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उत्तर प्रदेश को मिला नया डीजीपी 1991 बैच के आईपीएस राजीव कृष्ण को बड़ी जिम्मेदारी

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उत्तर प्रदेश को मिला नया डीजीपी: लखनऊ– उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सशक्त और हाईटेक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते

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उत्तर प्रदेश को मिला नया डीजीपी: लखनऊउत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सशक्त और हाईटेक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार ने 1 जून 2025 को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण को राज्य का नया पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त कर दिया है।

आईपीएस राजीव कृष्ण
आईपीएस राजीव कृष्ण

वे 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और इससे पहले डीजी विजिलेंस तथा उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में सेवाएं दे रहे थे। यह नियुक्ति उस समय हुई है जब उत्तर प्रदेश पुलिस के सामने कई अहम चुनौतियां हैं, जिनमें अपराध नियंत्रण, साइबर अपराध, भर्ती प्रणाली की पारदर्शिता और जनता के साथ विश्वास कायम रखना प्रमुख हैं।

आईपीएस राजीव कृष्ण का डीजीपी बनने से पहले का सफर

आईपीएस राजीव कृष्ण का जन्म 20 जून 1969 को उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में हुआ था। शिक्षा के क्षेत्र में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने bachelor of engineering in electronics and communication में डिग्री हासिल की, जो इस बात का प्रमाण है कि वे तकनीकी दृष्टि से भी बेहद दक्ष हैं। इसके बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारी शुरू की और 1991 में IPS परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हो गए।

उनकी कड़ी मेहनत और सेवा के प्रति प्रतिबद्धता ने उन्हें लगातार सफलता की सीढ़ियां चढ़ाई। 1993 में उनकी आईपीएस सेवा की पुष्टि हुई और उन्हें 10 अक्टूबर 1995 को वरिष्ठ स्केल में प्रमोशन मिला। इसके बाद अगस्त 2007 में डीआईजी, नवंबर 2010 में आईजी, जनवरी 2016 में एडीजी और मार्च 2024 में डीजी के पद पर पदोन्नत किया गया। अब, 2025 में उन्हें प्रदेश का डीजीपी बना दिया गया है।

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अपराध नियंत्रण में राजीव कृष्ण की बड़ी पहल

आईपीएस राजीव कृष्ण को हाईटेक पुलिसिंग और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन गवर्नेंस के लिए जाना जाता है। उनके कार्यकाल में “ऑपरेशन पहचान” जैसा अभिनव अभियान शुरू किया गया, जिसके माध्यम से अपराधियों की पहचान, मॉनिटरिंग और पकड़ में भारी सफलता मिली। इस ऑपरेशन का उद्देश्य था कि हर संदिग्ध गतिविधि और अपराधी की डिजिटल पहचान बनाई जाए, जिससे भविष्य में अपराधों को रोका जा सके।

इसके साथ ही, उन्होंने ई-मालखानों की व्यवस्था और मुकदमों की online recording जैसे विचार भी विकसित किए, जिससे पुलिस विभाग में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी। उन्होंने थानों के digital record management system को मजबूत किया और पुलिसकर्मियों को साइबर सुरक्षा और टेक्नोलॉजी के बारे में प्रशिक्षित करने की पहल की।

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पेपर लीक मामलों में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

2024 में जब यूपी में सरकारी परीक्षाओं में पेपर लीक के कई मामले सामने आए थे, तो सरकार ने इस संवेदनशील और गंभीर मुद्दे को सुलझाने की जिम्मेदारी राजीव कृष्ण को सौंपी। उन्होंने पेपर लीक गैंग के नेटवर्क को उजागर करने, आरोपियों की गिरफ्तारी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी रणनीति बनाई। उनकी निगरानी में पुलिस की कार्यप्रणाली और इंटेलिजेंस यूनिट ने उल्लेखनीय कार्य किया।

मुख्यमंत्री योगी के भरोसेमंद अफसरों में शुमार

आईपीएस राजीव कृष्ण को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबसे विश्वसनीय और कर्मठ अधिकारियों में गिना जाता है। उन्हें अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को लेकर गहरी समझ और तकनीकी दक्षता के लिए सरकार का भरोसा प्राप्त है। यही कारण है कि डीजीपी जैसे अति महत्वपूर्ण पद के लिए सरकार ने उन्हें चुना।

राज्य के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि राजीव कृष्ण के नाम की चर्चा काफी समय से चल रही थी और वे इस दौड़ में सबसे आगे चल रहे थे। पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अफसर भी उन्हें नेतृत्व देने में सक्षम और अनुशासित अधिकारी मानते हैं।

आईपीएस राजीव कृष्ण
आईपीएस राजीव कृष्ण

महिला सुरक्षा और साइबर क्राइम पर सख्त नीति की जरूरत

उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और जनसंख्या घनत्व वाले राज्य में पुलिसिंग एक बड़ी चुनौती है। यहां आए दिन अपराध, सांप्रदायिक तनाव, सड़क सुरक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और साइबर क्राइम जैसे गंभीर मुद्दे सामने आते हैं। नए डीजीपी से सरकार और जनता दोनों को यह उम्मीद है कि वे इन चुनौतियों से निपटने में कारगर रणनीति अपनाएंगे।

विशेष रूप से, महिला सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, बढ़ते साइबर अपराध, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था का संतुलन, और पुलिसकर्मियों की कार्य स्थितियों में सुधार जैसे क्षेत्रों में उनसे पहल की अपेक्षा की जा रही है।

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थानों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने की चुनौती

आईपीएस राजीव कृष्ण की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब पुलिस की छवि को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। कई बार थानों में आम जनता के साथ व्यवहार, FIR दर्ज करने में आनाकानी, और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आते रहे हैं। नए डीजीपी से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे थाने की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाएंगे और पुलिस को जनहितकारी और जवाबदेह बनाएंगे।

अपराध मुक्त यूपी की दिशा में डीजीपी राजीव कृष्ण की निर्णायक भूमिका

राजीव कृष्ण का डीजीपी पद पर आना उत्तर प्रदेश पुलिस व्यवस्था के लिए एक नई दिशा और नई उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है। उनकी तकनीकी समझ, प्रशासनिक अनुभव और तेज निर्णय लेने की क्षमता निश्चित ही प्रदेश में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में मदद करेगी।

आईपीएस राजीव कृष्ण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बेहतर समन्वय और जनता की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए यह देखा जाना दिलचस्प होगा कि वे किस प्रकार पुलिस व्यवस्था को आम नागरिक के हित में अधिक उत्तरदायी बनाते हैं। अपराध मुक्त और सुरक्षित उत्तर प्रदेश के सपने को साकार करने में राजीव कृष्ण की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है।

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Headlines Live News Desk हमारी आधिकारिक संपादकीय टीम है, जो राजनीति, क्राइम और राष्ट्रीय मुद्दों पर तथ्यात्मक और विश्वसनीय रिपोर्टिंग करती है।

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