला श्वेता बच्चन को किया गिफ्ट? 1 'जाट' की रिलीज से पहले उठे सवाल क्या कला और आस्था के बीच संभव है संतुलन? 1 'जाट' टाइटल पर रणदीप हुड्डा का तीखा जवाब "पहचान खुद फिल्म में सामने आएगी" 1 'जुमलों पर झाड़ू चलाएंगे फिर केजरीवाल को लाएंगे' 1 'ट्रिपल इंजन' सरकार की दिशा में सुदृढ़ कदम 1 'देवा' फिल्म की स्क्रीनिंग में रुकावट से अली गोनी का गुस्सा INOX को किया निशाना 1 'पराक्रमो विजयते' बोले अखिलेश यादव 1 'पुष्पा' पर बड़े प्रड्यूसर की विवादित टिप्पणी 1 'बड़ा भाई' 1 'बिग बॉस 18' के विनर बने करण 1 'बिग बॉस 18' में भी दिखा था अनोखा रिश्ता 1 'बिग बॉस 18' से बनी दोस्ती 1 'बिस्मिल्लाह' के साथ मां बनने की भावुक घोषणा 1 'बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट' का नारा 0 'भूल भुलैया 2' की सफलता और तैमूर का प्यार 1 'भूल भुलैया 2'और 'भूल भुलैया 3' की सफलता 1 'मर्दानी' फ्रेंचाइजी की वापसी का ऐलान 1 'मुफ्त की रेवड़ी' आरोपों पर भाजपा को जवाब 1 'मैया यशोदा' गाने की शूटिंग के दौरान क्या हुआ था? 1 'मोहल्ला बस' से 'नमो बस सेवा' तक 1 'रावण के वंशज' आरोप 1 'लाफ्टर शेफ्स 2' में बर्थडे सेलिब्रेशन 0

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Google Pixel 10a टीज़र जारी: नया डिज़ाइन, प्री-ऑर्डर 18 फरवरी

Google Pixel 10a का डिज़ाइन टीज़र जारी। फ्लैट कैमरा मॉड्यूल, Tensor G4 और 18 फरवरी से

Google Pixel 10a

Google Pixel 10a का डिज़ाइन टीज़र जारी। फ्लैट कैमरा मॉड्यूल, Tensor G4 और 18 फरवरी से प्री-ऑर्डर शुरू। जानें कीमत, फीचर्स और लॉन्च डिटेल।

Google Pixel 10a

Google Pixel 10a को लेकर टेक जगत में उत्सुकता तेजी से बढ़ रही है। Google ने अपने आगामी बजट स्मार्टफोन का आधिकारिक डिज़ाइन टीज़र जारी कर दिया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी इस बार अपने लोकप्रिय Pixel A-सीरीज़ में बड़ा बदलाव करने जा रही है। खास बात यह है कि Pixel 6 से चली आ रही सिग्नेचर कैमरा बार को हटाकर अब एक फ्लैट रियर कैमरा मॉड्यूल दिया गया है, जो फोन को अधिक प्रीमियम और मिनिमलिस्टिक लुक देता है।

कंपनी ने पुष्टि की है कि Google Pixel 10a के प्री-ऑर्डर 18 फरवरी 2026 से शुरू होंगे, जबकि डिवाइस की शिपमेंट इसी महीने के अंत तक शुरू होने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फोन Tensor G4 प्रोसेसर, 120Hz AMOLED डिस्प्ले और 7 साल के सॉफ्टवेयर अपडेट जैसे हाई-एंड फीचर्स के साथ आ सकता है।

Pixel 10a को Pixel 10 सीरीज़ का सबसे किफायती मॉडल माना जा रहा है, जो उन यूज़र्स को आकर्षित कर सकता है जो प्रीमियम अनुभव चाहते हैं लेकिन बजट सीमित है।

Google Pixel 10a डिज़ाइन टीज़र: क्या बदला इस बार?

Google Pixel 10a के टीज़र वीडियो ने यह साफ कर दिया है कि कंपनी इस बार डिजाइन के मामले में बड़ा प्रयोग कर रही है।

कैमरा बार हुआ गायब

Pixel 6 से लेकर Pixel 9a तक Google का सिग्नेचर कैमरा बार इसकी पहचान बन चुका था। लेकिन Pixel 10a में इसे हटाकर एक फ्लैट कैमरा मॉड्यूल दिया गया है।

इस बदलाव के पीछे संभावित कारण:

  • फोन को ज्यादा स्लिम बनाना
  • कैमरा बंप कम करना
  • मॉडर्न लुक देना

मिनिमलिस्टिक डिजाइन ट्रेंड

स्मार्टफोन इंडस्ट्री में अब क्लीन और फ्लैट डिजाइन का ट्रेंड बढ़ रहा है। Apple और Samsung जैसे ब्रांड भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बदलाव Pixel 10a को:

✔ ज्यादा प्रीमियम दिखाएगा
✔ पकड़ने में आरामदायक बनाएगा
✔ जेब में रखना आसान करेगा

रंग विकल्प

संभावित रंग:

Berry
Fog
Lavender
Obsidian

ये रंग युवा उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर चुने गए प्रतीत होते हैं।

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Google Pixel 10a प्री-ऑर्डर और उपलब्धता

Google Pixel 10a की बिक्री रणनीति भी काफी आक्रामक मानी जा रही है।

प्री-ऑर्डर कब से?

