PM Modi Heads to Uzbekistan के तहत SCO शिखर सम्मेलन में भारत के हाथ लगीं 5 बड़ी खुशखबरियां। आतंकवाद, व्यापार और रूस के साथ रणनीतिक साझेदारी पर बड़ा फैसला।
वैश्विक कूटनीति के पटल पर भारत ने एक बार फिर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए जब PM Modi Heads to Uzbekistan की खबर आई, तो पूरी दुनिया की निगाहें समरकंद और ताशकंद के कूटनीतिक गलियारों पर टिक गईं। यह यात्रा भारत की विदेश नीति, क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास के दृष्टिकोण से अत्यंत ऐतिहासिक साबित हो रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस उज्बेकिस्तान यात्रा का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के रणनीतिक हितों को सुरक्षित करना और पड़ोसी देशों के साथ बहुपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देना है। इस शिखर सम्मेलन के दौरान आतंकवाद से मुकाबले, कनेक्टिविटी बढ़ाने, ऊर्जा सुरक्षा और द्विपक्षीय व्यापार को गति देने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान वैश्विक अस्थिरता के दौर में भारत की यह भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन में स्पष्ट कर दिया है कि भारत क्षेत्र में शांति, समृद्धि और सामूहिक विकास का पक्षधर है। आइए, इस ऐतिहासिक यात्रा के मुख्य पहलुओं, सम्मेलनों के मुख्य फैसलों और भारत को मिलने वाली 5 बड़ी खुशखबरियों पर विस्तार से नजर डालते हैं। PM Modi Heads to Uzbekistan
PM Modi Heads to Uzbekistan का मुख्य एजेंडा और SCO का नया खाका
PM Modi Heads to Uzbekistan की शुरुआत के साथ ही एससीओ सम्मेलन का प्राथमिक एजेंडा सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर केंद्रित हो गया। भारत ने बहुपक्षीय मंच का उपयोग करते हुए क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं (Supply Chains) को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। महामारी और वैश्विक संघर्षों के बाद पैदा हुए आर्थिक संकट से निपटने के लिए भारत ने खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में लचीलापन लाने का प्रस्ताव रखा।
शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैश्विक आर्थिक सुधार के लिए विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला का होना अनिवार्य है। भारत ने एससीओ सदस्य देशों के बीच व्यापार और पारगमन (Transit) को सुगम बनाने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी का आह्वान किया। इसके तहत चाबहार पोर्ट और नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) के पूर्ण उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे मध्य एशियाई देशों के साथ भारत का सीधा संपर्क स्थापित हो सके।
कृषि और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी सहयोग के नए द्वार खुले हैं। भारत ने अपनी डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (Digital Public Infrastructure) जैसे यूपीआई और स्टार्टअप इकोसिस्टम को एससीओ देशों के साथ साझा करने की इच्छा व्यक्त की। इससे मध्य एशियाई देशों में भारतीय कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे और द्विपक्षीय निवेश में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिलेगी।
इसके अतिरिक्त, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणामों से निपटने के लिए भारत द्वारा शुरू किए गए ‘अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन’ और ‘मिलेट्स’ (श्री अन्न) के उपयोग को बढ़ावा देने के प्रस्ताव की भी सराहना की गई। यह उज्बेकिस्तान यात्रा भारत को वैश्विक दक्षिण (Global South) की बुलंद आवाज के रूप में स्थापित करती है। PM Modi Heads to Uzbekistan
PM Modi Heads to Uzbekistan और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक रणनीतिक घोषणा
PM Modi Heads to Uzbekistan के दूसरे चरण में सबसे महत्वपूर्ण चर्चा क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के खात्मे पर केंद्रित रही। शंघाई सहयोग संगठन के ‘क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संरचना’ (RATS) तंत्र के तहत भारत ने आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि आतंकवाद का कोई औचित्य नहीं हो सकता और इसके समर्थकों को बेनकाब करना अनिवार्य है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य शीर्ष नेताओं के साथ हुई द्विपक्षीय बैठकों में सीमा पार आतंकवाद पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में शांति प्रक्रिया को बाधित करने वाली बाहरी ताकतों के वित्तपोषण (Terror Financing) को रोकने के लिए खुफिया जानकारियों के रीयल-टाइम आदान-प्रदान पर सहमति बनी।
