Maurya Enclave robbery case दिल्ली पुलिस ने मौर्य एन्क्लेव लूट मामले का खुलासा करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से शिकायतकर्ता का लूटा हुआ मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी पहले भी 24 से अधिक लूट और झपटमारी के मामलों में शामिल रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने यह बड़ी सफलता हासिल की है। मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस अन्य अपराधों में संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
Maurya Enclave robbery case: घटना का पूरा विवरण
Maurya Enclave robbery case की यह घटना 21 जनवरी 2026 की रात की है, जिसने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया था। शिकायतकर्ता दीपक, जो पीतमपुरा के वरुण निकेतन इलाके में रहते हैं, अपने मित्र की सगाई समारोह से मयापुरी से वापस लौट रहे थे। रात लगभग 11:30 बजे, जब वह आउटर रिंग रोड की सर्विस लेन से होते हुए वरुण निकेतन के मुख्य द्वार के सामने पहुंचे, तभी पेट्रोल पंप की ओर से काले रंग की स्कूटी पर सवार दो युवक उनके पास आए।
पीछे बैठे युवक ने दीपक से नांगलोई जाने का रास्ता पूछा। दीपक जैसे ही रास्ता बताने लगे, स्कूटी चला रहा युवक भी उतर गया और अचानक पीछे से दीपक की गर्दन दबा दी। इस दौरान पीछे बैठे युवक ने दीपक की पैंट की दाहिनी जेब से मोबाइल फोन और बाईं जेब से ₹200 का नोट जबरन निकाल लिया।
Maurya Enclave robbery case घटना इतनी अचानक और हिंसक थी कि दीपक गला दबने के कारण बेहोश होकर अंधेरे क्षेत्र में फुटपाथ पर गिर गए। दोनों आरोपी आउटर रिंग रोड होते हुए मधुबन चौक की ओर फरार हो गए।
घटना के बाद दीपक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर थाना मौर्य एन्क्लेव में एफआईआर नंबर 27/26 दर्ज किया गया। इस एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराएं लगाई गईं और मामले की जांच शुरू की गई।
यह मामला राजधानी दिल्ली में बढ़ती लूट और स्ट्रीट क्राइम की घटनाओं की एक गंभीर मिसाल बन गया था।
Maurya Enclave robbery case: पुलिस टीम और जांच प्रक्रिया
Maurya Enclave robbery case की गंभीरता को देखते हुए थाना मौर्य एन्क्लेव पुलिस ने तुरंत एक विशेष जांच टीम का गठन किया। इस टीम का नेतृत्व निरीक्षक मदन लाल मीणा ने किया, जबकि टीम में उप-निरीक्षक राहुल मलिक, हेड कांस्टेबल साधु राम, विजय, संदीप और मुकेश शामिल थे। पूरी कार्रवाई की निगरानी सहायक पुलिस आयुक्त सृष्टि भट्ट (आईपीएस) द्वारा की जा रही थी।
पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की स्कूटी, उनकी गतिविधियों और घटनास्थल से भागने के मार्ग का पता चला।
इसके साथ ही पुलिस ने स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय किया और संदिग्ध इलाकों में कई छापेमारी की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के संयोजन से आरोपियों की पहचान संभव हो पाई।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपी अजय के कब्जे से शिकायतकर्ता का लूटा हुआ मोबाइल फोन बरामद किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने वारदात को सुनसान जगह और देर रात का फायदा उठाकर अंजाम दिया था।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास और प्रोफाइल
Maurya Enclave robbery case मे गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राज कुमार उर्फ रावण (36 वर्ष) और अजय (24 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी रोहिणी सेक्टर-3 क्षेत्र के निवासी हैं।
राज कुमार उर्फ रावण थाना साउथ रोहिणी का बदमाश चरित्र (BC) घोषित है और लंबे समय से पुलिस के रडार पर था। सत्यापन के दौरान सामने आया कि दोनों आरोपी पहले भी लूट और झपटमारी के 24 से अधिक मामलों में संलिप्त रहे हैं।
क्या न्याय बिका? कोर्ट स्टाफ पर रिश्वतखोरी के आरोपों से मचा हड़कंप 2025 !
राज कुमार के खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह आदतन अपराधी है। वहीं अजय भी पहले 5 से अधिक आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे आसान पैसा कमाने के लिए अपराध करते थे और राहगीरों को निशाना बनाते थे। पुलिस का कहना है कि ऐसे अपराधी समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
दिल्ली में बढ़ते स्ट्रीट क्राइम और पुलिस की रणनीति
Maurya Enclave robbery case मे दिल्ली जैसे महानगर में स्ट्रीट क्राइम एक बड़ी चुनौती बन चुका है। लूट, झपटमारी, चेन स्नैचिंग और मोबाइल चोरी जैसी घटनाएं खासकर रात के समय अधिक होती हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बढ़ती आबादी, बेरोजगारी, नशे की लत और आसान पैसा कमाने की प्रवृत्ति स्ट्रीट क्राइम के प्रमुख कारण हैं। दिल्ली पुलिस ने ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कई विशेष अभियान शुरू किए हैं।
इन अभियानों के तहत:
- रात में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है
- सीसीटीवी निगरानी को मजबूत किया गया है
- अपराधियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है
- बीसी (Bad Character) और हिस्ट्रीशीटर अपराधियों की निगरानी की जा रही है
इस मामले में भी पुलिस ने तकनीकी और पारंपरिक जांच को मिलाकर सफलता हासिल की है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
Maurya Enclave robbery case मे पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(4), 309(6) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा और पुलिस रिमांड की मांग की जा सकती है ताकि अन्य मामलों में उनकी संलिप्तता की जांच की जा सके।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों का किसी बड़े गिरोह से संबंध तो नहीं है। इसके अलावा अन्य लूट और झपटमारी की घटनाओं में भी उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे देर रात अकेले यात्रा करते समय सतर्क रहें, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें और किसी भी आपात स्थिति में 112 नंबर पर कॉल करें।
Maurya Enclave robbery case में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई राजधानी में स्ट्रीट क्राइम के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। दो शातिर अपराधियों की गिरफ्तारी और लूटा हुआ मोबाइल फोन बरामद होना पुलिस की सक्रियता और जांच क्षमता को दर्शाता है। हालांकि, यह घटना यह भी दर्शाती है कि दिल्ली में अपराधियों के हौसले अभी भी बुलंद हैं और पुलिस को लगातार सतर्क रहना होगा।
इस तरह की कार्रवाइयां न केवल अपराधियों में डर पैदा करती हैं बल्कि आम जनता में पुलिस के प्रति भरोसा भी बढ़ाती हैं।
FAQ (Maurya Enclave robbery case)
Q1. Maurya Enclave robbery case क्या है?
उत्तर: यह पीतमपुरा इलाके में हुई लूट की घटना है जिसमें दो बदमाशों ने एक व्यक्ति से मोबाइल और नकदी लूट ली थी।
Q2. दिल्ली पुलिस ने आरोपियों को कैसे पकड़ा?
उत्तर: पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
Q3. गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
उत्तर: राज कुमार उर्फ रावण और अजय, दोनों रोहिणी क्षेत्र के निवासी हैं।
Q4. आरोपियों का आपराधिक इतिहास क्या है?
उत्तर: दोनों आरोपी पहले भी 24 से अधिक लूट और झपटमारी के मामलों में शामिल रहे हैं।
Q5. पुलिस आगे क्या कार्रवाई करेगी?
उत्तर: आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा और अन्य मामलों की जांच जारी है।








