गुजरात हाईकोर्ट: पत्नी का संक्षिप्त बयान मृत्यु पूर्व घोषणापत्र के रूप में ही उसकी सत्यता की गारंटी है: गुजरात हाईकोर्ट ने 1992 आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पति की बरी को पलटा

गुजरात हाईकोर्ट ने 1992 में अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी पति की बरी को पलट दिया है। अदालत ने

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गुजरात हाईकोर्ट ने 1992 में अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी पति की बरी को पलट दिया है। अदालत ने इस मामले में मृतका के मृत्यु पूर्व घोषणापत्र पर भरोसा करते हुए यह फैसला सुनाया। यह निर्णय ट्रायल कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर राज्य की आपराधिक अपील पर आधारित था, जिसमें भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 498(ए), 306, और 504 के तहत आरोपी को बरी कर दिया गया था। न्यायमूर्ति निशा एम. ठाकोर की एकल पीठ ने इस मामले पर सुनवाई की और मृतका के मृत्यु पूर्व घोषणापत्र को साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया।

गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट: मामले की पृष्ठभूमि

मामले की शुरुआत 1992 में हुई, जब मृतका (पत्नी) अपने पति (प्रतिवादी/आरोपी) के साथ अपने घर आई थी। उस दौरान मृतका ने अपने पति से उसके व्यवहार को लेकर शिकायत की थी। उसने कहा कि वह दूसरों के काम में तो समय लगाते हैं लेकिन अपने खेत के काम को नजरअंदाज कर रहे हैं।

इस बात पर आरोपी को गुस्सा आ गया और उसने कथित रूप से मृतका के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया और उसे थप्पड़ मारा। इसके अलावा, आरोपी ने मृतका के चरित्र पर भी सवाल उठाए और धमकी दी कि अगर उसने और कुछ कहा तो वह उसे कुल्हाड़ी से मार देगा। इस घटना से मृतका बहुत दुखी हो गई थी और उसकी आंखों में आंसू आ गए थे।

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घटना के बाद आरोपी घर से बाहर निकल गया और बरामदे में जाकर बैठ गया। इस दौरान मृतका ने एक छोटी बोतल से अपने पूरे शरीर पर मिट्टी का तेल डाला और खुद को आग लगा ली। मृतका की चीखें सुनकर पड़ोस के लोग उसे बचाने के लिए आए और आग बुझाने की कोशिश की। रात के समय कोई वाहन उपलब्ध नहीं था, इस कारण मृतका को उसी समय अस्पताल नहीं ले जाया जा सका। अगले दिन सुबह, मृतका को रिक्शा के माध्यम से सरकारी अस्पताल ले जाया गया।

गुजरात हाईकोर्ट: मृत्यु पूर्व घोषणापत्र

अस्पताल में भर्ती होने के बाद, मृतका का मृत्यु पूर्व घोषणापत्र कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किया गया। इस घोषणापत्र में मृतका ने बताया कि शादी के बाद से ही उसके पति ने उसके साथ क्रूरता से व्यवहार किया था। आरोपी हमेशा उसे पीटता था और जब वह मायके जाती थी, तब उसके चरित्र पर संदेह करता था। उसने यह भी बताया कि आरोपी की प्रताड़ना के कारण ही उसने मिट्टी का तेल डालकर खुद को आग लगाई थी। इसके अलावा, मृतका ने कहा कि उसे अस्पताल उसके पति द्वारा लाया गया था। उसने यह भी कहा कि उसकी शादी हो चुकी थी और उसके दो बच्चे थे, और उसका पति अक्सर उसे और उसके बच्चों को पीटता था।

गुजरात हाईकोर्ट: अदालत की टिप्पणी

मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, उच्च न्यायालय ने मृतका के बयान को आरोपी की दोषसिद्धि की ओर इशारा करने वाला साक्ष्य माना। न्यायमूर्ति निशा एम. ठाकोर की एकल पीठ ने कहा कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 32 के तहत मृत्यु पूर्व घोषणापत्र को साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया गया है। इस मामले में मृतका का बयान ही अकेला साक्ष्य है जो अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया था।

पीठ ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि स्वतंत्र गवाह, जिनमें मृतका के रिश्तेदार और पड़ोसी शामिल थे, शत्रुतापूर्ण हो गए थे और उन्होंने अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं किया। अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त सरकारी वकील (एपीपी) मोनाली एच. भट्ट ने पक्ष रखा, जबकि प्रतिवादी/आरोपी की ओर से अधिवक्ता हार्दिक के. रावण ने पैरवी की।