- इंटेलिजेंस शेयरिंग: एससीओ देशों के बीच डिजिटल और साइबर अपराधों के साथ-साथ आतंकवाद की वित्तीय फंडिंग रोकने के लिए त्वरित तंत्र की स्थापना।
- रेडिकलाइजेशन पर रोक: युवाओं को वैचारिक कट्टरपंथ से बचाने के लिए सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों को बढ़ावा देना।
- सुरक्षित आपूर्ति मार्ग: व्यापारिक रास्तों को उग्रवादी खतरों से सुरक्षित रखने के लिए संयुक्त सुरक्षा अभ्यास (Joint Military Exercises) का आयोजन।
- ड्रग तस्करी पर लगाम: मध्य एशिया के जरिए होने वाली अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए कठोर सीमा नियंत्रण उपाय।
भारत के इस कड़े और स्पष्ट रुख से पाकिस्तान और चीन जैसे देशों पर भी अप्रत्यक्ष रूप से कूटनीतिक दबाव बना है। भारत ने यह संदेश दिया है कि आर्थिक सहयोग तभी संभव है जब क्षेत्र में शांति और आतंकवाद मुक्त वातावरण सुनिश्चित हो। PM Modi Heads to Uzbekistan
भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई ऊर्जा
उज्बेकिस्तान में आयोजित इस शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता काफी चर्चित रही। दोनों देशों ने दशकों पुरानी अपनी सर्वकालिक मित्रता को दोहराते हुए रक्षा, ऊर्जा और व्यापार क्षेत्र में नए समझौतों को हरी झंडी दिखाई। भारत ने रूस से अपनी ऊर्जा जरूरतों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्थानीय मुद्राओं (रुपया-रूबल) में व्यापार को बढ़ावा देने पर बातचीत की।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक प्रतिबंधों के दौर में भी भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी दृढ़ बनी हुई है। भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए निष्पक्ष विदेश नीति का परिचय दिया है। रूस के साथ मिलकर अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों का भारत में ही निर्माण (Make in India) करने की प्रतिबद्धता को दोहराया गया है, जिससे रक्षा क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ सके।
इसके अलावा, असैन्य परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच नए सहमति पत्रों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। यह वार्ता दर्शाती है कि भारत वैश्विक कूटनीति में किसी एक धड़े का हिस्सा बनने के बजाय अपने राष्ट्रीय हितों और वैश्विक शांति के संतुलन को बखूबी साध रहा है। PM Modi Heads to Uzbekistan
मध्य एशियाई देशों के साथ कनेक्टिविटी और ऐतिहासिक संबंधों का नया अध्याय
उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान, किर्गिस्तान और तुर्कमेनिस्तान जैसे मध्य एशियाई देश भारत के विस्तारित पड़ोस का हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा ने भारत-मध्य एशिया संबंधों में एक नए युग की शुरुआत की है। भारत ने ताशकंद और समरकंद के ऐतिहासिक संबंधों को आधुनिक व्यापारिक और सांस्कृतिक साझेदारी में बदलने का खाका पेश किया। PM Modi Heads to Uzbekistan
भारत ने मध्य एशियाई युवाओं के लिए उच्च शिक्षा, आईटी प्रशिक्षण और चिकित्सा पर्यटन (Medical Tourism) के लिए विशेष वीजा नियमों में ढील देने की घोषणा की है। भारतीय दवा उद्योग (Pharma Sector) के लिए मध्य एशिया एक बड़ा बाजार बनकर उभर रहा है, और इस यात्रा के दौरान कई भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनियों ने स्थानीय स्तर पर विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए उज्बेकिस्तान सरकार के साथ समझौते किए। PM Modi Heads to Uzbekistan
सड़क, रेल और समुद्री मार्गों के जरिए व्यापारिक कनेक्टिविटी बढ़ाना इस दौर की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। ईरान के चाबहार बंदरगाह को अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) से जोड़कर मध्य एशिया तक भारतीय सामानों की पहुंच को सस्ता और तेज बनाने पर आम सहमति बनी। PM Modi Heads to Uzbekistan
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| प्रमुख बिंदु | विवरण / मुख्य जानकारी |
| मुख्य आयोजन | शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन, उज्बेकिस्तान |
| प्रमुख वार्ताकार | पीएम नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन व अन्य SCO नेता |
| सुरक्षा एजेंडा | आतंकवाद (RATS) और ड्रग्स तस्करी के खिलाफ संयुक्त तंत्र |
| आर्थिक समझौते | स्थानीय मुद्रा में व्यापार, चाबहार पोर्ट और INSTC कनेक्टिविटी |
| मुख्य उपलब्धि | मध्य एशिया में भारतीय दवाओं, स्टार्टअप्स और UPI का विस्तार |
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