18 फरवरी 2026

यह तारीख संकेत देती है कि Google जल्द ही आधिकारिक लॉन्च इवेंट आयोजित कर सकता है।

शिपमेंट

  • फरवरी के अंत तक शुरू होने की उम्मीद
  • शुरुआती बाजार संभवतः यूरोप और अमेरिका

भारत में लॉन्च को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन Pixel A-सीरीज़ के पिछले ट्रेंड को देखें तो भारतीय बाजार में इसकी एंट्री की संभावना मजबूत है।

कीमत (संभावित)

VariantPrice (Europe)भारत में अनुमान
128GBEUR 549₹58,000
256GBEUR 649₹69,000

यदि यह कीमत भारत में भी करीब रहती है, तो यह मिड-प्रीमियम सेगमेंट में मजबूत प्रतिस्पर्धा पैदा कर सकता है।

Google Pixel 10a स्पेसिफिकेशन: क्या मिलेगा खास?

Google Pixel 10a को “Affordable Premium” कैटेगरी में रखा जा सकता है।

Display

  • 6.3-inch Full HD+ AMOLED
  • 120Hz refresh rate
  • 2000 nits peak brightness

यह आउटडोर विजिबिलिटी और स्मूद स्क्रॉलिंग दोनों में मदद करेगा।

Processor

Google Tensor G4

यह चिप AI आधारित फीचर्स, बेहतर फोटो प्रोसेसिंग और तेज परफॉर्मेंस के लिए जानी जाती है।

Camera

  • 48MP Main
  • 13MP Ultra-wide
  • 13MP Front

Pixel फोन हमेशा कैमरा क्वालिटी के लिए प्रसिद्ध रहे हैं, इसलिए यहां भी उम्मीदें ज्यादा हैं।

Battery

5100mAh

पूरे दिन का बैकअप मिलने की संभावना।

Software Support

7 साल तक अपडेट

यह Android इकोसिस्टम में सबसे लंबी अपडेट नीतियों में से एक है।

Pixel 10a किसे खरीदना चाहिए?

Google Pixel 10a खास तौर पर उन यूज़र्स को आकर्षित कर सकता है जो:

✔ शानदार कैमरा चाहते हैं
✔ लंबे अपडेट चाहते हैं
✔ क्लीन Android अनुभव पसंद करते हैं
✔ प्रीमियम डिजाइन चाहते हैं

प्रतियोगिता

Pixel 10a का मुकाबला संभवतः इनसे होगा:

  • Samsung Galaxy FE सीरीज़
  • iPhone SE (यदि नया आता है)
  • OnePlus mid-range phones

यदि Google कीमत संतुलित रखता है, तो यह सेगमेंट में मजबूत खिलाड़ी बन सकता है।

क्या Pixel 10a बजट फ्लैगशिप साबित होगा?

टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि Google Pixel 10a “Value Flagship” बन सकता है।

कारण:

  • फ्लैगशिप चिप
  • प्रीमियम डिस्प्ले
  • लंबा सॉफ्टवेयर सपोर्ट
  • भरोसेमंद कैमरा

आज के स्मार्टफोन बाजार में यूज़र केवल स्पेसिफिकेशन नहीं बल्कि लॉन्ग-टर्म वैल्यू देखते हैं — और Pixel 10a उसी दिशा में कदम लगता है।

FeatureDetails
PhoneGoogle Pixel 10a
Preorder18 Feb 2026
Display120Hz AMOLED
ProcessorTensor G4
Camera48MP
Battery5100mAh
Updates7 Years

5 Strong FAQ Google Pixel 10a

Q1. Google Pixel 10a प्री-ऑर्डर कब शुरू होंगे?

18 फरवरी 2026 से।

Q2. क्या डिजाइन बदला है?

हाँ, कैमरा बार हटाकर फ्लैट मॉड्यूल दिया गया है।

Q3. प्रोसेसर कौन सा होगा?

Google Tensor G4।

Q4. कीमत कितनी हो सकती है?

₹58,000–₹69,000 (अनुमान)।

Q5. सॉफ्टवेयर अपडेट कितने साल मिलेंगे?

7 वर्षों तक।