Customs duty cuts in Budget 2026: बजट में कस्टम ड्यूटी में 50% कटौती से उपभोक्ताओं को राहत

Customs duty cuts in Budget 2026: बजट 2026 में कस्टम ड्यूटी में 50% कटौती की घोषणा, जिससे उपभोक्ताओं को सस्ती आयातित वस्तुएं मिलेंगी।

Customs duty cuts in Budget 2026

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Customs duty cuts in Budget 2026: बजट 2026 में कस्टम ड्यूटी में 50% कटौती की घोषणा, जिससे उपभोक्ताओं को सस्ती आयातित वस्तुएं मिलेंगी।

Customs duty cuts in Budget 2026

1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 प्रस्तुत किया, जिसमें कस्टम ड्यूटी में महत्वपूर्ण कटौती की घोषणा की गई। इस कदम का उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना, उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना और निर्यात को प्रोत्साहित करना है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि ये सुधार अमेरिका के साथ व्यापारिक मुद्दों से प्रभावित नहीं हैं, बल्कि भारत की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति का हिस्सा हैं।

Customs duty cuts in Budget 2026: उपभोक्ताओं को राहत

Customs duty cuts in Budget 2026: बजट 2026 में व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयातित वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी को 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है। इससे मोबाइल फोन, टैबलेट, माइक्रोवेव ओवन और अन्य उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है। उदाहरण के लिए, ₹40,000 मूल्य के एयर कंडीशनर पर कुल करों में ₹5,600 तक की बचत हो सकती है।

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Customs duty cuts in Budget 2026: घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा

Customs duty cuts in Budget 2026: वित्त मंत्री ने बताया कि कस्टम ड्यूटी में ये कटौती घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए की गई हैं। मोबाइल फोन, टैबलेट, माइक्रोवेव ओवन और चमड़े के जूते जैसे उत्पादों के लिए आवश्यक घटकों पर ड्यूटी में कटौती से स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत भारत को वैश्विक विनिर्माण हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

निर्यात को प्रोत्साहन: समुद्री खाद्य और चमड़ा उद्योग

Customs duty cuts in Budget 2026: बजट में समुद्री खाद्य उत्पादों के निर्यात के लिए आवश्यक इनपुट्स के ड्यूटी-फ्री आयात की सीमा को पिछले वर्ष के निर्यात टर्नओवर के 1% से बढ़ाकर 3% कर दिया गया है। इसके अलावा, चमड़े और सिंथेटिक फुटवियर के निर्यात के लिए ड्यूटी-फ्री आयात की सुविधा को शू अपर के निर्यात तक विस्तारित किया गया है। ये उपाय निर्यातकों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेंगे।

ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में प्रोत्साहन

Customs duty cuts in Budget 2026: बजट 2026 में लिथियम-आयन बैटरी और सौर ऊर्जा से संबंधित घटकों के आयात पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। इसके अलावा, नागरिक और रक्षा विमानन के लिए आवश्यक घटकों और पुर्जों के आयात पर भी ड्यूटी में छूट प्रदान की गई है। इन उपायों से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी।

अमेरिका के साथ व्यापारिक मुद्दों का प्रभाव नहीं

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि कस्टम ड्यूटी में ये कटौती अमेरिका के साथ व्यापारिक मुद्दों से प्रभावित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ये सुधार पिछले दो वर्षों से चल रही प्रक्रिया का हिस्सा हैं और भारत की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति के तहत किए गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि भारत अपने व्यापारिक निर्णयों में स्वतंत्र और आत्मनिर्भर है।

बिंदुविवरण
व्यक्तिगत उपयोग के लिए कस्टम ड्यूटी20% से घटाकर 10%
प्रभावित उत्पादमोबाइल फोन, टैबलेट, माइक्रोवेव ओवन, चमड़े के जूते
समुद्री खाद्य निर्यात के लिए ड्यूटी-फ्री आयात सीमा1% से बढ़ाकर 3%
ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में ड्यूटी छूटलिथियम-आयन बैटरी, सौर ऊर्जा घटक, विमानन पुर्जे
अमेरिका के साथ व्यापारिक मुद्दों का प्रभावनहीं

5 FAQ (Customs duty cuts in Budget 2026)

Q1: बजट 2026 में कस्टम ड्यूटी में क्या बदलाव किए गए हैं?

A1: बजट 2026 में व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयातित वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी को 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को सस्ती आयातित वस्तुएं मिलेंगी।

Q2: कस्टम ड्यूटी में कटौती से कौन-कौन से उत्पाद सस्ते होंगे?

A2: मोबाइल फोन, टैबलेट, माइक्रोवेव ओवन, चमड़े के जूते और अन्य उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है।

Q3: क्या कस्टम ड्यूटी में ये कटौती अमेरिका के साथ व्यापारिक मुद्दों से प्रभावित हैं?

A3: नहीं, वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि ये सुधार भारत की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति का हिस्सा हैं और अमेरिका के साथ व्यापारिक मुद्दों से प्रभावित नहीं हैं।

Q4: निर्यातकों के लिए बजट 2026 में क्या प्रावधान किए गए हैं?

