headlines live newss

KERALA HC: POCSO रिपोर्ट न करने पर लोक सेवक पर मुकदमे को अनुमति की जरूरत नहीं

हाई कोर्ट ने सुनाया बड़ा फेसला 2024 09 25T153532.113

KERALA HC: केरल उच्च न्यायालय ने हाल ही में स्पष्ट किया कि यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO अधिनियम) के तहत अपराधों की

Table of Contents

KERALA HC: केरल उच्च न्यायालय ने हाल ही में स्पष्ट किया कि यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO अधिनियम) के तहत अपराधों की रिपोर्ट न करने के लिए किसी लोक सेवक पर मुकदमा चलाने के लिए सरकार की पूर्व मंजूरी की आवश्यकता नहीं है।

KERALA HC

न्यायमूर्ति के. बाबू की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि POCSO अधिनियम की धारा 19 के तहत अपराधों की रिपोर्टिंग का दायित्व सभी व्यक्तियों पर उनकी व्यक्तिगत क्षमता में लागू होता है, न कि उनके आधिकारिक कर्तव्यों के तहत।

KERALA HC: अधिनियम की धारा 19 का उद्देश्य

POCSO अधिनियम की धारा 19 का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह सरकारी अधिकारी हो या आम नागरिक, यौन अपराधों के मामलों की रिपोर्ट करने से पीछे न हटे। अदालत ने कहा कि इस प्रावधान का पालन उनकी आधिकारिक भूमिका से स्वतंत्र रूप से किया जाना चाहिए।

शीला दीक्षित: पंजाब की बेटी, यूपी की बहू लेकिन दिल्ली में करिश्मा देश में सबसे लंबे वक्त तक सीएम रहने वाली महिला का रिकॉर्ड 2025 !

DELHI HC: सीएए के तहत पुनर्वास पैकेज की मांग वाली याचिका को किया खारिज

न्यायालय ने यह भी उल्लेख किया कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 197 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 218 का उद्देश्य लोक सेवकों को उनके आधिकारिक कार्यों के कारण उत्पन्न होने वाली परेशानियों से बचाना है। हालांकि, ये प्रावधान POCSO अपराधों की रिपोर्ट न करने के मामलों में लागू नहीं होते, क्योंकि यह जिम्मेदारी आधिकारिक नहीं, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर दी गई है।

यह निर्णय त्रिशूर के बाल कल्याण समिति (CWC) के पूर्व अध्यक्ष द्वारा दायर याचिका पर आया। याचिकाकर्ता पर आरोप था कि उन्होंने एक नाबालिग के यौन उत्पीड़न के मामले की रिपोर्ट समय पर नहीं की। इसके चलते उनके खिलाफ POCSO अधिनियम की धारा 21 और धारा 19(1) के तहत आपराधिक कार्यवाही शुरू की गई थी।

याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उन्होंने घटना की जानकारी मिलने के अगले दिन ही पुलिस को सूचित किया था। साथ ही उन्होंने यह भी तर्क दिया कि चूंकि वह एक लोक सेवक हैं, इसलिए उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सरकार की पूर्व अनुमति आवश्यक थी।

KERALA HC: अदालत की टिप्पणियां

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि POCSO अधिनियम के तहत अपराधों की रिपोर्टिंग का दायित्व सीधे तौर पर व्यक्तिगत है। यह दायित्व किसी व्यक्ति की सरकारी भूमिका या आधिकारिक कर्तव्यों से संबंधित नहीं है।

अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता ने घटना की सूचना एक दिन के भीतर पुलिस को दी थी, जो कि रिपोर्टिंग में किसी बड़ी चूक का संकेत नहीं देती। इस आधार पर, न्यायालय ने उनके खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही को रद्द कर दिया।

मामले की सुनवाई के दौरान, न्यायालय ने पाया कि पुलिस ने अपनी अंतिम रिपोर्ट में नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर कर दी थी। यह कार्रवाई कानून के उन प्रावधानों का उल्लंघन करती है, जो यौन अपराधों के पीड़ितों की पहचान की रक्षा के लिए बनाए गए हैं। न्यायालय ने इस लापरवाही के लिए पुलिस की कड़ी निंदा की और भविष्य में ऐसी गलतियों से बचने के लिए निर्देश दिए।

KERALA HC: POCSO अधिनियम के तहत लोक सेवकों की जिम्मेदारी

Headlines Live News

न्यायालय ने यह भी जोर दिया कि POCSO अधिनियम के तहत अपराधों की रिपोर्ट न करने के लिए किसी भी व्यक्ति पर मुकदमा चलाया जा सकता है, भले ही वह सरकारी अधिकारी हो। इस प्रकार, लोक सेवकों को अपने पद का दुरुपयोग कर रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी से बचने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता वी. जॉन सेबेस्टियन राल्फ, विष्णु चंद्रन और उनकी टीम ने न्यायालय में दलीलें पेश कीं। राज्य का पक्ष लोक अभियोजक जी. सुधीर ने रखा।

इसके अतिरिक्त, न्यायालय की सहायता के लिए अधिवक्ता एम.के. श्रीगेश को न्यायमित्र के रूप में नियुक्त किया गया।

इस फैसले ने POCSO अधिनियम की धारा 19 के तहत अपराधों की रिपोर्टिंग के महत्व को दोहराया है और स्पष्ट किया है कि इस जिम्मेदारी से बचने के लिए लोक सेवकों को कोई विशेष छूट नहीं दी जा सकती। यह निर्णय न केवल POCSO अधिनियम की मंशा को सुदृढ़ करता है, बल्कि यौन अपराधों के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक नजीर भी पेश करता है।

KERALA HC

News Letter Free Subscription

Facebook
WhatsApp
Twitter
Threads
Telegram
Picture of Headlines Live News Desk

Headlines Live News Desk

Headlines Live News Desk हमारी आधिकारिक संपादकीय टीम है, जो राजनीति, क्राइम और राष्ट्रीय मुद्दों पर तथ्यात्मक और विश्वसनीय रिपोर्टिंग करती है।

All Posts

संबंधित खबरें

Leave a comment