Stock Market Today 2026: निफ्टी और सेंसेक्स में बड़ी गिरावट, IT शेयरों में भारी बिकवाली। जानिए बाजार गिरने की असली वजह और आगे क्या होगा।
Stock Market Today 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन घरेलू इक्विटी बाजार कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच दबाव में खुला। प्रमुख सूचकांक Nifty 50 करीब 285 अंक फिसलकर 25,427 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जबकि BSE Sensex 1,029 अंकों से अधिक टूटकर 82,265 के नीचे आ गया।
इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में लगभग ₹4.6 लाख करोड़ की कमी दर्ज की गई। बाजार विश्लेषकों के अनुसार कमजोर वैश्विक संकेत, अमेरिका की नई टैरिफ चेतावनियाँ और IT सेक्टर में भारी बिकवाली इस गिरावट के प्रमुख कारण रहे।
दलाल स्ट्रीट पर बढ़ती अस्थिरता ने अल्पकालिक निवेशकों को सतर्क कर दिया है, जबकि दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह समय रणनीतिक निर्णय लेने का माना जा रहा है।
Stock Market Today 2026: बाजार खुलते ही क्यों बढ़ा दबाव?
Stock Market Today 2026 की शुरुआत कमजोर रुझान के साथ हुई। एशियाई बाजारों में गिरावट और अमेरिकी फ्यूचर्स में कमजोरी का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार तनाव बढ़ने और संभावित टैरिफ बढ़ोतरी की आशंका ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। विशेष रूप से पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा संभावित टैरिफ सख्ती की चर्चाओं ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ाई।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि:
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली जारी है
- डॉलर इंडेक्स में मजबूती उभरते बाजारों के लिए नकारात्मक संकेत है
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से निवेशक सतर्क हैं
इसके अलावा, घरेलू स्तर पर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव देखा गया। बैंकिंग, ऑटो और फार्मा शेयरों में सीमित गिरावट रही, लेकिन IT सेक्टर में भारी बिकवाली ने इंडेक्स को नीचे खींचा।
विशेषज्ञों के अनुसार तकनीकी रूप से निफ्टी 25,300 के आसपास मजबूत सपोर्ट लेवल पर है। यदि यह स्तर टूटता है, तो आगे और कमजोरी देखी जा सकती है।
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Stock Market Today 2026: IT सेक्टर में क्यों मचा हड़कंप?
Stock Market Today 2026 में सबसे ज्यादा दबाव IT सेक्टर में देखा गया।
प्रमुख कंपनियों जैसे:
- Tata Consultancy Services
- Infosys
- HCL Technologies
- Wipro
इनके शेयरों में 2% से 4% तक की गिरावट दर्ज की गई। IT इंडेक्स करीब 5% तक फिसल गया।
गिरावट के मुख्य कारण:
- अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों की कमजोरी
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ऑटोमेशन के कारण मार्जिन दबाव की आशंका
- डॉलर में मजबूती से निर्यात आधारित कंपनियों की अनिश्चितता
विश्लेषकों का मानना है कि IT कंपनियों की आय का बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजार से आता है। यदि अमेरिका में आर्थिक अनिश्चितता या टैरिफ नीतियों में बदलाव होता है, तो भारतीय IT कंपनियों के ऑर्डर बुक पर असर पड़ सकता है।
हालांकि, दीर्घकालिक दृष्टिकोण से IT सेक्टर की बुनियाद मजबूत मानी जा रही है।
वैश्विक संकेत और टैरिफ अनिश्चितता का बाजार पर असर
अमेरिकी व्यापार नीतियों को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने वैश्विक निवेश माहौल को प्रभावित किया है।
- अमेरिका-चीन व्यापार संबंध
- मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव
- अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी
इन सभी कारकों ने जोखिम वाली परिसंपत्तियों से निवेशकों को दूर किया।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली का दबाव भारतीय बाजार में साफ दिखा।
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में टेक कंपनियों के कमजोर नतीजों ने भी निवेशकों का भरोसा डगमगाया।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखता है, तो उभरते बाजारों में पूंजी प्रवाह प्रभावित हो सकता है।
Stock Market Today 2026: बाजार में बड़ी गिरावट आगे क्या? क्या बाजार में वापसी की उम्मीद है?
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा गिरावट घबराने का संकेत नहीं बल्कि सतर्क रहने का संकेत है।
सकारात्मक कारक:
- भारत की GDP वृद्धि दर मजबूत
- घरेलू निवेश में स्थिरता
- बैंकिंग सेक्टर में मजबूती
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार:
- निफ्टी 25,300-25,250 पर सपोर्ट
- सेंसेक्स 82,000 के आसपास मजबूत स्तर
यदि वैश्विक संकेत सुधरते हैं और टैरिफ अनिश्चितता कम होती है, तो बाजार में रिकवरी संभव है।
दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह चरण व्यवस्थित निवेश (SIP) जारी रखने का समय माना जा रहा है।







