नई दिल्ली के कालकाजी इलाके में स्थित भूमिहीन कैंप पर मंगलवार सुबह दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई।
हाईकोर्ट की मंजूरी के बाद इस अभियान की शुरुआत सुबह 5 बजे की गई, जिसमें कई झुग्गियों पर बुलडोजर चला दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया और भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। बताया जा रहा है कि यहां लगभग 1200 घरों को तोड़ा जाएगा।
इस तोड़फोड़ की कार्रवाई ने सियासी हलचल भी तेज कर दी है। आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी मार्लेना खुद मौके पर पहुंचीं और मीडिया से बात करते हुए केंद्र सरकार और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। आतिशी ने पूछा कि क्या बीजेपी चाहती है कि गरीब दिल्ली छोड़कर भाग जाएं?
आतिशी ने साधा बीजेपी पर निशाना
आतिशी ने कहा, “यह बहुत दुखद है कि जिन लोगों ने इस शहर को बनाया, जिन्होंने वर्षों तक मेहनत की, उनके सिर से आज छत छीन ली गई है। भूमिहीन कैंप में रहने वाले अधिकतर लोग पिछले 20 से 40 साल से यहां रह रहे हैं। चुनाव के समय बीजेपी वादा करती है कि ‘जहां झुग्गी-वहां मकान’ दिया जाएगा, लेकिन चुनाव खत्म होते ही बुलडोजर चलवाया जाता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि तीन दिन पहले ही दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (BJP) ने बयान दिया था कि किसी भी झुग्गी को नहीं तोड़ा जाएगा। “तो अब यह कार्रवाई किसके आदेश पर हो रही है? रेखा गुप्ता को जवाब देना चाहिए,” आतिशी ने सवाल किया।
वीडियो ट्वीट कर साधा निशाना
आतिशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कार्रवाई की वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “सुबह 5 बजे से भूमिहीन कैंप में बीजेपी का बुलडोजर चलना शुरू हो गया है। रेखा गुप्ता जी, आपने तीन दिन पहले कहा था कि झुग्गियों को नहीं तोड़ा जाएगा, तो फिर आज ये सब क्यों हो रहा है?”
झुग्गीवासियों को तीन दिन पहले मिला था नोटिस
दिल्ली विकास प्राधिकरण का कहना है कि यह कार्रवाई अदालत के आदेशों के तहत की जा रही है। सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण कर बनाई गई झुग्गियों को हटाने के लिए अदालत ने DDA को निर्देश दिए थे। तीन दिन पहले झुग्गीवासियों को नोटिस जारी कर दिया गया था जिसमें उन्हें स्वेच्छा से हटने को कहा गया था।
DDA ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन लोगों को पात्र माना गया है, उन्हें वैकल्पिक आवास की योजना के तहत घर दिए जाएंगे। हालांकि, कोर्ट में सुनवाई के दौरान DDA ने कहा था कि कुछ झुग्गीवासियों को वैकल्पिक मकान नहीं दिया जाएगा क्योंकि वे पात्रता मानकों को पूरा नहीं करते।
राजनीतिकरण के आरोपों पर गरमाई सियासत
वहीं, बीजेपी प्रवक्ता का कहना है कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है। “यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर हो रही है और इसमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है। AAP झूठ फैला रही है और जनता को गुमराह कर रही है।”
चुनावी वादे हुए फेल, बेघर हुए सैकड़ों परिवार
भूमिहीन कैंप की इस कार्रवाई ने एक बार फिर ‘झुग्गी बनाम विकास’ की बहस को हवा दे दी है। चुनावी वादों और ज़मीनी हकीकत के बीच फंसे गरीब परिवारों को एक बार फिर सड़कों पर आना पड़ा है। आतिशी ने एलान किया है कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर अदालत तक उठाएगी।
इस बीच कई सामाजिक संगठनों ने भी DDA की कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में यह मामला और भी राजनीतिक गर्मी पैदा कर सकता है।
आतिशी का BJP पर वार: क्या गरीबों को दिल्ली से खदेड़ना चाहती है सरकार?
कालकाजी के भूमिहीन कैंप पर चला बुलडोजर महज एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि गरीबों की दुर्दशा और राजनीतिक वादाखिलाफी का बड़ा उदाहरण बनकर उभर रहा है। यह देखना बाकी है कि अदालत, सरकार और विपक्ष इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं और प्रभावित लोगों को राहत कैसे मिलती है।