गुजरात हाईकोर्ट: क्रूरता के आरोप और साक्ष्य

अदालत ने कहा कि पुलिस हेड कांस्टेबल और कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज किए गए बयानों में मृतका ने स्पष्ट रूप से अपने संक्षिप्त बयान में यह बताया कि उसे और उसके बच्चों दोनों को प्रतिवादी-आरोपी द्वारा शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। भले ही मृतका ने अपने संक्षिप्त बयान में किसी पिछली घटना का उल्लेख नहीं किया हो, लेकिन तथ्य यह है कि उसने शादी के सात साल से कम अवधि यानी पांच साल के भीतर ही आत्महत्या करने का इतना कठोर कदम उठाया।

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न्यायालय ने यह भी कहा कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 113(ए) अदालत को यह अनुमान लगाने की अनुमति देती है कि पति या पति के रिश्तेदारों ने मृतका को आईपीसी की धारा 498(ए) के तहत क्रूरता का शिकार बनाया था। हालांकि, इससे अभियोजन पक्ष पर यह दायित्व नहीं आता कि उसे क्रूरता और लगातार उत्पीड़न के साक्ष्य दिखाने होंगे। अदालत ने कहा कि किसी भी असंगति के अभाव में, सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न परिस्थितियों में अभियुक्त की दोषसिद्धि स्थापित करने के लिए घोषणा पर विचार करने का अवसर पाया है।

गुजरात हाईकोर्ट: मृत्यु पूर्व घोषणापत्र की सत्यता

माननीय सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यदि मृत्यु पूर्व घोषणा सत्य पाई जाती है और विश्वास जगाती है, तो अकेले इसी साक्ष्य के आधार पर दोषसिद्धि दर्ज की जा सकती है। उच्च न्यायालय ने इस मामले को उपरोक्त दो बयानों के प्रकाश में जांचने की आवश्यकता बताई। मृतका के उपरोक्त दो बयानों की सरल तुलना करने पर, भले ही संक्षिप्त वर्णन में, मृतका, जो अन्यथा मृत्युशय्या पर थी, ने प्रतिवादी-आरोपी द्वारा दिए गए शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के बारे में फिर से बताया।

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गुजरात हाईकोर्ट: अदालत का निष्कर्ष

उच्च न्यायालय ने निष्कर्ष निकाला कि सत्र न्यायाधीश ने बरी करते समय गंभीर गलती की है। मृतका के बयान और मृत्यु पूर्व घोषणापत्र को अनदेखा करना न्यायालय की ओर से एक बड़ी चूक थी, क्योंकि यह बयान स्पष्ट रूप से आरोपी की क्रूरता और उत्पीड़न को सिद्ध करता है। इसलिए, उच्च न्यायालय ने अपील को स्वीकार किया, विवादित निर्णय को रद्द किया, और पति की बरी को पलट दिया। इस मामले में आरोपी को अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में दोषी ठहराया गया।

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यह मामला इस बात को स्पष्ट करता है कि मृत्यु पूर्व घोषणापत्र को साक्ष्य के रूप में कैसे लिया जा सकता है और जब यह साक्ष्य सत्य प्रतीत होता है और विश्वास दिलाता है, तो इसके आधार पर आरोपी की दोषसिद्धि हो सकती है। उच्च न्यायालय का यह फैसला इस प्रकार के मामलों में साक्ष्य के महत्व और मृत्यु पूर्व घोषणापत्र की संवैधानिकता को रेखांकित करता है।

गुजरात हाईकोर्ट

Regards:- Adv.Radha Rani for LADY MEMBER EXECUTIVE in forthcoming election of Rohini Court Delhi

