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हाथरस कांड 2024 नहीं होता यदि योगी बाबा चाहते ?

हाथरस कांड 2024 नहीं होता यदि योगी बाबा चाहते ?

हाथरस कांड 2024 नहीं होता यदि योगी बाबा चाहते ? : आज देश की सबसे बड़ी खबर और इस साल की सबसे बड़ी लापरवाही और

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हाथरस कांड 2024 नहीं होता यदि योगी बाबा चाहते ? : आज देश की सबसे बड़ी खबर और इस साल की सबसे बड़ी लापरवाही और नाकारा व्यवस्था की बात करेंगे , दोस्तों जो हाथरस से तस्वीरें और रोते बिलखते लोगो की जो तस्वीरें सामने आ रही है उससे आज दिल पसीज गया है । चारो तरफ हॉस्पिटल में लाशो का अम्बार लगा हुआ है ।

हाथरस कांड 2024

हाथरस कांड 2024 योगी सरकार का लापरवाही भरा सिस्टम: हाथरस में सत्संग हादसे में सैकड़ों की मौत!

टीपू सुल्तान – हेडलाइन्स लाइव न्यूज

हाथरस कांड 2024: रोते चीखते चिलाते लोग अपने लोगो की एक एक सांसो को थामे रखने के लिए तड़प रहे है और अंधी बहरी सरकार के लाचार सिस्टम को कोस रहे है । एक कोट पेण्ट टाई वाला बाबा जो आँखों पर महंगे से महंगा चस्मा लगा कर पता नहीं कोनसा सत्संग सुनाता है । हजारों लोगो को इकठा कर लेता है ।

लाचार सिस्टम बाबा के आयोजको के झूठ का रोना रोता है और कहता है हमने जनाब इस आयोजन की परमिशन मात्र कुछ हज़ार लोगो की दी थी । लेकिन यहाँ कई हजार लोग आ गए , अब बताओ योगी बाबा की यूपी का प्रशासन इस बात को बोलता है और अपना पल्ला झाड़ देता है ।

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हाथरस कांड 2024: 122 लोगों की मौत, लापरवाही और अव्यवस्था का तांडव!

इस बेपरवाह प्रशासन की वजह से आज करीब 122 लोग अपनी जान गवा बैठे है और कई लोग अपनी जान के लिए तड़प रहे है । बोलेगा इंडिया में योगी जी, जनता पूछ रही है की आखिर इन मौतों का जिम्मेदार कौन है । ये पेण्ट कोट पहनने वाला बाबा या इसके आयोजनकर्ता या वो हाथरस का प्रशासन जिसने ये आयोजन होने दिया या वो जनता जो इस आयोजन में शामिल होने आई थी । 122 लोग अपनी जान गवा बैठे है । कई लोग अभी भी एक एक साँस को तरस रहे है ।

घायलों को हॉस्पिटल जब लाया जाता है तो उनके लिए एम्बुलेंस तक की सुविधा उन्हें नहीं मिल पाती है । जैसे तैसे हॉस्पिटल भी पहुंच जाते है लोग तो वहाँ हॉस्पिटल में सुविधा के नाम पर कुछ नहीं मिलता है । जिन घायलों के परिजन थोड़ी हिम्मत दिखाते है , तो उनके घायलों को दूसरे हॉस्पिटल में ले जाया जाता है , और जिनका कोई नहीं होता देखने वाला तो वो बेचारे हॉस्पिटल की चौखट पर ही तड़प तड़प के दम तोड़ देते है ।

बाबा के सत्संग में मौत का खेल: 80 आयोजक गायब, मृतकों के परिजन बेसहारा!

इस बीच में टाई पेण्ट वाले बाबा की न तो वो सेना दिखाई देती है , जो इन लोगो की सुरक्षा की गारंटी लेती है और न ही आयोजन करता भी कही दिखाई नहीं देते है । बताया तो यहाँ तक जा रहा है की इस प्रोग्राम के करीब 80 आयोजनकर्ता थे लेकिन रोते बिलखते परिवार के पास कोई नज़र नहीं आया है , अगर बाबा की बात करे तो बाबा भी इस घटना के तुरंत बाद मोके से पतली गली नाप कर निकल लेते है ।

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क्या योगी सरकार दे पाएगी इंसाफ? हाथरस हादसे में पीड़ितों का दर्द!

सुना है की योगी बाबा की पुलिस ने इस मामले में एफ आई आर दर्ज़ कर ली है लेकिन उस एफ आई आर में टाई पेण्ट वाले बाबा का कही नाम नहीं है । आयोजनकर्ताओ पर एफ आई आर की गई है । इस बाबा की हैरान करने वाली बात ये है की बाबा पहले यूपी पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल की नौकरी करता है और न जाने कुछ ही समय में उसे ऐसा ज्ञान हो जाता है की वो इतना बड़ा बाबा बन जाता है । लाखो की संख्या इसके सत्संग में आना शुरू हो जाती है ।

जिस दिन ये घटना हुई है । उस दिन भी बताया जा रहा है , की बाबा के पैर छूने के लिए ये लोग तेज़ी से आगे बढ़ते है और एक के ऊपर एक लोग एक दूसरे को कुचलने लग जाते है , और लोगो का दम घुटने लग जाता है । मोके पर इस बाबा की सेना और प्रदेश के बाबा की सेना फेल हो जाती है । जिसकी वजह से ये हादसा हो जाता है ।

लोग सड़क से लेकर संसद तक इस लापरवाही के खिलाफ आवाज़ उठा रहे है और अपना दुःख भी वयक्त कर रहे है । इस मामले पर राजनीती भी बहुत हो रही है , लेकिन जो नहीं हो रहा है वो है उन पीड़ित घायल लोगो के साथ इंसाफ , जो एक एक साँस के लिए प्रशासन की चौखट पर दम तोड़ रहे है ।

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