BOMBAY STAMP ACT: सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि यदि किसी बिक्री समझौते में संपत्ति का कब्जा हस्तांतरित किया जाता है, तो इसे “हस्तांतरण” माना जाएगा और यह बॉम्बे स्टांप अधिनियम के तहत स्टांप ड्यूटी के अधीन होगा।
BOMBAY STAMP ACT: स्टांप ड्यूटी साधन पर लगती है न कि लेन-देन पर
जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि स्टांप ड्यूटी केवल संपत्ति के स्वामित्व हस्तांतरण पर ही नहीं, बल्कि कब्जे के हस्तांतरण पर भी लागू होती है। अदालत ने कहा कि बिक्री समझौता भी स्टांप ड्यूटी को आकर्षित करेगा, यदि यह खरीदार को संपत्ति का कब्जा प्रदान करता है, भले ही बिक्री विलेख बाद में निष्पादित किया जाए।
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अपीलकर्ता का दावा
इस मामले में अपीलकर्ता, जो पहले से ही किराएदार था, ने संपत्ति खरीदने के लिए विक्रेता से एक बिक्री समझौता किया। समझौते में कहा गया कि वह किराएदार के रूप में संपत्ति पर कब्जा बनाए रखेगा और स्वामित्व का हस्तांतरण बिक्री विलेख निष्पादन के बाद होगा।
अपीलकर्ता ने तर्क दिया कि वह पहले से ही किराएदार के रूप में संपत्ति पर काबिज था, इसलिए यह समझौता “हस्तांतरण” की श्रेणी में नहीं आता और उस पर स्टांप ड्यूटी नहीं लगनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
न्यायालय ने अपीलकर्ता की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि भले ही वह पहले से किराएदार था, लेकिन बिक्री समझौते में भविष्य में स्वामित्व आधारित कब्जे के हस्तांतरण काप्रावधान था। अतः यह बॉम्बे स्टांप अधिनियम की अनुसूची I के अनुच्छेद 25 के तहत हस्तांतरण की परिभाषा में आता है और इस पर स्टांप ड्यूटी लगाई जाएगी।
अदालत की टिप्पणियां और नजीरें
अदालत ने वीना हसमुख जैन बनाम महाराष्ट्र राज्य (1999) 5 SCC 725और श्यामसुंदर राधेश्याम अग्रवाल बनाम पुष्पाबाई नीलकंठ पाटिल के मामलों का हवाला दिया, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि यदि कब्जा किसी बिक्री समझौते के तहत हस्तांतरित किया जाता है या हस्तांतरित करने की सहमति दी जाती है, तो इसे “हस्तांतरण” माना जाएगा और स्टांप ड्यूटी के अधीन होगा।
सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय
सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय में कहा कि यदि कोई खरीदार पहले से ही किराएदार के रूप में संपत्ति पर काबिज है और बिक्री समझौते में भौतिक कब्जे के हस्तांतरण का प्रावधान है, तो यह स्टांप ड्यूटी के लिए उत्तरदायी होगा। इस आधार पर अदालत ने अपीलकर्ता की याचिका को खारिज कर दिया।
मामला: रमेश मिश्रीमल जैन बनाम अविनाश विश्वनाथ पटने और अन्य।
पत्नी का ससुराल की सम्पति पर अधिकार | wife rights on husband’s property india | headlines live news





