RAJASTHAN HC

समान आरोपों पर दूसरी एफआईआर दर्ज करने से पुलिस को रोक नहीं

राजस्थान हाईकोर्ट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita) की 

धारा 233 की व्याख्या करते हुए महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। 

कोर्ट ने कहा कि यदि किसी मामले में समान आरोपों के आधार पर दूसरी एफआईआर दर्ज होती है, तो इसे रोका नहीं जा सकता। 

हालांकि, यदि शिकायत पहले ही दर्ज है और उस पर कार्यवाही जारी है, तो मजिस्ट्रेट को 

शिकायत की आगे की सुनवाई स्थगित करनी होगी और पुलिस जांच के नतीजे का इंतजार करना होगा। 

यह फैसला न्यायमूर्ति अरुण मोंगा की एकल पीठ ने दिया। मामले में याचिकाकर्ताओं ने इस आधार पर एफआईआर को 

चुनौती दी थी कि समान आरोपों के आधार पर उनके खिलाफ पहले से एक शिकायत लंबित थी।