कांग्रेस का AAP पर हमला: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के करीब आते ही आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग और तीखी हो गई है।
चुनावी माहौल गर्मा चुका है और दोनों दलों के बीच तकरार अब खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके नेतृत्व वाले दिल्ली सरकार के खिलाफ कड़ी आलोचना की है, विशेष रूप से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को निशाना बनाते हुए। इस बयानबाजी में कांग्रेस ने ना केवल केजरीवाल पर व्यक्तिगत हमले किए, बल्कि उनके द्वारा किए गए वादों और दावों पर भी सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस का AAP पर हमला: कांग्रेस ने AAP के एजुकेशन मॉडल और मुफ्त योजनाओं को किया विफल करार
कांग्रेस पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम आदमी पार्टी की सरकार को निशाना बनाते हुए कहा कि दिल्ली में एक “बहरूपिया” और “सपनों का सौदागर” बैठा है, जो केवल लोगों को झूठे वादे और सपने दिखा रहा है। यादव ने यह आरोप भी लगाया कि 11 सालों में दिल्ली का कोई खास बदलाव नहीं आया और जिन वादों का आम आदमी पार्टी ने चुनावों में वादा किया था, वे सारे वादे टूट गए हैं। कांग्रेस का यह हमला उस समय आया है जब आम आदमी पार्टी ने इंडिया गठबंधन में बिखराव का डर दिखाते हुए कांग्रेस को गठबंधन से बाहर करने की धमकी दी थी।
आम आदमी पार्टी द्वारा कांग्रेस को अल्टीमेटम देने के बाद से कांग्रेस और भी आक्रामक हो गई है। यादव ने कहा कि अरविंद केजरीवाल का एजुकेशन मॉडल, मुफ्त बिजली-पानी देने का वादा और भ्रष्टाचार खत्म करने की बातें अब पूरी तरह से विफल हो चुकी हैं। कांग्रेस का कहना है कि केजरीवाल ने अपने कार्यकाल में केवल लोगों को धोखा दिया है और दिल्ली में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि 11 सालों के बाद अब जनता इस धोखे को समझ चुकी है और आगामी चुनावों में उसका जवाब देने वाली है।
पिता की हालत पर हमला: सीएम आतिशी ने राजनीतिक हमलों की घोर निंदा की 2025 !
सीएम आतिशी का आरोप: नई दिल्ली में वोटर लिस्ट से 6167 नाम काटने की साजिश
महिला विरोधी आरोप: बिधूड़ी के बयान से बीजेपी को चुनावी नुकसान का खतरा 2025 !
कांग्रेस के 5 गारंटी वादे: 11 जनवरी तक चरणबद्ध तरीके से होंगे लॉन्च
कांग्रेस का बड़ा दांव: महिलाओं के लिए ‘प्यारी दीदी स्कीम’ का ऐलान 2025 !
कांग्रेस ने दबाव को नकारते हुए AAP के खिलाफ किया चुनावी मोर्चा मजबूत
इसके साथ ही, कांग्रेस ने इस बार दिल्ली चुनाव में आम आदमी पार्टी के खिलाफ मजबूत प्रत्याशी उतारने की योजना बनाई है। कांग्रेस ने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और मुख्यमंत्री आतिशी के खिलाफ चुनावी मैदान में अपने कैंडिडेट उतारे हैं। अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नई दिल्ली सीट पर कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित को उम्मीदवार बनाया है। जंगपुरा सीट पर मनीष सिसोदिया के खिलाफ कांग्रेस ने पूर्व मेयर फरहाद सूरी को उतारा है, जबकि कालकाजी सीट पर मुख्यमंत्री आतिशी के खिलाफ महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा को कांग्रेस ने मैदान में उतारा है।
Table of Contents
यह सब कांग्रेस का यह संदेश है कि वह किसी भी प्रकार के दबाव में नहीं आएगी और वह चुनाव में पूरी ताकत के साथ अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगी। कांग्रेस ने यह भी संकेत दिया है कि वह आम आदमी पार्टी के खिलाफ न केवल चुनावी हमलों के जरिए मुकाबला करेगी, बल्कि इस बार अपने चुनावी रणनीति के तहत मजबूत कैंडिडेट भी उतारेगी।
कांग्रेस का आम आदमी पार्टी के 2100 रुपये के वादे को चुनौती
इसी बीच, कांग्रेस ने दिल्ली के महिलाओं के लिए अपनी योजनाओं का भी ऐलान किया है। कांग्रेस ने “प्यारी दीदी योजना” की घोषणा की है, जिसके तहत दिल्ली की महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता देने का वादा किया है। यह कदम कांग्रेस द्वारा आम आदमी पार्टी के 2100 रुपये के वादे का मुकाबला करने के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस का दावा है कि यह योजना महिलाओं के लिए एक स्थायी और निर्णायक कदम साबित होगी, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।
Modi Se Milne Ki Khushi Par Bachcho Ne Phool Tode! What Happens Next?
I Built an ENTIRE Apartment Without Laying a Single Brick!
दिल्ली चुनाव से पहले दिल्ली के सांसदों की तैयारी | Bolega India
मोदी के लिए कविता सुनाने वाली बच्ची की Shocking Story!
5 Shocking Facts About Mahila Samman Yojna You Never Knew
Will Akhilesh Pati Tripathi’s 2100 Rupees Scheme Really Empower Women?
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच इस तरह की जुबानी जंग और चुनावी आरोप-प्रत्यारोप दिल्ली के चुनावी माहौल को और भी गरम कर रहे हैं। यह देखा जाएगा कि कांग्रेस द्वारा किए गए हमले और आम आदमी पार्टी के वादों के बीच जनता किसे चुनती है। क्या कांग्रेस अपनी योजनाओं और उम्मीदवारों के जरिए आम आदमी पार्टी को कड़ी टक्कर दे पाएगी? या फिर केजरीवाल की सरकार के वादों और योजनाओं का असर दिल्ली की जनता पर पड़ेगा?
चुनाव परिणामों पर असर डालने की चिंता
यह भी देखने की बात होगी कि चुनाव आयोग इस तरह के आरोपों और चुनावी प्रचार को कैसे नियंत्रित करता है, ताकि चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे। चुनावी माहौल को देखते हुए सभी राजनीतिक दलों के लिए यह एक बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि किसी भी तरह की धांधली या आरोप-प्रत्यारोप चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 का मुकाबला अब और भी दिलचस्प होने की संभावना है, क्योंकि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों ही अपनी पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं।