'50 सीटों' का फॉर्मूला 1 'NFS कांग्रेस की देन है' धर्मेंद्र प्रधान का पलटवार 1 'अपरिवर्तनीय' शब्द का प्रभाव 1 'अपरिवर्तनीय' शब्द के प्रयोग मात्र से पावर ऑफ अटॉर्नी अपरिवर्तनीय नहीं 1 'अब का सलाद खईब' गाने से मनोज तिवारी ने दिखाया महंगाई का दर्द 1 'आतंकवादी' शब्द ने बिगाड़ा माहौल 1 'आप' और बीजेपी के बीच मुकाबला 1 'कस्टम अधिकारी' 'पुलिस अधिकारी' नहीं 1 'कांग्रेस को पीलिया हो गया है' 1 'केसरी चैप्टर 2' का ट्रेलर दर्शकों के दिलों को कर गया छू 1 'गलती से मिस्टेक' 1 'जलसा' बंगला श्वेता बच्चन को किया गिफ्ट? 1 'जाट' की रिलीज से पहले उठे सवाल क्या कला और आस्था के बीच संभव है संतुलन? 1 'जाट' टाइटल पर रणदीप हुड्डा का तीखा जवाब "पहचान खुद फिल्म में सामने आएगी" 1 'जुमलों पर झाड़ू चलाएंगे फिर केजरीवाल को लाएंगे' 1 'ट्रिपल इंजन' सरकार की दिशा में सुदृढ़ कदम 1 'देवा' फिल्म की स्क्रीनिंग में रुकावट से अली गोनी का गुस्सा INOX को किया निशाना 1 'पराक्रमो विजयते' बोले अखिलेश यादव 1 'पुष्पा' पर बड़े प्रड्यूसर की विवादित टिप्पणी 1 'बड़ा भाई' 1 'बिग बॉस 18' के विनर बने करण 1 'बिग बॉस 18' में भी दिखा था अनोखा रिश्ता 1 'बिग बॉस 18' से बनी दोस्ती 1 'बिस्मिल्लाह' के साथ मां बनने की भावुक घोषणा 1 'बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट' का नारा 0 'भूल भुलैया 2' की सफलता और तैमूर का प्यार 1 'भूल भुलैया 2'और 'भूल भुलैया 3' की सफलता 1 'मर्दानी' फ्रेंचाइजी की वापसी का ऐलान 1 'मुफ्त की रेवड़ी' आरोपों पर भाजपा को जवाब 1 'मैया यशोदा' गाने की शूटिंग के दौरान क्या हुआ था? 1 'मोहल्ला बस' से 'नमो बस सेवा' तक 1 'रावण के वंशज' आरोप 1 'लाफ्टर शेफ्स 2' में बर्थडे सेलिब्रेशन 0

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Google Pixel 10a टीज़र जारी: नया डिज़ाइन, प्री-ऑर्डर 18 फरवरी

Google Pixel 10a का डिज़ाइन टीज़र जारी। फ्लैट कैमरा मॉड्यूल, Tensor G4 और 18 फरवरी से

Google Pixel 10a

Google Pixel 10a का डिज़ाइन टीज़र जारी। फ्लैट कैमरा मॉड्यूल, Tensor G4 और 18 फरवरी से प्री-ऑर्डर शुरू। जानें कीमत, फीचर्स और लॉन्च डिटेल।

Google Pixel 10a

Google Pixel 10a को लेकर टेक जगत में उत्सुकता तेजी से बढ़ रही है। Google ने अपने आगामी बजट स्मार्टफोन का आधिकारिक डिज़ाइन टीज़र जारी कर दिया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी इस बार अपने लोकप्रिय Pixel A-सीरीज़ में बड़ा बदलाव करने जा रही है। खास बात यह है कि Pixel 6 से चली आ रही सिग्नेचर कैमरा बार को हटाकर अब एक फ्लैट रियर कैमरा मॉड्यूल दिया गया है, जो फोन को अधिक प्रीमियम और मिनिमलिस्टिक लुक देता है।

कंपनी ने पुष्टि की है कि Google Pixel 10a के प्री-ऑर्डर 18 फरवरी 2026 से शुरू होंगे, जबकि डिवाइस की शिपमेंट इसी महीने के अंत तक शुरू होने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फोन Tensor G4 प्रोसेसर, 120Hz AMOLED डिस्प्ले और 7 साल के सॉफ्टवेयर अपडेट जैसे हाई-एंड फीचर्स के साथ आ सकता है।

Pixel 10a को Pixel 10 सीरीज़ का सबसे किफायती मॉडल माना जा रहा है, जो उन यूज़र्स को आकर्षित कर सकता है जो प्रीमियम अनुभव चाहते हैं लेकिन बजट सीमित है।

Google Pixel 10a डिज़ाइन टीज़र: क्या बदला इस बार?

Google Pixel 10a के टीज़र वीडियो ने यह साफ कर दिया है कि कंपनी इस बार डिजाइन के मामले में बड़ा प्रयोग कर रही है।

कैमरा बार हुआ गायब

Pixel 6 से लेकर Pixel 9a तक Google का सिग्नेचर कैमरा बार इसकी पहचान बन चुका था। लेकिन Pixel 10a में इसे हटाकर एक फ्लैट कैमरा मॉड्यूल दिया गया है।

इस बदलाव के पीछे संभावित कारण:

  • फोन को ज्यादा स्लिम बनाना
  • कैमरा बंप कम करना
  • मॉडर्न लुक देना

मिनिमलिस्टिक डिजाइन ट्रेंड

स्मार्टफोन इंडस्ट्री में अब क्लीन और फ्लैट डिजाइन का ट्रेंड बढ़ रहा है। Apple और Samsung जैसे ब्रांड भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बदलाव Pixel 10a को:

✔ ज्यादा प्रीमियम दिखाएगा
✔ पकड़ने में आरामदायक बनाएगा
✔ जेब में रखना आसान करेगा

रंग विकल्प

संभावित रंग:

Berry
Fog
Lavender
Obsidian

ये रंग युवा उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर चुने गए प्रतीत होते हैं।

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Google Pixel 10a प्री-ऑर्डर और उपलब्धता

Google Pixel 10a की बिक्री रणनीति भी काफी आक्रामक मानी जा रही है।

प्री-ऑर्डर कब से?

