Consideration for Lease: लीज़ – धारा 105 संपत्ति अंतरण अधिनियम के अंतर्गत लीज़ को परिभाषित करती है।
यह आंशिक अंतरण का एक रूप है, जिसमें किसी अचल या स्थावर संपत्ति के उपभोग का अधिकार किसी निश्चित अवधि के लिए एक निश्चित मूल्य, धन, फसलों के अंश, या किसी अन्य वस्तु के प्रतिफल के रूप में स्थानांतरित किया जाता है।
सरल शब्दों में, लीज़दाता (Lessor) अपनी संपत्ति के उपभोग का अधिकार लीज़ग्राही (Lessee) को सौंपता है, जो इसके बदले लीज़दाता को एक निश्चित प्रतिफल प्रदान करता है। यह प्रतिफल धनराशि, फसलों का अंश, सेवा, या अन्य मूल्यवान वस्तुओं के रूप में हो सकता है।
Consideration for Lease: लीज़ की प्रमुख विशेषताएँ
- स्वामित्व और कब्ज़े का विभाजन: लीज़ के तहत स्वामित्व लीज़दाता के पास रहता है, जबकि संपत्ति का भौतिक कब्ज़ा लीज़ग्राही को मिलता है।
- अवशिष्ट अधिकार (Right of Reversion): लीज़ की अवधि समाप्त होने के बाद संपत्ति स्वाभाविक रूप से लीज़दाता को वापस मिल जाती है।
- लीज़ के अंतर्गत हस्तांतरित अधिकार: लीज़ग्राही को केवल संपत्ति के उपयोग का अधिकार प्राप्त होता है, लेकिन वह संपत्ति को हस्तांतरित या नष्ट नहीं कर सकता।
- लीज़ का संविदात्मक आधार: लीज़ का निर्माण एक संविदा (Contract) के तहत किया जाता है, जिसमें दोनों पक्षों के अधिकार और दायित्व स्पष्ट रूप से निर्धारित होते हैं।
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लीज़ के आवश्यक तत्व
- पक्षकार (Parties):
- लीज़दाता (Lessor) – संपत्ति का स्वामी या अधिकृत व्यक्ति।
- लीज़ग्राही (Lessee) – संपत्ति का उपयोग करने वाला व्यक्ति या संस्था।
- विषयवस्तु (Subject Matter):
- लीज़ केवल स्थावर संपत्ति (Immovable Property) पर ही प्रभावी होती है।
- संपत्ति स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट होनी चाहिए।
- अधिकार का अंतरण:
- केवल उपयोग का अधिकार दिया जाता है, स्वामित्व नहीं।
- प्रतिफल या किराया (Rent):
- यह धन, सेवा, या वस्तु के रूप में हो सकता है।
लीज़ का वैधता और सीमा
- संविदा करने की योग्यता: लीज़दाता को संपत्ति का वैध स्वामी होना चाहिए। यदि वह स्वयं स्वामी नहीं है, तो उसे संपत्ति के स्वामी द्वारा अधिकृत किया जाना आवश्यक है।
- अवयस्कों द्वारा लीज़:
- अवयस्क (Minor) स्वयं लीज़ प्रदान नहीं कर सकता, लेकिन उसका संरक्षक यह कर सकता है।
- यदि अवयस्क के नाम से लीज़ किया जाता है, तो वह न्यायालय द्वारा शून्य भी घोषित किया जा सकता है।
- मुस्लिम विधि के अंतर्गत लीज़: यदि लीज़ किसी मुस्लिम अवयस्क द्वारा किया गया हो, तो वह अमान्य होगा। लेकिन यदि मुस्लिम पिता अपने नाबालिग बच्चों के लिए लीज़ करता है, तो वह वैध हो सकता है।
लीज़ की समाप्ति (Termination of Lease)
लीज़ विभिन्न स्थितियों में समाप्त हो सकती है:
- समय की समाप्ति: लीज़ की पूर्व निर्धारित अवधि पूरी होने पर।
- परिस्थितिजन्य समाप्ति: यदि लीज़ की शर्तों का उल्लंघन किया गया हो।
- आपसी सहमति: लीज़दाता और लीज़ग्राही दोनों की सहमति से।
- स्वतः समापन: यदि लीज़ग्राही संपत्ति के उपयोग में गंभीर चूक करता है या कानूनी बाध्यता उत्पन्न हो जाती है।
विवाद समाधान और न्यायालय की भूमिका
लीज़ संपत्ति अंतरण अधिनियम के तहत संपत्ति के उपयोग का एक महत्वपूर्ण साधन है, जो स्वामित्व को बनाए रखते हुए कब्ज़े का अधिकार प्रदान करता है। यह एक संविदात्मक प्रक्रिया है, जिसमें लीज़दाता और लीज़ग्राही के अधिकार और कर्तव्य स्पष्ट रूप से निर्धारित होते हैं। किसी भी विवाद की स्थिति में, न्यायालय लीज़ की शर्तों और संविदा अधिनियम के तहत निर्णय करता है।
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