Gadi Eisenkot Government Formation: इस्रायल के राष्ट्रपति ने पूर्व सेना प्रमुख गादी आयसेनकोट को सरकार बनाने का न्योता दिया। बेंजामिन नेतन्याहू को बड़ा झटका।
मध्य पूर्व के सुलगते और बेहद संवेदनशील भू-राजनीतिक परिदृश्य में इस्रायल की घरेलू राजनीति इस समय एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व मोड़ पर आ खड़ी हुई है। इस्रायल के राजनीतिक गलियारों में चल रहे लंबे उठापटक और अनिर्णय के दौर के बाद, देश के राष्ट्रपति इसाक हर्झोग (Isaac Herzog) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए देश के पूर्व सेना प्रमुख और विपक्षी नेता गादी आयसेनकोट (Gadi Eisenkot) को नई सरकार के गठन की जिम्मेदारी सौंपी है। इस राजनीतिक फैसले ने देश के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) के राजनीतिक वर्चस्व को गहरा झटका दिया है। इस्रायल की संसद यानी ‘क्नेसेट’ (Knesset) में हाल ही में संपन्न हुए चुनावों के बाद किसी भी एक दल या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था, जिसके चलते देश में राजनीतिक गतिरोध पैदा हो गया था। Gadi Eisenkot Government Formation
राष्ट्रपति हर्झोग द्वारा Gadi Eisenkot Government Formation की प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद से ही इस्रायली राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कई राजनीतिक विश्लेषक इसे इस्रायल के लोकतांत्रिक और कूटनीतिक भविष्य के लिए एक नए युग की शुरुआत मान रहे हैं, तो वहीं कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि खंडित जनादेश और वैचारिक रूप से बंटी पार्टियों के बीच सरकार चलाना गादी आयसेनकोट के लिए आसान नहीं होगा। इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि कैसे इस राजनीतिक बदलाव ने इस्रायल के सत्ता समीकरणों को पूरी तरह बदलकर रख दिया है और आने वाले दिनों में इसके राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्या दूरगामी प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। Gadi Eisenkot Government Formation
Gadi Eisenkot Government Formation: राष्ट्रपति इसाक हर्झोग के फैसले से नेतन्याहू के राजनीतिक साम्राज्य को तगड़ा झटका
इस्रायल के राष्ट्रपति भवन में हाल ही में हुए घटनाक्रम के तहत, राष्ट्रपति इसाक हर्झोग ने विभिन्न संसदीय दलों के नेताओं के साथ मैराथन बैठकें करने के बाद यह निर्णय लिया कि Gadi Eisenkot Government Formation के लिए सबसे उपयुक्त चेहरा साबित हो सकते हैं। चुनावों के बाद के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस्रायल की 120 सदस्यीय संसद में नेतन्याहू और उनके दक्षिणपंथी व धार्मिक सहयोगियों के गुट को केवल 46 से 53 के बीच ही समर्थन मिल पाया, जो बहुमत के जादुई आंकड़े (61 सीटों) से काफी कम है। इसके विपरीत, विपक्षी दलों के ‘चेंज ब्लॉक’ (Change Bloc) और विभिन्न अरब राजनीतिक दलों के समर्थन को मिलाकर गादी आयसेनकोट के पक्ष में कुल 67 सांसदों की अनुशंसा दर्ज की गई है। Gadi Eisenkot Government Formation
यह समर्थन इस बात का स्पष्ट संकेत है कि संसद के भीतर अब एक ऐसा बड़ा धड़ा तैयार हो चुका है जो बेंजामिन नेतन्याहू के लंबे और कड़े नेतृत्व से मुक्ति चाहता है। गादी आयसेनकोट, जो कि इस्रायली रक्षा बलों (IDF) के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ रह चुके हैं और 2022 में सक्रिय राजनीति में उतरे थे, अपनी सख्त प्रशासनिक छवि और साफ-सुथरे रिकॉर्ड के लिए जाने जाते हैं। युद्धकालीन कैबिनेट में कुछ समय बिताने और फिर विपक्ष में लौटने वाले आयसेनकोट की यह छलांग इस्रायली राजनीति में एक नए समीकरण को जन्म दे रही है। राष्ट्रपति द्वारा दिए गए जनादेश के अनुसार, अब आयसेनकोट के पास अगले 28 दिनों का समय होगा जिसके भीतर उन्हें अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक स्थिर और बहुमत वाली सरकार का ताना-बाना बुनना होगा। Gadi Eisenkot Government Formation
Gadi Eisenkot Government Formation: विपक्षी दलों और अरब गुटों के समर्थन से खड़ी हुई नई राजनीतिक समीकरण की इबारत
किसी भी गठबंधन सरकार की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसे कितने वैचारिक रूप से भिन्न दलों का साथ मिल रहा है। Gadi Eisenkot Government Formation की इस पूरी प्रक्रिया में सबसे दिलचस्प और विवादास्पद पहलू यह रहा है कि आयसेनकोट को देश के प्रमुख अरब राजनीतिक दलों—जैसे ‘रआम’ (Ra’am) और ‘जॉइंट लिस्ट’ (Joint List)—का महत्वपूर्ण समर्थन प्राप्त हुआ है। इन अरब दलों ने इस बार के चुनावों में रिकॉर्ड सीटें हासिल की हैं और इस्रायल के राजनीतिक पटल पर एक किंगमेकर की भूमिका में उभरे हैं। कुल 67 सांसदों के समर्थन में ‘चेंज ब्लॉक’ के 48, और अरब दलों के करीब 19 सांसद शामिल हैं, जिन्होंने नेतन्याहू को सत्ता से बेदखल करने के लिए आयसेनकोट के नाम पर मुहर लगाई है। Gadi Eisenkot Government Formation
