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MP पुलिस कांस्टेबल भर्ती में फर्जीवाड़ा? नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री को घेरा 2025

MP पुलिस कांस्टेबल भर्ती में फर्जीवाड़ा? नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री को घेरा 2025

MP पुलिस: मध्य प्रदेश में एक बार फिर सरकारी भर्ती को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस बार मामला है एमपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती

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MP पुलिस: मध्य प्रदेश में एक बार फिर सरकारी भर्ती को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

MP पुलिस कांस्टेबल भर्ती में फर्जीवाड़ा?
MP पुलिस कांस्टेबल भर्ती में फर्जीवाड़ा?

इस बार मामला है एमपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2023 का, जिसमें फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप लगे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा है और CBI जांच की मांग की है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही भर्ती में गड़बड़ी की शिकायतें

MP पुलिस: मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) द्वारा आयोजित पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2023 के रिजल्ट और चयन सूची पर सवाल खड़े हो गए हैं। कुछ उम्मीदवारों ने आरोप लगाया है कि रिजल्ट में अपारदर्शिता बरती गई और कुछ अपात्र उम्मीदवारों को अनुचित लाभ मिला। सोशल मीडिया पर भी कई छात्रों ने अंकों में गड़बड़ी, नाम में बदलाव और चयन प्रक्रिया में धांधली को लेकर वीडियो और दस्तावेज साझा किए हैं।

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पुलिस भर्ती घोटाले को लेकर नेता प्रतिपक्ष का निशाना

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस पूरे प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा:

“ये घोटाला मुख्यमंत्री के खुद के विभाग में हो रहा है, यानी गृह विभाग में। इससे साफ है कि सरकार की नीयत में खोट है और युवाओं के भविष्य के साथ एक बार फिर खिलवाड़ किया जा रहा है।”

उन्होंने यह भी कहा कि पहले व्यापम घोटाला, फिर नर्सिंग कॉलेज घोटाला और अब यह भर्ती घोटाला – सब यह दर्शाते हैं कि भाजपा सरकार की व्यवस्था में भारी भ्रष्टाचार है।

MP पुलिस

CBI या हाईकोर्ट की निगरानी में जांच की अपील

उमंग सिंघार ने CBI या हाईकोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार के अंतर्गत चल रही एजेंसियां निष्पक्ष जांच नहीं कर सकतीं, इसलिए जरूरी है कि यह मामला केंद्र की जांच एजेंसी CBI को सौंपा जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

कांस्टेबल भर्ती में धांधली से युवाओं में आक्रोश

इस घोटाले से सबसे ज़्यादा प्रभावित वे हजारों युवा उम्मीदवार हैं जिन्होंने पुलिस कांस्टेबल बनने के लिए वर्षों मेहनत की थी। कई उम्मीदवारों का कहना है कि उनके नंबर अच्छे होने के बावजूद चयन सूची में उनका नाम नहीं आया, जबकि कई ऐसे नाम सामने आए हैं जिन्हें कम नंबर के बावजूद चयनित कर लिया गया।

नहीं हुई कार्रवाई तो होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन

कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में सिर्फ बयानबाज़ी नहीं की है, बल्कि वे अब आंदोलन की चेतावनी भी दे रहे हैं। उमंग सिंघार ने कहा कि अगर जल्द इस मामले में उचित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच नहीं की गई, तो कांग्रेस प्रदेशभर में आंदोलन करेगी।

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क्या सिर्फ बयानबाज़ी से सुलझेगा कांस्टेबल भर्ती घोटाला?

इस पूरे विवाद पर अब तक भाजपा या मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से कोई ठोस बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सरकार का यह कहना है कि अगर कोई अनियमितता पाई जाती है, तो जांच कराई जाएगी, लेकिन विपक्ष इसे सिर्फ लीपापोती बता रहा है।

MP पुलिस

क्या इस बार भी दबा दिया जाएगा घोटाले का सच?

MP पुलिस कांस्टेबल भर्ती में सामने आए फर्जीवाड़े के आरोप न सिर्फ सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं, बल्कि यह भी दिखाते हैं कि प्रदेश में युवाओं की मेहनत और उम्मीदों के साथ बार-बार खिलवाड़ किया जा रहा है। अब देखना यह है कि क्या सरकार इस मामले में वास्तव में निष्पक्ष जांच कराएगी या यह भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

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