SUPREME COURT
धारा 29A तहत समय बढ़ाने का आवेदन पहले या बाद में किया जा सकता है
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि धारा 29A(4) के तहत समय बढ़ाने के लिए आवेदन
न्यायाधिकरण के कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी किया जा सकता है
बशर्ते ‘पर्याप्त कारण’ प्रस्तुत किया जाए। इसका उद्देश्य विवाद समाधान की प्रक्रिया को प्रभावी और तार्किक रूप से पूरा करना है।
इस फैसले में कोर्ट ने यह तय किया कि यदि समयसीमा समाप्त हो जाती है तो भी संबंधित पक्षों को आवेदन करने का अधिकार मिलेगा।
मामले के अनुसार, अपीलकर्ता और प्रतिवादी के बीच एक वर्क्स कॉन्ट्रैक्ट विवाद उत्पन्न हुआ था
जिसके बाद दोनों पक्षों ने मामले का समाधान करने के लिए मध्यस्थता (Arbitration) का रास्ता अपनाया था।
प्रारंभिक चरण में, अपीलकर्ता ने धारा 11 के तहत एक एकल न्यायाधिकरण नियुक्त करने का आवेदन किया, जिसे उच्च न्यायालय ने स्वीकार किया।