A4: समुद्री खाद्य और चमड़ा उद्योग के निर्यातकों के लिए ड्यूटी-फ्री आयात की सीमा बढ़ाई गई है, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।

Q5: ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में बजट 2026 के तहत क्या प्रोत्साहन दिए गए हैं?

A5: लिथियम-आयन बैटरी, सौर ऊर्जा घटकों और विमानन पुर्जों के आयात पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है, जिससे इन क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

'50 सीटों' का फॉर्मूला 1 'NFS कांग्रेस की देन है' धर्मेंद्र प्रधान का पलटवार 1 'अपरिवर्तनीय' शब्द का प्रभाव 1 'अपरिवर्तनीय' शब्द के प्रयोग मात्र से पावर ऑफ अटॉर्नी अपरिवर्तनीय नहीं 1 'अब का सलाद खईब' गाने से मनोज तिवारी ने दिखाया महंगाई का दर्द 1 'आतंकवादी' शब्द ने बिगाड़ा माहौल 1 'आप' और बीजेपी के बीच मुकाबला 1 'कस्टम अधिकारी' 'पुलिस अधिकारी' नहीं 1 'कांग्रेस को पीलिया हो गया है' 1 'केसरी चैप्टर 2' का ट्रेलर दर्शकों के दिलों को कर गया छू 1 'गलती से मिस्टेक' 1 'जलसा' बंगला श्वेता बच्चन को किया गिफ्ट? 1 'जाट' की रिलीज से पहले उठे सवाल क्या कला और आस्था के बीच संभव है संतुलन? 1 'जाट' टाइटल पर रणदीप हुड्डा का तीखा जवाब "पहचान खुद फिल्म में सामने आएगी" 1 'जुमलों पर झाड़ू चलाएंगे फिर केजरीवाल को लाएंगे' 1 'ट्रिपल इंजन' सरकार की दिशा में सुदृढ़ कदम 1 'देवा' फिल्म की स्क्रीनिंग में रुकावट से अली गोनी का गुस्सा INOX को किया निशाना 1 'पराक्रमो विजयते' बोले अखिलेश यादव 1 'पुष्पा' पर बड़े प्रड्यूसर की विवादित टिप्पणी 1 'बड़ा भाई' 1 'बिग बॉस 18' के विनर बने करण 1 'बिग बॉस 18' में भी दिखा था अनोखा रिश्ता 1 'बिग बॉस 18' से बनी दोस्ती 1 'बिस्मिल्लाह' के साथ मां बनने की भावुक घोषणा 1 'बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट' का नारा 0 'भूल भुलैया 2' की सफलता और तैमूर का प्यार 1 'भूल भुलैया 2'और 'भूल भुलैया 3' की सफलता 1 'मर्दानी' फ्रेंचाइजी की वापसी का ऐलान 1 'मुफ्त की रेवड़ी' आरोपों पर भाजपा को जवाब 1 'मैया यशोदा' गाने की शूटिंग के दौरान क्या हुआ था? 1 'मोहल्ला बस' से 'नमो बस सेवा' तक 1 'रावण के वंशज' आरोप 1 'लाफ्टर शेफ्स 2' में बर्थडे सेलिब्रेशन 0

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5 बड़े कारण: Gold Silver Price Today में तेज उतार-चढ़ाव, जानिए सोना खरीदना फायदेमंद है या नहीं

Gold Silver Price Today India एक बार फिर निवेशकों और आम लोगों के बीच चर्चा का

5 बड़े कारण: Gold Silver Price Today में तेज उतार-चढ़ाव, जानिए सोना खरीदना फायदेमंद है या नहीं

Gold Silver Price Today India एक बार फिर निवेशकों और आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कभी कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचती हैं तो कभी अचानक गिरावट आ जाती है। आखिर Gold Silver Price Today में इतनी अस्थिरता क्यों है? डॉलर इंडेक्स, ब्याज दरें, वैश्विक हालात और निवेशकों की रणनीति इसमें क्या भूमिका निभा रही है? इस रिपोर्ट में जानिए आज के सोने-चांदी के भाव, कीमतों में बदलाव की वजह, आगे का अनुमान और क्या इस समय सोना या चांदी खरीदना सही फैसला होगा।

5 बड़े कारण: Gold Silver Price Today में तेज उतार-चढ़ाव, जानिए सोना खरीदना फायदेमंद है या नहीं

Gold Silver Price Today India: आज के बाजार का हाल क्या है?

