Canada Khalistani Protest: Canada में आयोजित होने जा रहे G-7 शिखर सम्मेलन से पहले Khalistani समर्थकों द्वारा किए गए विरोध-प्रदर्शन को लेकर भारत सरकार ने सख्त प्रतिक्रिया दी है।
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस प्रदर्शन की तीखी आलोचना करते हुए खालिस्तानी समर्थकों को “किराए के टट्टू” करार दिया है। उनके अनुसार, ये लोग पाकिस्तान से फंडिंग लेते हैं और जब फंडिंग नहीं मिलती तो उसी के खिलाफ हो जाते हैं।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा गंभीरता से न ले इन किराये के टट्टुओं को
सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री हरदीप सिंह पुरी से जब Canada Khalistani Protest के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बेझिझक कहा,
“इनका एक और वीडियो कल वायरल हो रहा है। ये जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, ये पड़ोसी देश (पाकिस्तान) से फंडिंग लेते हैं। जब पैसा मिल रहा होता है तो खुश रहते हैं और जब फंडिंग बंद होती है तो उसी के खिलाफ हो जाते हैं। ये जो किराए के टट्टू हैं, इन्हें गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।”
पुरी ने यह भी कहा कि विदेशों में बैठकर देश के खिलाफ ज़हर फैलाने वाले ये तत्व भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने की साजिश कर रहे हैं, लेकिन भारत सरकार इन गतिविधियों से भलीभांति अवगत है और इससे निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम है।
G-7 सम्मेलन में भारत की भागीदारी
बता दें कि 16-17 जून को कनाडा में G-7 समिट 2025 आयोजित होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए साइप्रस यात्रा के बाद कनाडा रवाना होंगे। उन्हें G-7 समिट में हिस्सा लेने के लिए कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी द्वारा आमंत्रित किया गया है। पीएम मोदी इस तरह लगातार छठीं बार G-7 सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
खालिस्तानी समर्थकों ने G-7 समिट के आयोजन से पहले कनाडा में भारत विरोधी प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भारत सरकार पंजाब में सिखों के साथ अन्याय कर रही है और उनकी आवाज को दबा रही है। हालांकि, भारतीय पक्ष का कहना है कि ऐसे प्रदर्शन देश विरोधी ताकतों द्वारा प्रायोजित हैं और इनमें शामिल लोगों को विदेशों से आर्थिक मदद मिलती है।
हरदीप सिंह पुरी के बयान के अनुसार, इन प्रदर्शनकारियों को फंडिंग पाकिस्तान से मिलती है। वे सिर्फ पैसे के लिए इस तरह की गतिविधियों में शामिल होते हैं और जब पैसे नहीं मिलते, तो वे उन्हीं के खिलाफ हो जाते हैं जिन्होंने पहले उन्हें समर्थन दिया था। उन्होंने दो टूक कहा कि ऐसे तत्व न भारत के हित में हैं और न ही उनके अपने देश के।
हरदीप सिंह पुरी के इस बयान ने एक बार फिर खालिस्तानी मुद्दे को वैश्विक चर्चा में ला दिया है। भारत सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि वह देश विरोधी तत्वों से सख्ती से निपटेगी और विदेशी धरती पर देश के खिलाफ फैलाए जा रहे झूठ का जवाब भी पूरी मजबूती से दिया जाएगा। G-7 समिट से ठीक पहले हुआ यह विवाद भारत की विदेश नीति, सुरक्षा और छवि को लेकर एक महत्वपूर्ण मोड़ बन सकता है।





