Ramadan 2026 Time Table जारी, जानें रोजे की अवधि, सहरी-इफ्तार टाइमिंग, भारत समेत दुनिया भर में कितने घंटे का होगा उपवास और कब से शुरू होगा पवित्र महीना।
Ramadan 2026 Time Table: इस्लाम धर्म का पवित्र महीना रमजान 2026 जल्द शुरू होने वाला है। शुरुआती अनुमान के अनुसार, चांद दिखने पर यह 18 या 19 फरवरी 2026 से शुरू हो सकता है। दुनियाभर के मुसलमान इस महीने को रोजा, इबादत, आत्मचिंतन और सामाजिक एकता के रूप में मनाते हैं। लगभग 29 से 30 दिनों तक चलने वाला यह महीना ईद-उल-फितर के साथ समाप्त होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल रमजान वसंत ऋतु (Spring Equinox) के आसपास पड़ रहा है, जिसके कारण कई देशों में रोजे की अवधि अपेक्षाकृत संतुलित रहेगी। आम तौर पर रोजा सहरी (सुबह से पहले भोजन) से शुरू होकर सूर्यास्त के समय इफ्तार के साथ समाप्त होता है।
भारत सहित दक्षिण एशिया में रोजा लगभग 12.5 से 14 घंटे का हो सकता है। जैसे-जैसे पवित्र महीना करीब आ रहा है, दुनिया भर में मुस्लिम समुदाय आध्यात्मिक और सामाजिक तैयारियों में जुट गया है।
Ramadan 2026 Time Table: कब से शुरू होगा मुकद्दस महीना?
Ramadan 2026 Time Table के अनुसार, इस्लामी कैलेंडर चंद्र आधारित होता है, इसलिए रमजान की शुरुआत चांद दिखने पर निर्भर करती है। अनुमान है कि इस वर्ष यह 18–19 फरवरी के आसपास शुरू होगा।
रमजान क्यों खास है?
यह केवल उपवास का महीना नहीं, बल्कि आत्मसंयम और आध्यात्मिक विकास का समय माना जाता है।
इस दौरान मुसलमान:
- सुबह से शाम तक रोजा रखते हैं
- नमाज और कुरान का पाठ बढ़ाते हैं
- दान (जकात) करते हैं
- परिवार और समुदाय के साथ समय बिताते हैं
धार्मिक विद्वानों के अनुसार, रमजान आत्मशुद्धि और अनुशासन का प्रतीक है।
चांद देखने की परंपरा
आज भी कई देशों में स्थानीय चांद देखने की परंपरा जारी है, जिससे आधिकारिक शुरुआत की घोषणा एक रात पहले तक तय नहीं होती।
Ramadan 2026 Time Table: दुनिया भर में कितने घंटे का होगा रोजा?
इस साल रमजान वसंत के करीब होने के कारण रोजे के घंटे कई देशों में लगभग समान रहेंगे।
अनुमानित रोजा अवधि:
- यूरोप और उत्तरी अमेरिका – लगभग 12–13 घंटे
- यूनाइटेड किंगडम – करीब 14–16 घंटे
- मध्य पूर्व और UAE – लगभग 12–13 घंटे
- भारत और दक्षिण एशिया – 12.5–14 घंटे
- इंडोनेशिया और मलेशिया – करीब 12–13 घंटे
- दक्षिणी गोलार्ध (चिली, न्यूजीलैंड) – 14–15 घंटे
ध्रुवीय क्षेत्रों के पास रहने वाले लोगों के लिए समय में अधिक बदलाव हो सकता है, लेकिन महीने के अंत तक अंतर कम हो जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों के मुकाबले यह अवधि अपेक्षाकृत आसान मानी जाती है।
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सहरी और इफ्तार टाइमिंग: शहरों के अनुसार अनुमानित समय
हालांकि सटीक समय शहर और तारीख के अनुसार बदलता है, लेकिन कुछ प्रमुख शहरों के अनुमानित समय इस प्रकार हैं:
संभावित टाइमिंग:
- नई दिल्ली: सहरी लगभग 5:35 AM तक, इफ्तार करीब 6:15–6:20 PM
- दुबई: सहरी लगभग 5:30 AM, इफ्तार 6:15 PM के आसपास
- लंदन: सहरी करीब 5:30 AM, इफ्तार लगभग 5:50 PM
Ramadan 2026 Time Table मे सहरी और इफ्तार का महत्व
- सहरी: रोजा शुरू होने से पहले अंतिम भोजन
- इफ्तार: सूर्यास्त पर रोजा खोलना
धार्मिक विशेषज्ञ संतुलित भोजन और पर्याप्त पानी लेने की सलाह देते हैं।
Ramadan 2026 Time Table में क्या रहेगा खास ट्रेंड?
जैसे-जैसे रमजान नजदीक आ रहा है, दुनिया भर में इसकी तैयारियां तेज हो गई हैं। कई देशों में इस दौरान कार्य और स्कूल के समय में बदलाव किए जाते हैं, जबकि सामुदायिक कार्यक्रमों की योजनाएं भी बनाई जा रही हैं।
मस्जिदों में विशेष नमाज की व्यवस्था होती है और सामाजिक व धार्मिक गतिविधियां बढ़ जाती हैं। अनुमान है कि ईद-उल-फितर 19 मार्च 2026 के आसपास मनाई जा सकती है। रमजान केवल उपवास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आध्यात्मिक चिंतन, दान, रिश्तों को मजबूत करने और सामुदायिक सहयोग को बढ़ावा देने का भी महत्वपूर्ण समय माना जाता है।
रमजान का आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व
Ramadan 2026 Time Table केवल समय से जुड़ी जानकारी नहीं देता, बल्कि यह जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव का संकेत भी माना जाता है। यह पवित्र महीना आत्मनियंत्रण, करुणा, धैर्य और समानता जैसे मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित रूप से रोजा रखने से मानसिक अनुशासन मजबूत होता है
और व्यक्ति में आत्मसंयम विकसित होता है। वहीं समाजशास्त्रियों के अनुसार, रमजान सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा देता है, क्योंकि इस दौरान लोग जरूरतमंदों की मदद करते हैं और सामुदायिक भावनाएं अधिक सशक्त होती हैं






