Delhi Budget 2026 में राजधानी के इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा, रोजगार और कारोबार को नई गति देने वाली बड़ी घोषणाएं हुई हैं। जानें सीएम रेखा गुप्ता ने बजट को क्यों बताया ऐतिहासिक।
नई दिल्ली : Delhi Budget 2026 को लेकर राजधानी की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय बजट 2026-27 को दिल्ली के विकास की दिशा में “मजबूत और दूरदर्शी कदम” बताते हुए कहा कि यह सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं बल्कि भविष्य की योजनाओं का रोडमैप है।
दिल्ली सचिवालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करता है। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का भी आभार जताया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, बजट का मूल उद्देश्य आर्थिक गति को बनाए रखना, नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करना और “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को जमीनी स्तर तक पहुंचाना है। खास बात यह है कि बजट में युवाओं, महिलाओं, मध्यम वर्ग और छोटे कारोबारियों को ध्यान में रखते हुए कई ठोस प्रावधान किए गए हैं।
राजधानी जैसे सेवा-आधारित महानगर के लिए यह बजट बहुआयामी अवसर लेकर आया है—चाहे वह इंफ्रास्ट्रक्चर हो, रोजगार हो, सुरक्षा हो या निवेश। केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच बेहतर तालमेल का असर भी इस बजट में साफ दिखाई देता है।
Delhi Budget 2026: केंद्र-दिल्ली तालमेल से विकास को मिली नई दिशा
Delhi Budget 2026 की सबसे बड़ी खासियत केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच मजबूत समन्वय को माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि संवाद और सहयोग ही किसी महानगर की प्रगति का आधार होता है, और इस बार बजट में वही झलक दिखाई दी है।
दिल्ली जैसे शहर में प्रशासनिक जिम्मेदारियां जटिल होती हैं—यह देश की राजधानी भी है और एक बड़ा आर्थिक केंद्र भी। ऐसे में सड़क, परिवहन, स्वास्थ्य, जल आपूर्ति और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सुधार तभी संभव है जब केंद्र और राज्य मिलकर काम करें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से फंडिंग और परियोजनाओं को लेकर लगातार बातचीत चल रही थी। इसका परिणाम यह हुआ कि बजट में दिल्ली के हितों को विशेष महत्व मिला।
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राजधानी को सीधे 1,348 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मिलने का प्रावधान इसी समन्वय का उदाहरण है। यह राशि बुनियादी ढांचे, पानी की व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में खर्च की जाएगी।
विशेष रूप से चंद्रावल वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट जैसी परियोजनाएं लंबे समय से जल संकट झेल रहे इलाकों के लिए राहत साबित हो सकती हैं। यदि योजना तय समय पर पूरी होती है, तो 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य भी साकार हो सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बजट दिल्ली को “रिएक्टिव प्रशासन” से “प्रोएक्टिव प्लानिंग” की ओर ले जाने का प्रयास है—जहां समस्याओं का समाधान पहले से तैयार किया जाता है।
Delhi Budget 2026: इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार को मिलेगा मेगा बूस्ट
Delhi Budget 2026 में पूंजीगत खर्च को 11.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करना एक बड़ा संकेत है कि सरकार निर्माण आधारित आर्थिक गतिविधियों को तेज करना चाहती है।
इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश का सीधा असर रोजगार पर पड़ता है। नई सड़कें, फ्लाईओवर, परिवहन नेटवर्क और सार्वजनिक परियोजनाएं न केवल शहर की कार्यक्षमता बढ़ाती हैं बल्कि लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करती हैं।
दिल्ली, जो पहले से ही व्यापार और सेवा क्षेत्र का केंद्र है, इस निवेश से और मजबूत हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, बेहतर कनेक्टिविटी से लॉजिस्टिक्स लागत कम होती है, जिससे कारोबार को फायदा मिलता है।
सबसे चर्चित परियोजनाओं में से एक दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर है। यह परियोजना सिर्फ यात्रा का समय कम नहीं करेगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी।
राजधानी की पहचान एक राष्ट्रीय परिवहन हब के रूप में और मजबूत होगी। इससे होटल, रिटेल, ट्रांसपोर्ट और सर्विस सेक्टर में नई नौकरियां पैदा होने की संभावना है।
आर्थिक विशेषज्ञ इसे “मल्टीप्लायर इफेक्ट” कहते हैं—जहां एक बड़ा निवेश कई छोटे उद्योगों और सेवाओं को भी गति देता है।
