JHARKHAND HC 

₹5 लाख तक के मामलों पर सिविल जज का फैसला वैध

झारखंड हाईकोर्ट ने अपने एक हालिया फैसले में स्पष्ट किया है कि सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पास 

₹5 लाख तक के मामलों को सुनने का अधिकार है, और यह अवैध नहीं माना जा सकता। 

कोर्ट ने यह भी कहा कि असीमित मौद्रिक अधिकारिता (Pecuniary Jurisdiction)  

वाले सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के समक्ष इस तरह के मामलों को चुनौती देना तर्कसंगत नहीं है 

विशेष रूप से जब मुकदमा पहले ही उनके अधिकार क्षेत्र में दायर किया जा चुका हो। 

यह फैसला एक सिविल याचिका के तहत सुनाया गया, जिसमें सिविल जज (सीनियर डिवीजन) 

द्वारा सीपीसी के ऑर्डर VII रूल 11(b) के तहत दायर आवेदन को खारिज करने के आदेश को चुनौती दी गई थी।