ILLEGAL BANGLADESHI 2025 में राजधानी दिल्ली में इन दिनों अवैध बांग्लादेशियों को डिपोर्ट करने का अभियान तेज़ी से चल रहा है. पकड़ें गए अवैध प्रवासी, दिल्ली पुलिस हुई कामयाब
- सात अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को पूर्वी जिले की दिल्ली पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत अपनी हिरासत में ले लिया है.
- भारत-बांग्लादेश से प्रवाह होने वाली नदी के ज़रिए इन्होंने भारत में अवैध तौर पर प्रवेश किया था.
- पकड़े जाने के डर से ये अवैध प्रवासी भारत के अलग-अलग हिस्सों में छिपे थे, ताकि इन्हें कोई पहचान न पाए. इन्हीं शरणार्थियों को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस ने खुफिया तौर पर विशेष अभियान चलाया था.
- दिल्ली की एफआरआरओ यानी विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय टीम के सामने इन प्रवासियों को पेश किया गया. जिसके बाद एफआरआरओ ने इनके निर्वासन की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
दिल्ली पुलिस द्वारा इन अवैध प्रवासियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहें हैं. जिनमें से पूर्वी दिल्ली की पुलिस को बड़ी सफलता हासिल हुई है. बता दें कि पूर्वी दिल्ली द्वारा चलाए गए एक विशेष अभियान में करीब 7 अवैध बांग्लादेशियों को पकड़ा गया है. जिनमें से एक नाबालिग भी है.
ILLEGAL BANGLADESHI 2025: कार्य और टीम-
कानून के द्वारा निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के पूर्वी जिले की पुलिस फॉर्स ने अवैध प्रवासियों की पहचान करने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया. इस अभियान को अनजाम देने के लिए पूर्वी जिले की विशेष स्टाफ और एंटी-नार्कोटिक्स स्क्वाड की संयुक्त टीमें बनाई गई थीं.
इन टीमों में शामिल हैं-
– विशेष स्टाफ टीम: इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर जितेंद्र मलिक कर रहे हैं.
– एंटी-नार्कोटिक्स स्क्वाड टीम: इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर अरुण कुमार कर रहे हैं.
ये टीमें पुलिस उपायुक्त श्रीमती निथ्या राधाकृष्ण के मार्गदर्शन में काम कर रहीं हैं. विशेष तौर पर इन टीमों को मानव और वैज्ञानिक खुफिया की सहायता से बांग्लादेशियों की पुष्टि करने का कार्य सौंपा गया था. इन्हीं टीमों के एकजुट कार्य और निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप 7 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को हिरासत में लेना संभव हो पाया.
ILLEGAL BANGLADESHI 2025: अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पूर्ण जानकारी संक्षेप में-
तारिख थी 16 मार्च 2025 जब पूर्वी जिले की पुलिस ने एक खुफिया रूप से चलाए विशेष अभियान के तहत 7 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को हिरासत में लिया. जिसमें दिलावर खान नामक एक व्यक्ति को पहले हिरासत में लिया गया था, जिसने शुरुआत में खुद को पश्चिम बंगाल का निवासी बताया था.
हालांकि पुलिस टीम की पड़ताल के बाद, उसकी पहचान बांग्लादेश के खुलना जिले के मोरेलगंज गांव के निवासी के रूप में सामने आई. इसके बाद, पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में छह और अवैध बांग्लादेशियों के ठिकानों पर छापामारी कर उन्हें भी हिरासत में लिया. अब इन सातों अवैध प्रवासियों को दिल्ली के आर.के पुरम में एफआरआरओ के समक्ष पेश किया जाएगा और उनके निर्वासन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
उन सात बांग्लादेशी नागरिकों के नाम निम्नलिखित है, जो दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न स्थानों पर किसी भी वैध दस्तावेज के बिना अवैध रूप से रह रहे थे:
- दिलावर खान पुत्र गफ्फार खान, उम्र-48 साल
- ब्यूटी बेगम: पत्नी सैदुल, ग्राम बोराबादुरा, मोरलगंज, जिला खुलना, बांग्लादेश, उम्र- 39 वर्ष
- एक नाबालिग लड़की: ग्राम बोराबादुरा, मोरलगंज, जिला खुलना, बांग्लादेश, उम्र- 15 वर्ष.
- रफीकुल: पुत्र अब्दुल जलील, ग्राम संयासी, मोरलगंज, जिला बहेरहाट, बांग्लादेश, उम्र- 43 वर्ष.
- तौहिद: पुत्र रफीकुल, ग्राम संयासी, मोरलगंज, जिला बहेरहाट, बांग्लादेश, उम्र-20 वर्ष.
- मोहम्मद आज़ार: पुत्र बाला माथुपर, ग्राम सत्तोपति, हुसैनपुर, जिला मधारीपुर, बांग्लादेश, उम्र- 28 वर्ष.
- जाकिर मलिक: पुत्र यूनुस मलिक, ग्राम दक्षिण गंगारामपुर, मुकसेटपुर, जिला गोपालगंज, बांग्लादेश, उम्र-40 वर्ष.
Table of Contents
यह भी पढ़ें-
रोहिणी कोर्ट में प्रदर्शन जारी ,पांचवे दिन भी जारी रहा वकीलों का प्रदर्शन
PoA का कानूनी आधार: पावर ऑफ अटॉर्नी का कानूनी विश्लेषण उसकी विषय-वस्तु से होगा 2025
सुप्रीम कोर्ट का आदेश: धारा 156(3) के तहत जांच के लिए PC Act की धारा 17ए की मंजूरी आवश्यक नहीं