महिलाओं और युवाओं पर विशेष फोकस, भविष्य की अर्थव्यवस्था की तैयारी
बजट में महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखकर बनाई गई नीतियां यह संकेत देती हैं कि सरकार भविष्य की कार्यबल (workforce) को तैयार करने पर जोर दे रही है।
लड़कियों के लिए हॉस्टल निर्माण की योजना शिक्षा में आने वाली सामाजिक और भौगोलिक बाधाओं को कम कर सकती है। जब छात्राओं को सुरक्षित आवास मिलता है, तो उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ती है—जो लंबे समय में आर्थिक विकास को गति देती है।
युवाओं के लिए कौशल विकास, आधुनिक तकनीक और रोजगार के नए रास्ते खोलने पर भी जोर दिया गया है। स्वास्थ्य, खेल और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने की योजना से दिल्ली के सर्विस सेक्टर को फायदा होगा।
इसके अलावा “ऑरेंज इकॉनमी” यानी Animation, Visual Effects, Gaming और Comics जैसे क्रिएटिव सेक्टर को बढ़ावा देना एक दूरदर्शी कदम माना जा रहा है।
15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएशन लैब्स स्थापित करने की योजना डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकती है। दिल्ली, जहां बड़ी संख्या में युवा और स्टार्टअप मौजूद हैं, इस पहल का प्रमुख लाभार्थी बन सकती है।
यदि सही तरीके से लागू किया गया, तो यह सेक्टर हजारों उच्च वेतन वाली नौकरियां पैदा कर सकता है।
सुरक्षा, पुलिस और प्रशासनिक मजबूती से बढ़ेगा भरोसा
राजधानी की सुरक्षा हमेशा राष्ट्रीय प्राथमिकता रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए बजट में दिल्ली पुलिस के लिए 12,503 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
यह राशि पुलिसकर्मियों के वेतन, आधुनिक तकनीक, वाहनों और थानों के संचालन पर खर्च होगी। अन्य राज्यों के विपरीत, जहां यह खर्च राज्य सरकार उठाती है, दिल्ली में केंद्र यह जिम्मेदारी निभाता है—जो एक बड़ी वित्तीय राहत है।
इससे दिल्ली सरकार अपने संसाधनों को शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक योजनाओं में निवेश कर सकती है।
बेहतर पुलिसिंग का असर सिर्फ अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं होता। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ता है, पर्यटन को बढ़ावा मिलता है और नागरिकों की जीवन गुणवत्ता बेहतर होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, “सुरक्षित शहर” हमेशा अधिक निवेश आकर्षित करते हैं—और यही आर्थिक विकास का आधार बनता है।
कारोबार, MSME और निवेश को नई उड़ान
दिल्ली की अर्थव्यवस्था काफी हद तक छोटे कारोबारियों और सर्विस प्रोफेशनल्स पर आधारित है। ऐसे में MSME सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये का फंड बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इससे छोटे उद्यमियों को पूंजी आसानी से मिलेगी, कर्ज प्रक्रिया सरल होगी और बिजनेस विस्तार संभव होगा।
इसके साथ ही Ease of Doing Business को बेहतर बनाने के लिए कई सुधार प्रस्तावित हैं—जैसे आईटी और सर्विस सेक्टर को नियमों में राहत, नगर निगमों को फंड जुटाने में मदद और कॉर्पोरेट बॉन्ड से जुड़े सुधार।
दिल्ली, जहां बड़ी संख्या में स्टार्टअप और कंपनियां हैं, इन फैसलों का सबसे ज्यादा असर महसूस कर सकती है।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि जब निवेश बढ़ता है, तो रोजगार और आय दोनों में वृद्धि होती है—जो अंततः शहर की समग्र अर्थव्यवस्था को गति देता है।
Table Summary Delhi Budget 2026
| Key Point | Details |
|---|---|
| Central Assistance | ₹1,348 करोड़ |
| Delhi Police Budget | ₹12,503 करोड़ |
| MSME Fund | ₹10,000 करोड़ |
| Capital Expenditure | ₹12.2 लाख करोड़ |
| हाई-स्पीड रेल | दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर |
5 FAQ Delhi Budget 2026
1. Delhi Budget 2026 से दिल्ली को सबसे बड़ा फायदा क्या होगा?
इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, रोजगार सृजन और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से राजधानी की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
2. क्या Delhi Budget 2026 में रोजगार पर ध्यान दिया गया है?
हाँ, निर्माण गतिविधियों और नए सेक्टर में निवेश से बड़े पैमाने पर नौकरी के अवसर बनेंगे।
3. दिल्ली पुलिस के लिए कितना बजट रखा गया?
लगभग ₹12,503 करोड़, जिससे सुरक्षा ढांचा और मजबूत होगा।
4. MSME सेक्टर को क्या लाभ मिलेगा?
₹10,000 करोड़ का फंड छोटे कारोबारियों को पूंजी और विस्तार में मदद करेगा।
5. क्या यह बजट निवेश बढ़ाएगा?
Ease of Doing Business सुधारों से निवेश आकर्षित होने की संभावना बढ़ेगी।