हालांकि, यह समर्थन जितना मजबूत दिखाई देता है, उतना ही अंदरूनी कलह से भी घिरा हुआ है। कार्यवाहक प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके दक्षिणपंथी सहयोगियों ने इन अरब गुटों के समर्थन पर आधारित सरकार को देश की सुरक्षा के लिए खतरा करार देते हुए इसकी तीखी आलोचना की है। नेतन्याहू खेमे का तर्क है कि आतंकवाद के प्रति नरम रुख रखने वाले या राज्य विरोधी माने जाने वाले धड़ों के कंधों पर सवार होकर बनाई गई सरकार इस्रायल की संप्रभुता को कमजोर कर सकती है। इसके अलावा, आयसेनकोट के खुद के गठबंधन में शामिल कई मध्यमार्गी और दक्षिणपंथी दल भी खुलकर अरब विधायकों के सीधे सहयोग या मंत्रिमंडल में उनकी भागीदारी के पक्ष में नहीं हैं। ऐसे में, आयसेनकोट के सामने एक तरफ अल्पमत सरकार चलाने का विकल्प है, तो दूसरी तरफ अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स (अति-कर्मठ ज्यू) दलों या राष्ट्रीय एकता सरकार के जरिए बीच का रास्ता निकालने की चुनौती भी मुंह बाए खड़ी है। Gadi Eisenkot Government Formation
इस्रायल के आंतरिक संकट, सैन्य चुनौतियां और प्रधानमंत्री पद की दौड़ में नए आयाम
गादी आयसेनकोट के कंधों पर केवल एक सरकार बनाने की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि वे ऐसे समय में सत्ता की बागडोर संभालने जा रहे हैं जब इस्रायल चौतरफा सुरक्षा चुनौतियों, कूटनीतिक दबावों और घरेलू सामाजिक-आर्थिक असंतोष से जूझ रहा है। हमास के साथ हुए पिछले संघर्षों और युद्धकालीन कैबिनेट के अनुभवों के बाद, जनता की उम्मीदें इस बात से जुड़ी हैं कि एक पूर्व सैन्य प्रमुख होने के नाते आयसेनकोट देश की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक सटीक और सुव्यवस्थित तरीके से संभालेंगे। इसके अलावा, अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स यहूदियों की सैन्य भर्ती (military conscription) से जुड़े विवादित मुद्दों और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे युद्ध के प्रभावों से निपटना उनकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर होगा। Gadi Eisenkot Government Formation
यदि गादी आयसेनकोट निर्धारित 28 दिनों के भीतर (या राष्ट्रपति द्वारा बढ़ाई जाने वाली अतिरिक्त अवधि में) एक सफल गठबंधन सरकार का गठन करने में कामयाब हो जाते हैं, तो वे इतिहास रच देंगे। वे इस्रायल के इतिहास में पहले ऐसे प्रधानमंत्री बन सकते हैं जो ‘मिझराही’ (Mizrahi—मध्य पूर्व और उत्तर अफ्रीकी देशों से ताल्लुक रखने वाले यहूदी समुदाय) पृष्ठभूमि से आते हैं। इस्रायल की राजनीति में अब तक यूरोपीय मूल के (अश्केनाजी) यहूदियों का वर्चस्व अधिक रहा है, ऐसे में एक मिझराही यहूदी नेता का शीर्ष पद पर पहुंचना सामाजिक और राजनीतिक समावेशिता के लिहाज से एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। देश की जनता जो लंबे समय से राजनीतिक स्थिरता और भ्रष्टाचार के आरोपों से मुक्त प्रशासन की मांग कर रही थी, वह अब इस नए नेतृत्व की ओर बड़ी उम्मीद भरी नजरों से देख रही है। Gadi Eisenkot Government Formation
Michigan US Senate Election Results: चौंकाने वाले चुनावी नतीजे और 5 बड़ी बातें
Ramaswamy: ओहायो चुनाव में ट्रंप की शैली अपनाने पर बड़ा झटका
| पहल / राजनीतिक बिंदु | विवरण और मुख्य तथ्य | इस्रायल पर संभावित प्रभाव |
| सरकार गठन का न्योता | राष्ट्रपति इसाक हर्झोग द्वारा पूर्व सेना प्रमुख गादी आयसेनकोट को सरकार बनाने की आधिकारिक जिम्मेदारी। | नेतन्याहू के लंबे कार्यकाल के बाद सत्ता परिवर्तन की प्रबल संभावना। |
| संसदीय समर्थन आंकड़ा | संसद (क्नेसेट) में आयसेनकोट के पक्ष में 67 सांसदों की अनुशंसा, जबकि नेतन्याहू को केवल 46 का समर्थन। | विपक्षी दलों और अरब गुटों की एकजुटता से बहुमत का समीकरण तैयार। |
| अरब दलों की भूमिका | ‘रआम’ और ‘जॉइंट लिस्ट’ जैसे अरब गुटों का निर्णायक समर्थन, जो इस बदलाव के मुख्य कारक बने। | सरकार के स्थायित्व और वैचारिक विरोधियों के बीच आंतरिक तनाव का जोखिम। |
| नेतन्याहू का विरोध | कार्यवाहक पीएम नेतन्याहू द्वारा अरब समर्थित सरकार को ‘सुरक्षा के लिए खतरा’ बताना। | दक्षिणपंथी दलों और लिकुड पार्टी द्वारा कड़ी राजनीतिक चुनौती। |
| भविष्य की चुनौतियाँ | 28 दिनों के भीतर गठबंधन को अमलीजामा पहनाना, सैन्य भर्ती और आर्थिक संकट से निपटना। | इस्रायल में पहली बार मिझराही मूल के प्रधानमंत्री के आने की ऐतिहासिक उम्मीद। |