Gold Silver Price Today India को लेकर सर्राफा बाजार में सुबह से ही हलचल बनी हुई है। आज देश के प्रमुख शहरों—दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई—में सोने और चांदी की कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। 24 कैरेट सोने के दाम कभी ऊपर जाते दिखे तो कभी मामूली गिरावट के साथ स्थिर हो गए। वहीं चांदी की कीमतों में अपेक्षाकृत ज्यादा अस्थिरता देखने को मिली।

बाजार जानकारों के मुताबिक, मौजूदा हालात में निवेशक बेहद सतर्क हैं। अंतरराष्ट्रीय संकेतों का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ रहा है। अमेरिका और यूरोप से आने वाले आर्थिक आंकड़े, डॉलर की चाल और वैश्विक महंगाई के आंकड़े सोने-चांदी की दिशा तय कर रहे हैं।

सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि शादी-ब्याह के सीजन में भले ही मांग बनी हुई है, लेकिन ऊंची कीमतों की वजह से खरीदार सोच-समझकर खरीदारी कर रहे हैं। यही वजह है कि Gold Silver Price Today India में तेजी और मंदी दोनों का असर एक साथ नजर आ रहा है।

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Gold Silver Price Today India: कीमतों में उतार-चढ़ाव के 5 बड़े कारण

Gold Silver Price Today India में उतार-चढ़ाव के पीछे सिर्फ एक वजह नहीं, बल्कि कई फैक्टर काम कर रहे हैं।

डॉलर इंडेक्स की मजबूती

जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो सोना और चांदी महंगे हो जाते हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग घटती है और कीमतों पर दबाव पड़ता है।

ब्याज दरों की अनिश्चितता

अमेरिकी फेडरल रिजर्व और अन्य केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीति सोने-चांदी की कीमतों को सीधे प्रभावित करती है। ऊंची ब्याज दरें निवेशकों को बॉन्ड और अन्य साधनों की ओर आकर्षित करती हैं।

वैश्विक आर्थिक हालात

युद्ध, भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक मंदी की आशंका के समय सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है, जिससे कीमतें बढ़ती हैं।

औद्योगिक मांग

चांदी एक औद्योगिक धातु भी है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटो सेक्टर में मांग घटने-बढ़ने से Silver Price Today में ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है।

घरेलू मांग और टैक्स

भारत में आयात शुल्क, GST और स्थानीय मांग भी Gold Silver Price Today India को प्रभावित करते हैं।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

मौजूदा हालात में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या अभी सोना या चांदी खरीदना सही रहेगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो सोना अब भी एक सुरक्षित विकल्प है। हालांकि एकमुश्त निवेश की बजाय SIP या चरणबद्ध खरीद बेहतर रणनीति मानी जा रही है।

चांदी में निवेश करने वालों को थोड़ा ज्यादा सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि इसमें उतार-चढ़ाव की संभावना ज्यादा रहती है। छोटे निवेशक Silver ETF या डिजिटल सिल्वर जैसे विकल्पों पर भी विचार कर सकते हैं।

आगे क्या? सोने-चांदी का आउटलुक

आने वाले दिनों में Gold Silver Price Today India की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर निर्भर करेगी। अगर अमेरिका से महंगाई के आंकड़े कमजोर आते हैं या ब्याज दरों में कटौती के संकेत मिलते हैं, तो सोने को सपोर्ट मिल सकता है।

वहीं चांदी की कीमतें औद्योगिक मांग और वैश्विक ग्रोथ आउटलुक से जुड़ी रहेंगी। कुल मिलाकर, बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।

क्या अभी खरीदारी करनी चाहिए?

अगर आप गहनों के लिए सोना खरीद रहे हैं, तो कीमतों में गिरावट के दौरान खरीदारी करना समझदारी हो सकती है। निवेश के लिहाज से, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जल्दबाजी से बचें और बाजार के ट्रेंड को समझकर कदम उठाएं।

City24K Gold (₹)22K Gold (₹)Change
Delhi63,45058,200↕ Volatile
Mumbai63,30058,050↕ Volatile
Chennai63,60058,350↕ Volatile
Kolkata63,40058,150↕ Volatile
Bengaluru63,35058,100↕ Volatile
Hyderabad63,30058,050↕ Volatile

FAQ

1️⃣ Gold & Silver Price Today India क्यों बदलते रहते हैं?

सोने और चांदी की कीमतें डॉलर इंडेक्स, अंतरराष्ट्रीय बाजार, ब्याज दरों, महंगाई के आंकड़ों और घरेलू मांग के कारण रोज़ बदलती रहती हैं।

2️⃣ क्या आज सोना खरीदना सही फैसला है?

विशेषज्ञों के अनुसार, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना अब भी सुरक्षित विकल्प है, लेकिन एकमुश्त निवेश की बजाय चरणबद्ध खरीद (Buy on Dip) बेहतर मानी जाती है।

3️⃣ चांदी की कीमत में उतार-चढ़ाव ज्यादा क्यों होता है?

चांदी एक औद्योगिक धातु भी है। इसकी मांग सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटो सेक्टर से जुड़ी होती है, इसलिए इसकी कीमतें सोने की तुलना में ज्यादा तेजी से बदलती हैं।

4️⃣ अंतरराष्ट्रीय बाजार का भारत में गोल्ड-सिल्वर की कीमतों पर क्या असर पड़ता है?

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने-चांदी के भाव, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतें सीधे तौर पर भारत में गोल्ड-सिल्वर रेट को प्रभावित करती हैं।

5️⃣ निवेश के लिए सोना बेहतर है या चांदी?

जो निवेशक कम जोखिम चाहते हैं उनके लिए सोना बेहतर है, जबकि ज्यादा रिटर्न और जोखिम लेने वालों के लिए चांदी एक विकल्प हो सकती है।