Gold Silver Crash Today India में निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। आज घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। चांदी की कीमत ₹85,000 प्रति किलो तक फिसल गई है, जबकि सोने के दाम भी कई सौ रुपये नीचे आ गए। आखिर ऐसा क्या हुआ कि पीली और सफेद धातु में एक साथ बड़ी गिरावट देखने को मिली? इस रिपोर्ट में जानिए Gold Silver Crash की पूरी वजह, डॉलर इंडेक्स, ब्याज दरों का असर, ग्लोबल संकेत और आगे निवेशकों को क्या रणनीति अपनानी चाहिए।
Gold Silver Crash Today India: आज सोना-चांदी अचानक क्यों गिरे?
Gold Silver Crash Today India ने आज कमोडिटी बाजार में हलचल मचा दी। शुक्रवार को घरेलू वायदा बाजार MCX और स्पॉट मार्केट में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
चांदी जहां सीधे ₹85,000 प्रति किलो के स्तर तक फिसल गई, वहीं सोना भी अपने हालिया उच्च स्तर से काफी नीचे आ गया।
बाजार जानकारों के मुताबिक, इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय संकेत हैं। अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है, वहीं फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर सख्त बयानबाजी ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया। सोना और चांदी को आमतौर पर सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन जब ब्याज दरें ऊंची रहने की उम्मीद होती है, तो निवेशक गोल्ड से पैसा निकालकर बॉन्ड और डॉलर की ओर रुख करते हैं।
इसके अलावा, चीन और यूरोप से कमजोर आर्थिक आंकड़े आने से औद्योगिक मांग में भी कमी देखने को मिली, जिसका सीधा असर चांदी पर पड़ा।
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Gold Silver Crash Today India: चांदी में सोने से ज्यादा गिरावट क्यों?
Gold Silver Crash Today India में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि चांदी की गिरावट सोने से कहीं ज्यादा तेज रही। इसकी बड़ी वजह है कि चांदी सिर्फ निवेश धातु नहीं, बल्कि औद्योगिक धातु भी है।
सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटो सेक्टर में चांदी की मांग जुड़ी होती है। जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती के संकेत मिलते हैं, तो चांदी की मांग घट जाती है।
दूसरी ओर, सोना मुख्य रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है, इसलिए उसमें गिरावट अपेक्षाकृत सीमित रहती है।
आज के कारोबार में:
- चांदी ₹85,000/kg के आसपास
- सोना कई सौ रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता
विशेषज्ञ मानते हैं कि शॉर्ट टर्म में चांदी ज्यादा वोलाटाइल रहेगी।
डॉलर, फेड और ग्लोबल मार्केट का असर
सोने-चांदी की कीमतें सीधे तौर पर डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड से जुड़ी होती हैं।
हाल के दिनों में डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है, जिससे सोना-चांदी महंगे हो जाते हैं और मांग घटती है।
फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि ब्याज दरों में कटौती जल्द नहीं होगी। इसका मतलब है कि:
- निवेशकों को बॉन्ड में बेहतर रिटर्न
- गोल्ड जैसे नॉन-इंटरेस्ट एसेट्स पर दबाव
इसके अलावा, मध्य पूर्व और यूक्रेन से जुड़े भू-राजनीतिक जोखिम फिलहाल बाजार में उतना डर पैदा नहीं कर पा रहे, जितना पहले करते थे।
निवेशकों के लिए मौका या खतरा?
अब सबसे बड़ा सवाल है—क्या यह गिरावट निवेश का मौका है?
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना अभी भी सुरक्षित विकल्प बना हुआ है।
हालांकि, चांदी में निवेश करने वालों को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
रणनीति:
- लॉन्ग टर्म निवेशक: SIP या चरणबद्ध खरीद
- शॉर्ट टर्म ट्रेडर: वोलाटिलिटी से बचें
- फिजिकल गोल्ड खरीदने वाले: मेकिंग चार्ज पर ध्यान दें
आगे क्या? कीमतों का आउटलुक
विश्लेषकों के मुताबिक, आने वाले दिनों में:
- सोना सीमित दायरे में रह सकता है
- चांदी में तेज उतार-चढ़ाव संभव
अगर अमेरिका से महंगाई के आंकड़े नरम आते हैं, तो सोना दोबारा सपोर्ट पा सकता है।
वहीं, चांदी की दिशा पूरी तरह इंडस्ट्रियल डिमांड पर निर्भर करेगी।
| Metal | Previous Price | Today Price |
|---|---|---|
| Gold | Higher | Fell Sharply |
| Silver | Above ₹90,000 | Around ₹85,000 |
FAQ
1️⃣ Gold Silver Crash Today India क्यों हुआ?
सोने और चांदी में गिरावट की मुख्य वजह डॉलर इंडेक्स की मजबूती, अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर सख्त संकेत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मुनाफावसूली रही।
2️⃣ चांदी की कीमत ₹85,000 प्रति किलो तक क्यों गिर गई?
चांदी एक औद्योगिक धातु भी है। वैश्विक आर्थिक सुस्ती, औद्योगिक मांग में कमी और निवेशकों की बिकवाली के कारण चांदी की कीमतों में तेज गिरावट आई।
3️⃣ क्या यह सोने में निवेश करने का सही समय है?
विशेषज्ञों के अनुसार, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना अब भी सुरक्षित विकल्प है, लेकिन एकमुश्त निवेश की बजाय चरणबद्ध खरीद या SIP बेहतर मानी जा रही है।
4️⃣ क्या चांदी की कीमतों में आगे और गिरावट संभव है?
हां, अगर वैश्विक आर्थिक दबाव और डॉलर की मजबूती बनी रहती है, तो चांदी में आगे भी उतार-चढ़ाव और गिरावट देखी जा सकती है।
5️⃣ आने वाले दिनों में सोना-चांदी का आउटलुक क्या है?
विश्लेषकों के मुताबिक, सोना सीमित दायरे में रह सकता है, जबकि चांदी में ज्यादा वोलाटिलिटी बनी रहने की संभावना है।