18 फरवरी 2026

यह तारीख संकेत देती है कि Google जल्द ही आधिकारिक लॉन्च इवेंट आयोजित कर सकता है।

शिपमेंट

  • फरवरी के अंत तक शुरू होने की उम्मीद
  • शुरुआती बाजार संभवतः यूरोप और अमेरिका

भारत में लॉन्च को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन Pixel A-सीरीज़ के पिछले ट्रेंड को देखें तो भारतीय बाजार में इसकी एंट्री की संभावना मजबूत है।

कीमत (संभावित)

VariantPrice (Europe)भारत में अनुमान
128GBEUR 549₹58,000
256GBEUR 649₹69,000

यदि यह कीमत भारत में भी करीब रहती है, तो यह मिड-प्रीमियम सेगमेंट में मजबूत प्रतिस्पर्धा पैदा कर सकता है।

Google Pixel 10a स्पेसिफिकेशन: क्या मिलेगा खास?

Google Pixel 10a को “Affordable Premium” कैटेगरी में रखा जा सकता है।

Display

  • 6.3-inch Full HD+ AMOLED
  • 120Hz refresh rate
  • 2000 nits peak brightness

यह आउटडोर विजिबिलिटी और स्मूद स्क्रॉलिंग दोनों में मदद करेगा।

Processor

Google Tensor G4

यह चिप AI आधारित फीचर्स, बेहतर फोटो प्रोसेसिंग और तेज परफॉर्मेंस के लिए जानी जाती है।

Camera

  • 48MP Main
  • 13MP Ultra-wide
  • 13MP Front

Pixel फोन हमेशा कैमरा क्वालिटी के लिए प्रसिद्ध रहे हैं, इसलिए यहां भी उम्मीदें ज्यादा हैं।

Battery

5100mAh

पूरे दिन का बैकअप मिलने की संभावना।

Software Support

7 साल तक अपडेट

यह Android इकोसिस्टम में सबसे लंबी अपडेट नीतियों में से एक है।

Pixel 10a किसे खरीदना चाहिए?

Google Pixel 10a खास तौर पर उन यूज़र्स को आकर्षित कर सकता है जो:

✔ शानदार कैमरा चाहते हैं
✔ लंबे अपडेट चाहते हैं
✔ क्लीन Android अनुभव पसंद करते हैं
✔ प्रीमियम डिजाइन चाहते हैं

प्रतियोगिता

Pixel 10a का मुकाबला संभवतः इनसे होगा:

  • Samsung Galaxy FE सीरीज़
  • iPhone SE (यदि नया आता है)
  • OnePlus mid-range phones

यदि Google कीमत संतुलित रखता है, तो यह सेगमेंट में मजबूत खिलाड़ी बन सकता है।

क्या Pixel 10a बजट फ्लैगशिप साबित होगा?

टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि Google Pixel 10a “Value Flagship” बन सकता है।

कारण:

  • फ्लैगशिप चिप
  • प्रीमियम डिस्प्ले
  • लंबा सॉफ्टवेयर सपोर्ट
  • भरोसेमंद कैमरा

आज के स्मार्टफोन बाजार में यूज़र केवल स्पेसिफिकेशन नहीं बल्कि लॉन्ग-टर्म वैल्यू देखते हैं — और Pixel 10a उसी दिशा में कदम लगता है।

FeatureDetails
PhoneGoogle Pixel 10a
Preorder18 Feb 2026
Display120Hz AMOLED
ProcessorTensor G4
Camera48MP
Battery5100mAh
Updates7 Years

5 Strong FAQ Google Pixel 10a

Q1. Google Pixel 10a प्री-ऑर्डर कब शुरू होंगे?

18 फरवरी 2026 से।

Q2. क्या डिजाइन बदला है?

हाँ, कैमरा बार हटाकर फ्लैट मॉड्यूल दिया गया है।

Q3. प्रोसेसर कौन सा होगा?

Google Tensor G4।

Q4. कीमत कितनी हो सकती है?

₹58,000–₹69,000 (अनुमान)।

Q5. सॉफ्टवेयर अपडेट कितने साल मिलेंगे?

7 वर्षों तक।