मार्च 2025 तिमाही: मार्च 2025 तिमाही में शेयर बाजार में आई गिरावट के दौरान दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया और मुकुल अग्रवाल ने अपने पोर्टफोलियो में महत्वपूर्ण बदलाव किए।
कचोलिया ने इस अवसर का लाभ उठाते हुए पांच नए स्टॉक्स में निवेश किया, जबकि अग्रवाल ने कुछ स्टॉक्स में हिस्सेदारी घटाई और कुछ में बढ़ाई। आइए, इन दोनों निवेशकों के पोर्टफोलियो में हुए परिवर्तनों पर एक विस्तृत नजर डालते हैं।
मार्च 2025 तिमाही: आशीष कचोलिया गिरावट में अवसर की तलाश
1. क्वालिटेक लैब्स में 5.07% हिस्सेदारी
कचोलिया ने क्वालिटेक लैब्स में 5,06,400 शेयर खरीदकर 5.07% हिस्सेदारी हासिल की। इस निवेश के बाद कंपनी के शेयरों में लगातार तीन दिनों तक अपर सर्किट लगा, और शेयर की कीमत ₹322 तक पहुंच गई ।
2. क्वाड्रेंट फ्यूचर टेक में 1.9% हिस्सेदारी
कचोलिया ने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर केंद्रित कंपनी क्वाड्रेंट फ्यूचर टेक में 7,64,584 शेयर खरीदकर 1.9% हिस्सेदारी ली। इस निवेश की कुल वैल्यू लगभग ₹40 करोड़ है।
3. थॉमस स्कॉट (इंडिया) में 2.43% हिस्सेदारी
कपड़ा क्षेत्र की कंपनी थॉमस स्कॉट (इंडिया) में कचोलिया ने 3,07,539 शेयर खरीदकर 2.43% हिस्सेदारी ली। मार्च 2025 तिमाही के अंत तक इन शेयरों की कीमत ₹9.3 करोड़ थी।
4. श्री ओएसएफएम ई-मोबिलिटी में 3.63% हिस्सेदारी
कचोलिया ने श्री ओएसएफएम ई-मोबिलिटी में 5,59,700 शेयर खरीदकर 3.63% हिस्सेदारी ली, जिसकी वैल्यू ₹6.5 करोड़ है। यह कंपनी मल्टीनेशनल कंपनियों के कर्मचारियों को ट्रांसपोर्ट सॉल्यूशन प्रदान करती है।
5. कॉनकॉर्ड कंट्रोल सिस्टम्स में 1.21% हिस्सेदारी
कचोलिया ने इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी कॉनकॉर्ड कंट्रोल सिस्टम्स में 76,433 शेयर खरीदकर 1.21% हिस्सेदारी ली, जिसकी वैल्यू ₹8.4 करोड़ है।
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मुकुल अग्रवाल: पोर्टफोलियो में संतुलन की रणनीति
1. नए निवेश
मार्च 2025 तिमाही में मुकुल अग्रवाल ने अपने पोर्टफोलियो में निम्नलिखित कंपनियों को शामिल किया:
- ड्रेजिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया: 1.8% हिस्सेदारी
- ऑलकार्गो गति: 5.4% हिस्सेदारी
- हिंद रेक्टिफायर्स: 1.2% हिस्सेदारी
- जगसनपाल फार्मास्युटिकल्स: 1.8% हिस्सेदारी
- वेस्ट कोस्ट पेपर मिल्स: 1.7% हिस्सेदारी
- क्विक हील टेक्नोलॉजीज: 1.3% हिस्सेदारी
- ओरिएंटल रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर: 5.5% हिस्सेदारी
- PTC इंडस्ट्रीज: 1.2% हिस्सेदारी
इसके अलावा, उन्होंने डिशमैन कार्बोजेन एमसिस, ISMT, और स्ट्राइड्स फार्मा साइंस में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई ।
2. हिस्सेदारी में कमी
अग्रवाल ने निम्नलिखित कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी घटाई:
- पीडीएस: 0.1% कमी
- पिक्स ट्रांसमिशंस: 0.1% कमी
- जेन टेक्नोलॉजीज: 0.2% कमी
- अरमान फाइनेंशियल सर्विसेज: 0.3% कमी
- सिरका पेंट्स इंडिया: 0.3% कमी
- एथोस: 0.6% कमी
- ढाबरिया पॉलीवुड: 1.1% कमी
- शंकरा बिल्डिंग प्रोडक्ट्स: 1.3% कमी
इसके अतिरिक्त, करूर वैश्य बैंक, जेटीईकेटी इंडिया, ऑयन एक्सचेंज, कैपेसाइट इंफ्राप्रोजेक्ट्स, और जेनसॉल इंजीनियरिंग में उनकी हिस्सेदारी 1% से कम हो गई है ।
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शेयर बाजार की गिरावट में कचोलिया ने ढूंढा मुनाफे का मौका
आशीष कचोलिया और मुकुल अग्रवाल जैसे अनुभवी निवेशकों के पोर्टफोलियो में हुए ये बदलाव बाजार की मौजूदा परिस्थितियों के प्रति उनकी रणनीतिक सोच को दर्शाते हैं। जहां कचोलिया ने गिरावट को अवसर में बदलते हुए नए स्टॉक्स में निवेश किया, वहीं अग्रवाल ने अपने पोर्टफोलियो में संतुलन बनाए रखने के लिए कुछ स्टॉक्स में हिस्सेदारी घटाई और कुछ में बढ़ाई।
इन निवेशकों की गतिविधियों पर नजर रखना आम निवेशकों के लिए उपयोगी हो सकता है, लेकिन निवेश के निर्णय स्वयं की रिसर्च और जोखिम सहनशीलता के आधार पर ही लेने चाहिए।








